
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर मंडराते संकट ने भारत को गंभीर चुनौती दे दी है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कच्चे तेल का 46 प्रतिशत आयात प्रभावित हो रहा है, जिससे पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस (LPG) की किल्लत बढ़ गई है। ऐसे में केंद्र सरकार ने LPG पर निर्भरता घटाने और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को प्राथमिकता देने का अभियान तेज कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 14 मार्च 2026 को गजट अधिसूचना जारी कर PNG उपभोक्ताओं को तीन महीने में LPG कनेक्शन सरेंडर करने का आदेश दिया। न करने पर सिलेंडर रिफिल बंद हो जाएगा।
सरकारी आदेशों का अमल
इसके बाद 24 मार्च को दूसरा आदेश आया, जिसमें PNG सप्लाई करने वाली कंपनियों को उपभोक्ताओं को मैसेज भेजने के निर्देश दिए गए। बरेली में सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (CUGL) ने तुरंत अमल किया। शहरी क्षेत्र के 51 हजार से अधिक PNG उपभोक्ताओं को SMS भेजा गया है। इनमें वे लोग शामिल हैं जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं। CUGL प्रतिनिधि ने बताया, “सरकारी आदेश के तहत चिह्नीकरण कर मैसेज भेजे गए। तीन महीने में सरेंडर न करने पर LPG रिफिल ब्लॉक कर दिया जाएगा।”
सरेंडर प्रक्रिया आसान
सरेंडर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मंत्रालय ने ‘MyPNG-D’ पोर्टल (mypngd.in) लॉन्च किया। उपभोक्ता घर बैठे मोबाइल नंबर या LPG ID डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं और ऑनलाइन सरेंडर पूरा कर सकते हैं। डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं। सरेंडर पर सिक्योरिटी डिपॉजिट रिफंड भी मिलेगा। पोर्टल पर LPG ID चेक करने का विकल्प भी है।
PNG नेटवर्क का विस्तार
यह कदम ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का हिस्सा है। ईरान संकट से भारत को तेल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां रिफाइनरी कंपनियां ईरानी तेल आयात पर विचार कर रही हैं लेकिन पेमेंट और कीमतें बाधा हैं। PNG सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल है, इसलिए LPG स्टॉक बचाने पर जोर। CUGL का विस्तार तेज: पीलीभीत बाईपास, नैनीताल रोड, रामपुर रोड, बदायूं रोड (रामगंगा तक), शाहजहांपुर रोड (फरीदपुर तक) पर पाइपलाइन बिछी।
कैंट और बदायूं रोड पर नए कनेक्शन हो रहे। 31 मार्च तक नया कनेक्शन 5,000 रुपये (पहले 7,000) में, 500 रुपये गैस मुफ्त। संकट के बाद 400 नए आवेदन आए। पुराना शहर छोड़ शहरी क्षेत्र कवर।
भविष्य की रणनीति
सरकार ने पाइपलाइन बिछाने में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। उपभोक्ताओं में चिंता है, लेकिन CUGL का कहना है कि PNG पर शिफ्ट आसान। ग्रामीण क्षेत्रों में LPG फोकस रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दीर्घकालिक ऊर्जा स्वावलंबन बढ़ाएगा।









