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Bike Taxi Ban: इन राज्यों में बंद हुईं ओला-उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी! जानें सरकार ने क्यों लिया ये कड़ा फैसला

महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि नियमों का पालन न करने और समय पर दस्तावेज न जमा करने के कारण यह कदम उठाया गया। सरकार का लक्ष्य स्थानीय रोज़गार और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है, लेकिन नियमों का उल्लंघन नहीं बर्दाश्त किया जा सकता।

By Pinki Negi

maharashtra govt cancels provisional licences of rapido uber and ola bike taxi services

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में संचालित हो रही बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को दिए गए अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में यह जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित कंपनियों द्वारा तय समय सीमा के भीतर जरूरी शर्तों और दस्तावेजों को पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है। सरकार का तर्क है कि नियमों का पालन न करने की स्थिति में बाइक टैक्सी सेवाओं को जारी रखना संभव नहीं था।

लाइसेंस रद्द होने का कारण

सोमवार को परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने बाइक टैक्सी संचालन के लिए कुछ स्पष्ट नियम और शर्तें निर्धारित की थीं। कंपनियों को अस्थायी लाइसेंस जारी करते समय निर्देश दिया गया था कि वे तय समय के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करें। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कंपनियों ने इन आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि ‘महाराष्ट्र ई-बाइक टैक्सी नियमावली 2024’ के तहत यह अनिवार्य किया गया था कि बाइक टैक्सी के रूप में चलने वाले सभी वाहन केवल इलेक्ट्रिक हों। साथ ही कंपनियों को 30 दिनों के भीतर सभी जरूरी औपचारितताएं पूरी करनी थीं।

आरटीओ अधिकारियों को दिए गए निर्देश

सोमवार को क्षेत्रीय परिवर्तन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्देश दिया गया कि जिन कंपनियों ने दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, उनके अस्थायी लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए जाएं, ताकि सड़कों पर अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं को रोका जा सके।

ई-बाइक नीति का उद्देश्य

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की ई-बाइक नीति का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करना था। इस योजना के जरिए सरकार चाहती थी कि अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोज़गार मिले और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा सके। हालांकि, कंपनियों द्वारा तय नियमों का पालन न करने से नीति का उद्देश्य प्रभावित हो रहा था, जिसके चलते सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ा।

कर्नाटक और दिल्ली में भी प्रतिबंध

इससे पहले कर्नाटक में बाइक टैक्सी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके बाद ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाएं बंद कर दी गई थीं। Delhi में भी बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत।

भविष्य की दिशा

सरकार अब नई नीति पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में वैध और नियमित ढंग से यह सेवा चले सके। हालांकि, वर्तमान में बाइक टैक्सी सेवाएं कई राज्यों में बंद हैं और ड्राइवरों को नुकसान हो रहा है। बाइक टैक्सी सेवाएं सस्ते और आरामदायक यात्रा का विकल्प प्रदान करती हैं, लेकिन नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा चिंताओं के कारण सरकारें सख्त कार्रवाई कर रही हैं। भविष्य में, यदि नई नीतियां लागू की जाते हैं, तो बाइक टैक्सी सेवाएं फिर से शुरू हो सकती हैं।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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