
देशभर में लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और ओडिशा भी इससे अछूता नहीं है। राज्य के स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने शुक्रवार को भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए 27 अप्रैल से सभी सरकारी, सरकारी-सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी। यह फैसला विद्यालय एवं जन शिक्षा विभाग की सिफारिश पर लिया गया, जो छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देता है।
मुख्यमंत्री की मंजूरी
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि मांझी ने स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी प्रदान कर दी। राज्य के शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार को राज्य शिक्षा परिषद (SRC) के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। “मुख्यमंत्री ने छात्रों की भलाई को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों को हरी झंडी दे दी,” गोंड ने कहा। यह घोषणा राज्य के नौ जिलों में पहले से चल रही स्थानीय छुट्टियों के बाद आई है, जहां संबलपुर, बलांगीर और ढेंकनाल जैसे क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका था।
गर्मी का प्रकोप
ओडिशा में अप्रैल माह से ही गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया था। राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव की चपेट में आने से स्कूल प्रबंधनों को पहले ही सुबह 6:30 से 9:30 बजे तक ही कक्षाएं चलाने के निर्देश जारी किए गए थे। ढेंकनाल जिले में तो लू के कारण आंगनवाड़ी केंद्रों सहित सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
कलेक्टरों की रिपोर्टों के आधार पर यह निर्णय लिया गया था, जैसा कि शिक्षा मंत्री ने कुछ दिन पहले ही संकेत दिया था। इन अस्थायी उपायों के बावजूद तापमान में कोई कमी न आने पर पूर्ण छुट्टियों का ऐलान जरूरी हो गया।
परीक्षाएं जारी रहेंगी
महत्वपूर्ण बात यह है कि छुट्टियों के बावजूद कुछ गतिविधियां निर्बाध जारी रहेंगी। बयान में कहा गया है कि पूर्व-निर्धारित परीक्षाएं, जनगणना कार्य और अन्य आधिकारिक कार्यक्रम निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार चलते रहेंगे। इसका मतलब है कि बोर्ड परीक्षाओं या अन्य महत्वपूर्ण मूल्यांकनों में शामिल छात्रों को अपने शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था छात्रों के शैक्षणिक कैलेंडर को पटरी पर रखने के लिए अपनाई गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छुट्टी केवल नियमित कक्षाओं के लिए है, ताकि गर्मी से बचाव हो सके।
देशव्यापी संदर्भ
यह घोषणा देश के अन्य राज्यों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। भारत के आधे से अधिक राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी 40 से 45 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जा रहा है। इन राज्यों में भी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का ऐलान होने की संभावना है।
ओडिशा का यह कदम अन्य सरकारों के लिए एक मिसाल पेश करता है, जहां जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की तीव्रता हर साल बढ़ रही है। पिछले वर्षों की तुलना करें तो 2025 में छुट्टियां 23 अप्रैल से शुरू हुई थीं, जबकि 2024 में 25 अप्रैल से। इस बार की अग्रिम घोषणा हीटवेव की गंभीरता को दर्शाती है।
छात्रों व अभिभावकों को राहत
ओडिशा सरकार का यह फैसला न केवल छात्रों को लू से बचाएगा, बल्कि अभिभावकों की चिंताओं को भी कम करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों को घर पर रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। राज्य के मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं बताई है, जिससे छुट्टियों का महत्व और बढ़ जाता है। अभिभावक और छात्र अब गर्मी की छुट्टियों का आनंद ले सकेंगे, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर न पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। आधिकारिक अपडेट के लिए स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग की वेबसाइट पर नजर रखें।





