
बच्चों के लिए निवेश की बात अक्सर स्कूल फीस, कोचिंग, कॉलेज और भविष्य की बड़ी जरूरतों तक सीमित रह जाती है। लेकिन सितंबर 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लॉन्च की गई NPS वत्सल्य स्कीम इस सोच को एक कदम आगे ले जाती है। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार यह योजना सिर्फ बचत का साधन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए लंबे समय में पूंजी बनाने और अनुशासित निवेश की आदत डालने का एक मजबूत माध्यम बनकर सामने आई है।
लचीलापन और अनुशासन
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी लचीलापन और नियमों का संतुलन है। माता-पिता या अभिभावक बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं और बहुत छोटी रकम, यानी सालाना सिर्फ ₹250 से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि बड़े निवेश की क्षमता न होने पर भी परिवार शुरुआत कर सकते हैं। यही वजह है कि यह योजना मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भी आकर्षक बनती है।
पैसा बच्चे के नाम
NPS वत्सल्य का ढांचा इसे साधारण बचत योजना से अलग बनाता है। यह पैसा सीधे बच्चे के नाम पर जमा होता है, हालांकि खाते का संचालन माता-पिता करते हैं। इसमें केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि दादा-दादी, रिश्तेदार और दोस्त भी योगदान दे सकते हैं। जन्मदिन, त्योहार या खास मौकों पर मिलने वाली रकम को इस फंड में जोड़कर बच्चे के भविष्य के लिए एक बड़ा कोष तैयार किया जा सकता है।
18 साल बाद बदलाव
इस योजना की सबसे अहम बात यह है कि बच्चा 18 साल का होते ही खाता अपने आप रेगुलर NPS Tier-I में बदल जाता है। इसके लिए नया खाता खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और निवेश की प्रक्रिया बिना रुकावट जारी रहती है। यानी बचपन से शुरू हुआ निवेश वयस्क होने तक उसी अनुशासन के साथ चलता रहता है। अगर 18 से 21 साल की उम्र के बीच बच्चा कोई फैसला नहीं करता, तो पैसा डिफॉल्ट रूप से ज्यादा जोखिम वाले विकल्प में चला जाता है, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है।
निकासी के नियम
निकासी के नियम भी इस स्कीम को अनुशासित बनाते हैं। 18 साल की उम्र से पहले केवल सीमित परिस्थितियों में, और वह भी अधिकतम दो बार, 25% तक की आंशिक निकासी की अनुमति है। यह निकासी पढ़ाई, गंभीर बीमारी या अन्य बड़ी जरूरतों के लिए की जा सकती है। वहीं, अगर कुल जमा राशि ₹8 लाख से कम है, तो शर्तों के तहत पूरा पैसा निकाला जा सकता है। इससे ऊपर जाने पर पेंशन से जुड़े नियम लागू होते हैं।
इक्विटी और ग्रोथ
निवेश संरचना की बात करें तो NPS वत्सल्य में 75% तक पैसा इक्विटी में लगाया जा सकता है। यही इसकी ग्रोथ क्षमता को मजबूत बनाता है। हालांकि शेयर बाजार से जुड़ा हिस्सा होने की वजह से इसमें जोखिम भी मौजूद है, लेकिन लंबी अवधि के लिए यही संरचना बेहतर रिटर्न की संभावना पैदा करती है।
कुल मिलाकर, NPS वत्सल्य उन परिवारों के लिए स्मार्ट विकल्प बन सकती है जो अपने बच्चे के लिए सिर्फ बचत नहीं, बल्कि लंबी अवधि का वित्तीय भविष्य बनाना चाहते हैं। छोटी शुरुआत, कंपाउंडिंग का लाभ, और निवेश का अनुशासन- यही इस स्कीम की असली ताकत है।









