
झारखंड की चंपई सोरेन सरकार ने एक बार फिर जन-कल्याणकारी फैसलों की झड़ी लगा दी है। मुख्यमंत्री पद संभालते ही उन्होंने न सिर्फ बिजली बिलों पर मुफ्त यूनिट बढ़ाने का ऐलान किया, बल्कि अबुआ आवास योजना के तहत लाखों घरों का वादा भी किया। इसी कड़ी में सबसे बड़ा झटका गरीब महिलाओं और एससी/एसटी वर्ग के पुरुषों को दिया गया है – अब 50 साल की उम्र पूरी होते ही राज्य वृद्धावस्था पेंशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
पहले जहां 60 साल तक का लंबा इंतजार झेलना पड़ता था, वह अब आधा हो गया। यह बदलाव न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि झारखंड की जटिल सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
सीएम सोरेन की सोशल मीडिया घोषणा
मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। फरवरी 2024 के उनके पोस्ट में साफ लिखा है, “झारखंड की सामाजिक परिस्थिति को समझते हुए हमारी सरकार मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना लेकर आई है, जिसमें सभी महिलाओं एवं एससी/एसटी श्रेणी के पुरुषों को 50 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन मिल सकेगी। इसके आवेदन जमा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।”
यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जहां मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भरता अधिक है। 50 की उम्र में पेंशन शुरू होने से मध्यम आयु वर्ग के लोग बीमारी या बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से निपट सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में वृद्धावस्था की दर घटी है और आर्थिक असमानता पर लगाम लगेगी।
योजना का लाभ किसे मिलेगा?
लेकिन सवाल उठता है – आखिर किसे मिलेगा इस योजना का लाभ? सीएम सोरेन के एलान के मुताबिक, झारखंड की सभी महिलाओं (कोई आय सीमा नहीं बताई गई) और अनुसूचित जाति/जनजाति (एससी/एसटी) वर्ग के पुरुषों को 50 वर्ष पूरे करने पर मासिक पेंशन का हकदार बनाया गया है। पहले यह सुविधा सिर्फ 60+ उम्र वालों तक सीमित थी, जो अब पीछे छूट गई। पेंशन राशि राज्य सरकार की मौजूदा वृद्धावस्था पेंशन के बराबर होगी, जो आमतौर पर 1000 रुपये मासिक से शुरू होकर जरूरत के आधार पर बढ़ाई जा सकती है।
लाभ लेने वालों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाणित करने वाले दस्तावेज और बैंक खाता विवरण जमा करने होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना झारखंड के मूल निवासियों को प्राथमिकता देगी, ताकि बाहरी लोग इसका दुरुपयोग न कर सकें।
आवेदन प्रक्रिया सरल और आसान
आवेदन प्रक्रिया को भी बेहद सरल बनाया गया है। इच्छुक लाभार्थी ऑफलाइन तरीके से अपने नजदीकी ब्लॉक या तहसील कार्यालय जाकर फॉर्म ले सकते हैं। फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, आयु प्रमाण और जाति प्रमाण पत्र संलग्न कर जमा करना होगा। वहीं डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध है – jharsewa.jharkhand.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर आवेदन भरा जा सकता है।
सरकार विशेष अभियान चला रही है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि और एनजीओ घर-घर जाकर जागरूकता फैला रहे हैं। सफल आवेदन के बाद पेंशन सीधे बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पहुंचेगी, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
अन्य प्रमुख योजनाओं का जिक्र
यह पेंशन घोषणा चंपई सोरेन सरकार की अन्य योजनाओं का हिस्सा मात्र नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। हाल ही में बिजली सब्सिडी को 100 से बढ़ाकर 125 यूनिट मुफ्त करने का फैसला लिया गया, जिससे लाखों घरों का बिजली बिल शून्य हो जाएगा। ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी हो चुके हैं। इसी तरह अबुआ आवास योजना को गति मिली है – 2027 तक 20 लाख लाभुकों को पक्के घर देने का वादा।
दुमका में स्वीकृति पत्र बांटते हुए सीएम ने कहा कि बिचौलियों की कोई गुंजाइश नहीं, शिकायत पर सीधी कार्रवाई होगी। बजट 2026-27 में इसके लिए 4100 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें मिट्टी के घरों वाले परिवार पहले लाभ लेंगे।
ग्राम गाड़ी योजना से ग्रामीण क्रांति
इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना ने ग्रामीण परिवहन क्रांति ला दी। 2024 में रांची के मोरहाबादी मैदान से शुरू हुई यह योजना पहले चरण में 250 बसें उतारेगी। छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, झारखंड आंदोलनकारियों और एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को मुफ्त यात्रा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों को प्रखंड, जिला मुख्यालय, स्कूल, अस्पताल और बाजारों से जोड़ने का लक्ष्य है।
यह योजनाएं न सिर्फ 2024 विधानसभा चुनावों से पहले आईं, बल्कि 2026 तक अपनी मजबूती साबित कर रही हैं। विपक्षी दलों पर भले ही पॉपुलिस्ट होने का आरोप लगे, लेकिन आम जनता इन्हें जीवन बदलने वाली मान रही है। चंपई सोरेन की यह श्रृंखला झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।









