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PM Shram Yogi Maandhan: बुढ़ापे में नहीं होगी पैसों की टेंशन! हर महीने मिलेगी ₹3000 पेंशन, जानें रजिस्ट्रेशन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के 18 से 40 वर्ष के श्रमिकों के लिए बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा है। इसमें मासिक आय 15,000 रुपये तक वाले रिक्शा‑ऑटो चालक, निर्माण मज़दूर, रेहड़ी‑पटरी वाले और घरेलू सहायक शामिल होकर 55–200 रुपये मासिक योगदान से 60 वर्ष की उम्र के बाद 3,000 रुपये की मासिक पेंशन व समान राशि का सरकारी योगदान जुटा सकते हैं।

By Pinki Negi

PM Shram Yogi Maandhan: बुढ़ापे में नहीं होगी पैसों की टेंशन! हर महीने मिलेगी ₹3000 पेंशन, जानें रजिस्ट्रेशन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

उत्तर प्रदेश से लेकर देश के अन्य राज्यों तक फैले करोड़ों असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ (PM‑SYM) एक बड़ा आर्थिक सहारा बन चुकी है। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो रेहड़ी‑पटरी चलाते हैं, रिक्शा चलाते हैं, निर्माण साइट पर मज़दूरी करते हैं, ऑटो चालक या घरेलू सहायक का काम करते हैं, लेकिन जिनके पास कोई नियमित पेंशन या सेवानिवृत्ति योजना नहीं है। इस योजना के ज़रिए सरकार इन श्रमिकों को बुढ़ापे में 3000 रुपये की निश्चित मासिक पेंशन की गारंटी देती है, ताकि उम्र के साथ आने वाली आर्थिक तंगी से वे थोड़ा‑सा बच सकें।

योजना का उद्देश्य और लाभ

PM‑SYM एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें श्रमिक अपनी आयु के हिसाब से मासिक किश्त जमा करता है और सरकार उसी राशि का बराबर योगदान करती है। जब लाभार्थी की आयु 60 वर्ष पूरी होती है, तो उसे हर महीने कम‑से‑कम 3000 रुपये की पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है। यह राशि उस व्यक्ति के लिए उम्र भर चलने वाली आय का एक न्यूनतम गैरांटेड स्रोत बन जाती है, जो बिना किसी और नौकरी के भी उसकी दिनचर्या को थोड़ा आसान बना सकती है।

यदि लाभार्थी की मृत्यु 60 वर्ष के बाद हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को पेंशन की आधी राशि, यानी 1500 रुपये प्रति माह पारिवारिक पेंशन के रूप में दी जाती है। इस तरह यह योजना न सिर्फ श्रमिक की बल्कि उसके परिवार की भी बुढ़ापे की सुरक्षा का बंधन बनती है।

पात्रता: कौन शामिल हो सकता है?

PM‑SYM का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ स्पष्ट शर्तों को पूरा करना ज़रूरी है। सबसे पहले, आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए; यानी यह योजना युवा और मध्यम उम्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है, ताकि वे 20-40 साल तक योगदान दे सकें और बाद में पूरा लाभ उठा सकें। दूसरी शर्त, मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए, जिससे यह तय होता है कि योजना असंगठित क्षेत्र के तंग दायरे वाले मज़दूरों के लिए ही उपयोगी हो।

यह योजना उन श्रमिकों के लिए नहीं है जो पहले से EPFO (Employees’ Provident Fund), ESIC, या किसी औपचारिक NPS या सरकारी पेंशन योजना के तहत पैसा जमा कर रहे हों। यानी जिनके पास कोई और सामाजिक सुरक्षा योजना नहीं है, वे ही इस योजना के प्राथमिक लाभार्थी माने जाते हैं।

निवेश और योगदान की व्यवस्था

इस योजना में शामिल होने के लिए श्रमिक को अपनी आयु के हिसाब से हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है, जो लगभग 55 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये तक जा सकती है, इस बात पर निर्भर करती है कि आपने योजना में कितनी जल्दी जुड़ने का फैसला किया है। जितनी कम उम्र में आप शामिल होते हैं, उतना कम मासिक किश्त आपसे मांगा जाता है, जबकि जो लोग युवा उम्र से पहले भी योजना में जुड़ते हैं, उनका भविष्य का बोझ भी कम हो जाता है।

खास बात यह है कि जितना पैसा आप अपनी जेब से जमा करेंगे, उतनी ही राशि सरकार भी आपके खाते में योगदान के रूप में जमा करेगी। इस तरह आपका छोटा‑सा मासिक निवेश, दोगुनी ताकत के साथ आगे आपकी बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा बनता है।

रजिस्ट्रेशन का आसान ऑनलाइन तरीका

PM‑SYM में जुड़ने के लिए आप घर बैठे ऑनलाइन तरीके से आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट maandhan.in या ई‑श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) पर जाना होगा। होमपेज पर सबसे ऊपर आने वाले ‘Login’ या ‘Self Enrolment’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद अपना वैध मोबाइल नंबर दर्ज करने पर आपको एक OTP आएगा, जिससे आपका अकाउंट वेरिफाई होगा। वेरिफाई होने के बाद स्क्रीन पर आगे बढ़ते हुए आपको योजनाओं की सूची में ‘PM‑SYM’ या ‘Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan’ विकल्प दिखेगा; उसे चुनें।

इसके बाद एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें आपको अपना नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, आधार‑लिंक मोबाइल नंबर, बचत खाते का नंबर और IFSC कोड, निवास पता तथा नॉमिनी का विवरण भरना होगा। फॉर्म भरने के बाद आपको ‘Auto‑Debit’ की सुविधा चालू करनी होगी, ताकि आपके बैंक खाते से हर महीने निर्धारित किश्त स्वत: कट सके और आपको याद रखने की ज़रूरत न पड़े। फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिसे आप भविष्य में पेंशन या खाता स्थिति चेक करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

ऑफ़लाइन रजिस्ट्रेशन का विकल्प

जो लोग टेक्नोलॉजी से अनजान या इंटरनेट कम इस्तेमाल करते हैं, वे अपने ज़िले में स्थित नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य सेवा केंद्र पर जाकर भी इस योजना में रजिस्टर हो सकते हैं। वहाँ आपको आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और नॉमिनी का विवरण देना होगा। CSC ऑपरेटर आपका फॉर्म भरकर बायोमेट्रिक वेरिफाई करेगा और आपसे पहली किश्त या छोटा‑सा रजिस्ट्रेशन शुल्क लेगा। इस तरह बिना खुद टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किए भी आप योजना के फायदे तक पहुँच सकते हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।