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Govt Employees News: सरकारी कर्मचारियों की हुई बल्ले-बल्ले! राज्य सरकार ने दी बड़ी मंजूरी, अब नौकरी के साथ कर सकेंगे ये काम

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने नगर विकास विभाग का विवादित आदेश रद्द कर प्रतियोगी परीक्षाओं पर लगे प्रतिबंध हटा दिए। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने 1.25 करोड़ बीमा कवर समेत वित्तीय पैकेज मंजूर किया। ये कदम करियर वृद्धि और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। कर्मचारियों में उत्साह, राज्य सरकारें नीतिगत बदलावों से सम्मान बढ़ा रही हैं।

By Pinki Negi

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सरकारी नौकरी करने वालों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने कार्यभार संभालते ही नगर विकास विभाग के एक विवादित आदेश को रद्द कर दिया है, जिससे कर्मचारियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार शामिल होने की खुली छूट मिल गई। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए 1 से 1.25 करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर समेत वित्तीय सुरक्षा पैकेज की बड़ी मंजूरी दी है। ये फैसले न केवल कर्मचारियों के करियर और आर्थिक भविष्य को मजबूत करेंगे, बल्कि राज्य सरकारों की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का भी प्रतीक हैं।

बिहार का विवादित आदेश क्या था?

बिहार में यह राहत 6 अप्रैल 2026 को जारी नगर विकास विभाग के उस सख्त आदेश को निरस्त करने से मिली, जिसमें कहा गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने सेवाकाल में विभागीय या प्रतियोगी परीक्षा में केवल एक बार ही शामिल हो सकेगा। आदेश के अनुसार, पहली परीक्षा के बाद किसी अन्य परीक्षा में बैठना पूरी तरह प्रतिबंधित था। उल्लंघन करने पर नौकरी से इस्तीफा तक देना पड़ सकता था।

इस फैसले ने राज्य भर के हजारों कर्मचारियों में व्यापक असंतोष पैदा कर दिया था। उनका तर्क था कि यह उनकी करियर ग्रोथ को सीमित करता है, खासकर ऐसे दौर में जब प्रमोशन और बेहतर पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं ही एकमात्र रास्ता हैं। कई कर्मचारी संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और आदेश को वापस लेने की मांग तेज कर दी। मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में गर्माता चला गया।

सम्राट चौधरी सरकार का त्वरित फैसला

नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत कार्रवाई की। नगर विकास विभाग ने आदेश को औपचारिक रूप से वापस ले लिया, जिसकी आधिकारिक घोषणा हाल ही में हुई। अब कर्मचारी बिना किसी डर के विभागीय परीक्षाओं, UPSC, BPSC जैसी केंद्रीय या राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में जितनी बार चाहें उतनी बार शामिल हो सकेंगे। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए वरदान है जो लंबे समय से नौकरी में अटके हैं और उच्च पदों पर पहुंचने के इच्छुक हैं।

पटना में कर्मचारी यूनियन के एक नेता ने कहा, “यह फैसला हमारी लंबी लड़ाई की जीत है। अब युवा कर्मचारी अपनी योग्यता साबित कर सकेंगे, बिना नौकरी के डर के।” हालांकि, केंद्रीय नियमों के तहत कर्मचारियों को अभी भी दूसरी नौकरी या व्यवसाय करने के लिए पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन परीक्षा की स्वतंत्रता से उनका मनोबल बढ़ेगा।

छत्तीसगढ़ का क्रांतिकारी वित्तीय पैकेज

इधर, छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने 22 दिसंबर 2025 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ MoU साइन कर एक क्रांतिकारी कदम उठाया। 4 जनवरी 2026 से प्रभावी इस योजना में नियमित सरकारी कर्मचारियों को जिनका वेतन इन बैंकों से आता है, उन्हें मुफ्त में करोड़ों का वित्तीय कवच मिलेगा। मुख्य आकर्षण दुर्घटना बीमा कवर है, जो 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये तक उपलब्ध है।

‘गोल्डन आवर’ सुविधा के तहत दुर्घटना के तुरंत बाद 1 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज संभव होगा। बालिका विवाह के लिए 10 लाख और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। स्वास्थ्य बीमा पर टॉप-अप प्लान रियायती दरों पर मिलेंगे, जिससे कर्मचारी मौजूदा पॉलिसी को आसानी से मजबूत कर सकेंगे।

कर्मचारियों तक पहुंचेगी योजना

सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, कलेक्टरों और जिला पंचायत CEO को निर्देश जारी किए हैं कि इस योजना की जानकारी अंतिम छोर के कर्मचारी तक पहुंचे। रायपुर में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह पैकेज कर्मचारियों और उनके परिवार को अप्रत्याशित वित्तीय संकटों से बचाएगा। MoU से बैंकों को भी लाभ होगा, क्योंकि वेतन खाते बढ़ेंगे।” छत्तीसगढ़ के इस कदम को अन्य राज्य अपना सकते हैं।

कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का नया दौर

ये दोनों फैसले दर्शाते हैं कि राज्य सरकारें अब कर्मचारियों को न केवल सेवा के बदले सम्मान दे रही हैं, बल्कि उनके भविष्य की चिंता भी कर रही हैं। बिहार में करियर का द्वार खुलने से हजारों परिवार लाभान्वित होंगे, तो छत्तीसगढ़ में आर्थिक सुरक्षा से निश्चिंतता आएगी। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अनुशासन बना रहे। कुल मिलाकर, सरकारी कर्मचारियों की ‘बल्ले-बल्ले’ अब जोरदार है- एक ओर परीक्षा की आजादी, दूसरी ओर बीमा का कवच।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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