
चैत्र नवरात्रि में मां शारदा धाम मैहर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेल ने बड़ा फैसला लिया है। नवरात्रि में लगने वाली भारी भीड़ और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल मंत्रालय ने मैहर स्टेशन पर 15 जोड़ी यानी कुल 30 एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी स्टॉपेज देने का निर्णय किया है। यह व्यवस्था 19 मार्च से 1 अप्रैल तक लागू रहेगी, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को सीधे मैहर उतरकर मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
19 मार्च से 1 अप्रैल तक 5-5 मिनट का ठहराव
रेलवे के निर्णय के अनुसार चयनित 30 एक्सप्रेस ट्रेनें मैहर स्टेशन पर 5-5 मिनट के लिए रुकेंगी। अभी तक सामान्य दिनों में इनमें से कई लंबी दूरी की ट्रेनें मैहर स्टेशन पर नहीं ठहरती थीं, ऐसे में सतना या कटनी उतरकर श्रद्धालुओं को आगे का सफर बस या अन्य साधनों से तय करना पड़ता था। अब अस्थायी स्टॉपेज के चलते यात्रियों को सीधे मैहर उतरने और वहां से मंदिर तक पहुंचने में समय और खर्च, दोनों की बचत होगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के दौरान मां शारदा धाम में देश के विभिन्न राज्यों- उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात और असम – से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में लंबी दूरी की ट्रेनों को मैहर में रुकवाने से वे बिना किसी अतिरिक्त बदल के सीधे यहां उतर सकेंगे। सीपीआरओ के अनुसार भीड़ के दबाव और यात्रियों की जरूरत को देखते हुए कई ट्रेनों का ठहराव समय 2 मिनट से बढ़ाकर 5 मिनट कर दिया गया है, ताकि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले भक्त बिना भागदौड़ के आराम से ट्रेन में चढ़-उतर सकें।
मंदिर प्रशासन और भक्तों में खुशी की लहर
रेलवे के इस फैसले का मैहर स्थित मां शारदा मंदिर प्रशासन ने जोरदार स्वागत किया है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि हर साल चैत्र नवरात्र में भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है और अक्सर यात्री सतना या कटनी तक तो ट्रेन से पहुंच जाते हैं, लेकिन वहां से मैहर तक सड़क मार्ग की यात्रा उन्हें थका देती है। अब चूंकि सीधे मैहर स्टेशन पर ही लंबी दूरी की ट्रेनें रुकेंगी, इसलिए भक्तों की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।
मंदिर प्रशासन का यह भी मानना है कि ट्रेनों के ठहराव में बढ़ोतरी से भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा, क्योंकि श्रद्धालु अलग-अलग समय पर अलग-अलग ट्रेनों से पहुंचेंगे। स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कारोबारियों में भी उत्साह है, क्योंकि नवरात्रि के दौरान मैहर में आर्थिक गतिविधि काफी बढ़ जाती है। बाजारों, धर्मशालाओं और होटलों में पहले से ही बुकिंग और तैयारियां तेज हो गई हैं।
किन ट्रेनों को मिला मैहर स्टॉपेज
रेलवे की ओर से जिन प्रमुख ट्रेनों को मैहर में अस्थायी ठहराव दिया गया है, वे ज्यादातर लंबी दूरी की और भीड़ वाली रूटों पर चलने वाली एक्सप्रेस गाड़ियां हैं। डाउन दिशा में एलटीटी-गोरखपुर, एलटीटी-छपरा, एलटीटी-रक्सौल, एलटीटी-अयोध्या कैंट, एलटीटी-रांची, एलटीटी-गुवाहाटी, चेन्नई-छपरा, वलसाड-मुजफ्फरपुर, सूरत-छपरा, पुणे-गोरखपुर, पुणे-बनारस, पूर्णा-पटना, दुर्ग-नवतनवा, सीएसएमटी-कोल्हापुर और बांद्रा टर्मिनस-पटना जैसी ट्रेनें मैहर स्टेशन पर रुकेंगी। इसी तरह अप दिशा में गोरखपुर-एलटीटी, छपरा-एलटीटी, रक्सौल-एलटीटी, अयोध्या कैंट-एलटीटी, रांची-एलटीटी, गुवाहाटी-एलटीटी, छपरा-चेन्नई, मुजफ्फरपुर-वलसाड, छपरा-सूरत, गोरखपुर-पुणे, बनारस-पुणे, पटना-पूर्णा, नवतनवा-दुर्ग, कोल्हापुर-सीएसएमटी और पटना-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस भी मैहर में अस्थायी स्टॉपेज पाएंगी।
इन सभी ट्रेनों को निर्धारित अवधि के दौरान रोजाना या तय तारीखों पर 5 मिनट के लिए मैहर स्टेशन पर रुकने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान ट्रेनें आमतौर पर दिन और रात, दोनों समय स्लॉट में मैहर पहुंचेंगी, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को अपने-अपने रूट के हिसाब से सुविधा मिल सके। रेलवे ने इन ट्रेनों का टाइम टेबल भी सार्वजनिक कर दिया है, ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा पहले से प्लान कर सकें।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष तैयारी
नवरात्रि के दौरान मैहर स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी रेलवे और प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है। स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी की अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी, जो प्लेटफॉर्म पर भीड़ प्रबंधन, लाइन अनुशासन और यात्री सुरक्षा पर खास नजर रखेंगी। भीड़ के समय प्लेटफॉर्म पर अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को ट्रेन के कोच पोजीशन, आगमन-प्रस्थान समय और सुरक्षित तरीके से चढ़ने-उतरने के निर्देश दिए जाएंगे।
साथ ही, स्टेशन परिसर में अस्थायी हेल्प डेस्क, मेडिकल सहायता, खोया-पाया केंद्र और पीने के पानी की अतिरिक्त व्यवस्था करने की भी तैयारी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके। जिला प्रशासन, पुलिस, मंदिर समिति और रेलवे के बीच समन्वय के लिए संयुक्त नियंत्रण कक्ष बनाने पर भी विचार हुआ है, जिससे भीड़ से जुड़ी किसी भी चुनौती का तुरंत समाधान किया जा सके।
मां शारदा धाम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
मध्य प्रदेश के सतना जिले के त्रिकूट पर्वत पर स्थित मैहर वाली मां शारदा 108 शक्तिपीठों में शामिल मानी जाती हैं और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है। मान्यता है कि यहां मां का दिव्य श्रृंगार स्वयं सिद्ध है और सदियों से अखंड ज्योति जलती आ रही है, जो भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है। रेलवे द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अनुमान है कि इस बार पहले की तुलना में और अधिक श्रद्धालु मां शारदा के चरणों में नमन करने पहुंचेंगे।









