
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम 85 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गए हैं। 7 मार्च से घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़कर 900-1100 रुपये के बीच पहुंच गए, लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई इजाफा नहीं होगा। सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, एक ‘सुरक्षा कवच’ तैयार किया गया है, जो आम आदमी को महंगाई के झटके से बचाएगा।
सरकार की ऊर्जा रणनीति
सरकार की यह रणनीति वैश्विक संकट के समय भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाली है। पेट्रोलियम मंत्री ने संसदीय समिति को बताया कि LPG की 80 फीसदी जरूरत खाड़ी देशों से पूरी होती है, इसलिए उसके दाम प्रभावित हुए। लेकिन पेट्रोल-डीजल पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए बहुआयामी योजना है। सबसे पहले, अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद खुदरा कीमतें स्थिर रखी जा रही हैं। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) जैसे IOC, BPCL और HPCL अपनी मार्जिन से नुकसान झेल रही हैं, लेकिन वित्तीय रूप से मजबूत हैं।
मजबूत भंडारण और आयात बदलाव
भारत के पास वर्तमान में 25 से 50 दिनों का कच्चा तेल और रिफाइंड उत्पादों का भंडार stockpiled है। यह बफर स्टॉक वैश्विक उतार-चढ़ाव से निपटने में सहायक साबित हो रहा है। सामान्यत: 10-15 दिनों का स्टॉक रखा जाता है, लेकिन युद्ध जैसे हालात में इसे दोगुना कर लिया गया। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील रास्तों पर निर्भरता घटी है।
अब 70 फीसदी कच्चा तेल वैकल्पिक मार्गों- रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से मंगवाया जा रहा। रूस से सस्ते दामों पर लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) आयात की संभावना भी तलाशी जा रही है, जो LPG संकट को कम कर सकती है। कनाडा से LPG आयात बढ़ाने की योजना भी जोर पकड़ रही।
तेल कंपनियों की वित्तीय ताकत
तेल कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट इस ‘सीक्रेट प्लान’ का अहम हिस्सा है। पिछले साल OMCs ने रिकॉर्ड लाभ कमाया, जिससे वे 2-3 डॉलर प्रति बैरल कीमत वृद्धि को absorb कर सकती हैं। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ता मूल्य स्थिर रखें। विपक्ष के सवालों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “GST में शामिल करने की पुरानी चर्चा है, लेकिन फिलहाल स्टॉक और रणनीति से काम चल रहा।”
प्रमुख शहरों के आज के रेट
आज 8 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 103.44 | 89.97 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
ये दरें दैनिक समीक्षा के बाद अपरिवर्तित रहीं। दिल्ली-NCR में पेट्रोल 94.72 पर स्थिर है, जबकि मुंबई में 103 के पार। डीजल ट्रकर्स के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी स्थिरता अर्थव्यवस्था के लिए राहत।
विशेषज्ञ विश्लेषण और भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता अप्रैल तक बनी रह सकती है, बशर्ते युद्ध न फैले। IEA की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल उत्पादन प्रभावित हो रहा, लेकिन भारत की विविध आयात रणनीति फायदा दे रही। उपभोक्ता राहत की सांस ले रहे, खासकर किसान और ट्रांसपोर्टर। हालांकि, LPG वृद्धि से महिलाओं पर बोझ बढ़ा। सरकार उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी जारी रखेगी।
कुल मिलाकर, सरकार का ‘सुरक्षा कवच’ प्रभावी साबित हो रहा। लेकिन लंबे समय के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर जरूरी। क्या यह स्थिरता बनी रहेगी? आने वाले दिन बताएंगे।









