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Ethanol Revolution: अब पानी के भाव चलेगी गाड़ी! गडकरी का बड़ा ऐलान-100% इथेनॉल पर दौड़ेंगी कारें, पेट्रोल-डीजल की होगी छुट्टी

नितिन गडकरी ने ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में ऐलान किया: भारत 100% इथेनॉल गाड़ियों की ओर बढ़ेगा, पेट्रोल-डीजल खत्म! E85 ड्राफ्ट नियम जल्द, तेल आयात (88%) पर 22 लाख करोड़ बचत। ब्राजील मॉडल अपनाते हुए किसानों को उर्जादाता बनाएंगे। हाइड्रोजन से निर्यातक बनेंगे। स्वदेशी ऊर्जा क्रांति शुरू!

By Pinki Negi

Ethanol Revolution: अब पानी के भाव चलेगी गाड़ी! गडकरी का बड़ा ऐलान-100% इथेनॉल पर दौड़ेंगी कारें, पेट्रोल-डीजल की होगी छुट्टी

भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव‘ में जोरदार ऐलान किया कि देश जल्द ही 100% इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों की सड़कों पर उतारेगा। ब्राजील मॉडल को अपनाते हुए गडकरी ने कहा, “पेट्रोल-डीजल का खेल खत्म, अब इथेनॉल ही भविष्य है।”

यह बयान पश्चिम एशिया में युद्धग्रस्त हालात के बीच आया है, जहां कच्चे तेल की सप्लाई चेन डगमगा रही है। भारत अपनी पेट्रोल जरूरत का 88% हिस्सा आयात करता है, जिस पर सालाना 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। गडकरी का यह मास्टर प्लान तेल संकट से निपटने का हथियार है।

वर्तमान चुनौतियां और प्रगति

गडकरी ने साफ शब्दों में कहा कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए जरूरी है। अप्रैल 2025 से लागू नए फ्यूल एफिशिएंसी नियम इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर लागू नहीं होंगे, जिससे कंपनियों को वैकल्पिक ईंधन पर फोकस करने की छूट मिलेगी। उन्होंने किसानों को ‘उर्जादाता’ बताते हुए इथेनॉल मिश्रण के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम को खारिज किया।

वर्तमान में E20 (20% इथेनॉल ब्लेंड) सफल है, जो 2012-13 के 0.67% से बढ़कर 2025 में 19% पर पहुंच गया। 2025-26 तक 20% लक्ष्य पूरा होगा, जिसके लिए 1350 करोड़ लीटर इथेनॉल चाहिए। सप्लाई 15 करोड़ लीटर से 1048 करोड़ लीटर हो चुकी है।

E85 का क्रांतिकारी कदम

सरकार का केंद्रबिंद्र E85 है- 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण। जल्द ड्राफ्ट नियम जारी होंगे, जो E20 से कहीं बड़ा क्रांतिकारी कदम साबित होंगे। E85 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए डिजाइन होगा, मौजूदा गाड़ियां मॉडिफिकेशन के बिना इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। नई इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पंप और स्टोरेज की जरूरत पड़ेगी। 2023 में गडकरी ने टोयोटा इनोवा का 100% इथेनॉल प्रोटोटाइप लॉन्च किया, जो BS-VI मानकों वाला दुनिया का पहला इलेक्ट्रिफाइड वाहन था।

अब टोयोटा, सुजुकी जैसी कंपनियां E100 कारें और स्कूटर बनाने के प्लांट लगा रही हैं। चावल, मक्का, गन्ने से इथेनॉल उत्पादन बढ़ा है- चीनी पर निर्भरता घटकर 30% रह गई। इससे किसानों को 1.07 लाख करोड़ और विदेशी मुद्रा बचत में 1.26 लाख करोड़ का फायदा।

हाइड्रोजन: भविष्य का ईंधन

गडकरी ने हाइड्रोजन को ‘भविष्य का ईंधन’ बताते हुए कचरे से हाइड्रोजन उत्पादन पर जोर दिया। “एक किलो हाइड्रोजन एक डॉलर में बनाएं, तो भारत ऊर्जा निर्यातक बनेगा।” कचरा-से-धन योजना से 80 लाख टन कचरा रीयूज हो चुका है। हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन सस्ते बनाने की चुनौती है, लेकिन ग्रीन हाइड्रोजन प्रदूषण मुक्त परिवहन देगा। उन्होंने कहा, पेट्रोल-डीजल छोड़ने की मजबूरी नहीं, लेकिन ऑटो कंपनियां क्वालिटी वैकल्पिक गाड़ियां लाएं।

स्वदेशी ऊर्जा क्रांति का दौर

यह क्रांति पर्यावरण, किसान और अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। प्रदूषण घटेगा, ग्रामीण रोजगार बढ़ेगा। चुनौतियां जैसे फीडस्टॉक उपलब्धता और इंजन अनुकूलन हैं, लेकिन गडकरी का विजन भारत को तेल आयातक से निर्यातक बना सकता है। ऊर्जा क्षेत्र में यह स्वदेशी क्रांति का दौर है। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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