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Smart Meter Update: अब ग्राहकों की चलेगी मर्जी! स्मार्ट मीटर को प्रीपेड रखें या पोस्टपेड, बिजली विभाग ने दिया ये बड़ा विकल्प

बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर पर अब “मर्जी” का असली मतलब सामने आ गया है। स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य रहेगा, लेकिन उसे पोस्टपेड या प्रीपेड मोड में चलाने का फैसला अब उपभोक्ता खुद करेगा। इस 4 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के बाद प्रीपेड अनिवार्यता हट गई है, जिससे लाखों परिवारों को शुरू से ही अपना भुगतान तरीका चुनने की आज़ादी मिली है।

By Pinki Negi

Smart Meter Update: अब ग्राहकों की चलेगी मर्जी! स्मार्ट मीटर को प्रीपेड रखें या पोस्टपेड, बिजली विभाग ने दिया ये बड़ा विकल्प

देश भर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए केंद्रीय विद्युत मंत्रालय और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए संशोधन के ज़रिए एक बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि अब स्मार्ट मीटर को प्रीपेड या पोस्टपेड रखना केवल और केवल उपभोक्ता की “मर्जी” होगी। स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य रहेगा, लेकिन उसे प्रीपेड रूप में चलाना है या पोस्टपेड, यह फैसला अब आपके हाथ में है। इस नियम में ऐतिहासिक बदलाव के बाद ‘अनिवार्य प्रीपेड’ की शर्त खत्म कर दी गई है, जिससे लाखों परिवारों को अपने बिजली पेमेंट तरीके के लिए आज़ादी मिल गई है।

टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर लगाना

स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बिजली विभाग की ओर से तय दिन आने पर टेक्नीशियन आपके घर एनालॉग या पुराने मीटर की जगह डिजिटल‑स्मार्ट मीटर लगा देगा, लेकिन उस मीटर को प्रीपेड या पोस्टपेड मोड में सेट करने का अधिकार उसके पास नहीं है। वह सिर्फ हार्डवेयर बदलता है, बिलिंग मोड तय करना पूरी तरह बिजली विभाग और उपभोक्ता के बीच ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया पर निर्भर है। अधिकारियों का साफ निर्देश है कि उपभोक्ता टेक्नीशियन को मीटर लगाने दें, बाद में ऐप या ऑफिस के ज़रिए अपना विकल्प चुन लें।

पोस्टपेड मोड

पोस्टपेड स्मार्ट मीटर का तरीका पारंपरिक बिल सिस्टम की तरह ही होगा। हर बिलिंग साइकिल के अनुसार आपकी बिजली खपत की रिपोर्ट तैयार होगी और महीने के आखिर में इलेक्ट्रॉनिक बिल भेजा जाएगा। अगर आपका बिल देर से भरा जाता है तो उस पर चक्रवृद्धि ब्याज लग सकता है, जो पहले से चली आ रही विभागीय नीति के तहत ही रहेगा। इस तरह पोस्टपेड स्मार्ट मीटर वाले ग्राहकों को वही सुविधाएं मिलती हैं जो पुराने मीटर वालों को मिलती थीं, बस इतना फर्क रहेगा कि रीडिंग ऑटो‑आधारित होगी, इंसानी गलती या “रीडर न मिलना” जैसे झंझट खत्म हो जाएंगे।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर

दूसरी तरफ प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपने साथ बहुत ज़्यादा आधुनिक सुविधाएं लेकर आया है। जैसे ही आप अपने स्मार्ट मीटर को प्रीपेड रखेंगे, आपके लिए बिजली विभाग के ऐप या वेबसाइट पर रियल‑टाइम में बिजली खपत दिखना शुरू हो जाएगी। आपको हर यूनिट की खपत, बचे हुए बैलेंस और रिचार्ज का इतिहास स्क्रीन पर साफ दिखेगा। रिचार्ज भी केवल मोबाइल से होगा, लंबी लाइन या बिजली ऑफिस की भीड़ से छुटकारा मिलेगा।

कई राज्य सरकारों ने तो इस व्यवस्था को और बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन रिचार्ज पर छोटी‑मोटी छूट या बोनस जैसे ऑफर भी दिए हैं, ताकि उपभोक्ता अपने खर्च को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकें।

स्मार्ट मीटर

बिजली विभाग के अधिकारी इस बदलाव को न सिर्फ “उपभोक्ता सुविधा” बल्कि “देश की बिजली बचत और एनर्जी एफिशिएंसी” की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं। अब जब आप अपने मीटर को प्रीपेड रखेंगे तो आपको रियल‑टाइम खपत दिखेगी, जिससे आप खुद अनावश्यक AC, गीज़र या अन्य उपकरणों का उपयोग सीमित करने में सक्षम हो जाएंगे। इससे न केवल आपका महीनेदार बिल कम होगा, बल्कि ग्रिड पर अनावश्यक दबाव भी कम होगा।

स्मार्ट मीटर सिर्फ एक “रीडिंग लेने वाला उपकरण” है, यह बिजली की दर (टैरिफ) नहीं निर्धारित करता। टैरिफ का फैसला राज्य विद्युत विनियामक आयोग करता है, इसलिए प्रीपेड या पोस्टपेड होने से जो बदलाव आएगा वह “भुगतान का ढांचा और खपत की निगरानी” में होगा, दरों में नहीं।

अफवाहों से बचने और स्मार्ट बचत की अपील

अफवाहों और भ्रम से बचने की अपील करते हुए विभाग ने ज़ोर देकर कहा है कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह के अफवाह में नहीं आना चाहिए। स्मार्ट मीटर न तो आपके घर की बिजली बंद करने वाला ऐप है और न ही आप पर दबाव बनाने वाला उपकरण; बल्कि यह एक निष्पक्ष और सटीक डिजिटल सिस्टम है जो आपको अपने बिजली खर्च पर पूरा नियंत्रण देता है।

जब आप खपत घटाते हैं तो न सिर्फ अपने बिल से बचत होती है, बल्कि जनता के पैसे से बिजली खरीदने वाले डिस्कॉम को भी आर्थिक राहत मिलती है और देश की ऊर्जा‑सुरक्षा मजबूत होती है। इस तरह स्मार्ट मीटर जनता और सरकार दोनों के लिए “स्मार्ट बचत” बनकर सामने आ रहा है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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