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Soft Drink War: कोक, पेप्सी और कैंपा के बीच छिड़ी ‘कोल्ड वॉर’! ₹10 वाली बोतलों ने बाजार में मचाया तहलका, जानें कौन जीतेगा जंग

भारत के गर्मियों भरे बाजार में कोका-कोला, पेप्सी और रिलायंस की कैंपा के बीच ₹10 वाली बोतलों की जंग ने सॉफ्ट ड्रिंक इंडस्ट्री को उबाल पर ला दिया है। क्रिसिल रिपोर्ट के अनुसार नए प्लेयर्स ने मार्केट शेयर 2% से बढ़ाकर 6-7% कर लिया। कैंपा का सस्ता दांव ग्रामीण इंपल्स खरीदारी हाईजैक कर रहा है, जबकि MNCs जीरो-शुगर वेरिएंट्स से जवाब दे रहे हैं। गर्मी में 15% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद, लेकिन कॉस्ट प्रेशर से मुनाफा 250 bps गिर सकता है।

By Pinki Negi

Soft Drink War: कोक, पेप्सी और कैंपा के बीच छिड़ी 'कोल्ड वॉर'! ₹10 वाली बोतलों ने बाजार में मचाया तहलका, जानें कौन जीतेगा जंग

भारत के गर्मियों भरे बाजार में कोका-कोला, पेप्सी और रिलायंस की कैंपा के बीच कीमतों की जंग ने सॉफ्ट ड्रिंक इंडस्ट्री को उबाल पर ला दिया है। ₹10 वाली 200 मिलीलीटर बोतलों ने खासकर ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में इंपल्स खरीदारी को हाईजैक कर लिया है, जहां छात्र, मजदूर और रोजमर्रा के उपभोक्ता इस सस्ते लालच में फंस रहे हैं।

क्रिसिल रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नए प्लेयर्स जैसे कैंपा, अमूल और पारले ने ₹10-20 के लोकप्रिय प्राइस पॉइंट्स पर कब्जा जमाते हुए मार्केट शेयर को FY24 के 2% से बढ़ाकर 6-7% कर दिया है। यह ‘कोल्ड वॉर’ न सिर्फ वॉल्यूम बढ़ा रही है, बल्कि मल्टीनेशनल दिग्गजों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर कर रही है।

कैंपा का धमाका और दिग्गजों का जवाब

कैंपा ने 2023 में ₹10 की PET बोतल लॉन्च कर बाजार में धमाल मचाया, जो रिलायंस की जियो-स्टाइल प्राइसिंग का नमूना था। मुकेश अंबानी की कंपनी ने डबल मात्रा (₹20 में 500 मिली) और रिटेलर मार्जिन बढ़ाकर तेजी से विस्तार किया, खासकर आंध्र प्रदेश जैसे हॉटस्पॉट्स में। जवाब में कोका-कोला ने थम्स अप एक्स फोर्स, कोक जीरो, स्प्राइट जीरो जैसे नो-शुगर वेरिएंट्स ₹10 में उतारे, जबकि पेप्सी ने आंध्र से शुरूआत कर नो-शुगर 200 मिली बोतलें सस्ती कीं।

जीरो-शुगर सेगमेंट 2025 में पांच साल के हाई पर पहुंचा, कोक की कुल बिक्री का 30% हिस्सा बन गया, जिसमें डाइट कोक की सेल्स दोगुनी हुई। TABP के फाउंडर प्रभु गांधी कुमार का कहना है, “भारत का स्वाद रीजनल है। देसी ब्रांड्स लोकल बारीकियों को पकड़ते हैं, जो MNCs के लिए चुनौती है।” उनके ब्रांड को प्रमुख रीजन्स में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है।

गर्मी का बूस्टर और कॉस्ट का दबाव

क्रिसिल रिपोर्ट में साफ है कि गर्मी के 40% सेल्स शेयर के बीच वॉल्यूम 2-4% बढ़ेगा, रेवेन्यू ग्रोथ 15% तक पहुंचेगी। लेकिन पश्चिम एशिया संकट से कच्चे तेल कीमतें चढ़ने से पैकेजिंग कॉस्ट (कुल का 20-22%) बढ़ी, मुनाफा 250 bps गिर सकता है। फिर भी, पूरे देश में फैले बॉटलर्स की प्राइसिंग पावर और स्केल से कैश फ्लो मजबूत रहेगा। डायरेक्टर शौनाक चक्रवर्ती बताते हैं, “कंपनियां बॉटलिंग कैपेसिटी 30-35% बढ़ा चुकी हैं, कोल्ड चेन मजबूत हुई है।”

एसोसिएट डायरेक्टर रुचा नारकर का मानना है कि कंपटीशन से प्राइस हाइक मुश्किल, लेकिन जीरो-शुगर फोकस और बल्क खरीद से मार्जिन 15-16% पर टिकेगा। लोन/EBITDA 0.9-1.0x और ब्याज कवरेज 10-11x सुधरेगा।

लंबी दौड़ का फैसला

कैंपा ने ₹1000 करोड़ रेवेन्यू पार कर कई राज्यों में 10% शेयर छीन लिया, लेकिन कोक-पेप्सी का डिस्ट्रिब्यूशन और ब्रांड ट्रस्ट बेजोड़ है। रीजनल फ्लेवर्स जैसे लहौरी जीरा उभर रहे हैं। लंबी दौड़ में MNCs जीतेंगी, पर कैंपा जैसी देसी ताकतें बाजार को री-डिफाइन कर रही हैं। गर्मी की इस जंग में उपभोक्ता सस्ते स्वाद का फायदा उठाएंगे, लेकिन इंडस्ट्री कैपेक्स हाई रखेगी- विजी-कूलर्स और आउटलेट्स बढ़ेंगी। क्या यह वॉर स्थायी बदलाव लाएगी? समय बताएगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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