
भारत की रसोईओं में मची है हड़कंप। इन दिनों देशभर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की गंभीर किल्लत देखी जा रही है। कुछ राज्यों में सिलेंडर 400 रुपये तो कुछ जगहों पर छह सौ रुपये प्रति किलो की भीमम कीमत पर बिक रहा है। इस संकट के बीच कई परिवारों ने बर्तन‑माfs को विदा करके इंडक्शन स्टोव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ऐसे सख्त माहौल में गैस वितरक कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियमों में अचानक बदलाव कर दिया है, जिसका सीधा असर हर घरेलू उपभोक्ता की रोज़मर्रा की योजना पर पड़ेगा।
पता चला नया नियम: 35 दिन का वेट
पहले उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी होते ही तुरंत दूसरा बुक कर लेते थे, जिससे दो-दो सिलेंडर एक साथ घर में मौजूद रहते थे। अब यह प्रथा पूरी तरह प्रतिबंधित है। भारतीय तेल निगम के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 35 दिन का इंतजार अनिवार्य है। यदि उपभोक्ता 35 दिन से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो उसकी रिक्वेस्ट स्वचालित रूप से रिजेक्ट कर दी जाएगी।
अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग-अलग कोटा
नया नियम सभी के लिए एक जैसा नहीं है। इंडियन ऑयल ने उपभोक्ताओं की स्थिति के आधार पर तीन अलग-अलग समय-सीमा तय की हैं:
- एकल सिलेंडर कनेक्शन: जिन परिवारों के पास केवल एक सिलेंडर है, वे 25 दिन बाद अगली रिफिल बुक कर सकते हैं।
- डबल सिलेंडर कनेक्शन: जिनके घर में दो सिलेंडर का कनेक्शन है, उन्हें अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा।
- प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY): उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए यह समय सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है, चाहे वे शहरी हों या ग्रामीण।
ग्रामीण इलाकों में सख्तियाँ और OTP अनिवार्य
ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में बुकिंग के नियम और भी कठोर हैं। वहाँ सभी उपभोक्ताों के लिए 45 दिन का वेटिंग पीरियड लागू है। इसके अलावा, डिलीवरी के समय ग्राहक का OTP (वन-टाइम पैसेवर्ड) देना अब अनिवार्य कर दिया गया है। यदि ग्राहक OTP नहीं सौंपता, तो गैस वितरक डिलीवरी देने से इन्कार कर सकता है। यह कदम नकली बुकिंग और डिलीवरी में धांधली रोकने के लिए उठाया गया है।
12 सब्सिडी वाले सिलेंडर का नियम भी सक्रिय
सरकार प्रति वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) प्रति घरेलू उपभोक्ता 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर प्रदान करती है। यदि उपभोक्ता इन 12 सिलेंडरों का उपयोग कर चुका है और फिर भी उसे सिलेंडर चाहिए, तो उसे अतिरिक्त दस्तावेज़ जमा करने होंगे:
- घर में कुल कितने सदस्य रहते हैं
- माह में मेहमानों की औसत संख्या
- शादी, बड़ा फंक्शन या कोई विशेष अवसर है या नहीं
इन विवरणों के आधार पर गैस एजेंसी तय करेगी कि अतिरिक्त सिलेंडर की आवश्यकता वास्तविक है या नहीं।
बदलाव का उद्देश्य
नए नियमों का मकसद गैस की आपूर्ति को व्यवस्थित करना, कालाबाजारी और होर्डिंग पर रोक लगाना और हर गरीब-अमीर उपभोक्ता को बराबर मौका देना है। वितरक कंपनियों के अनुसार, इससे ब्रांडेड मार्केट में पूछताछ कम होगी और सिलेंडर समय‑पर सभी तक पहुँचेंगे।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
- अपनी बुकिंग के बीच का अंतर (25/35/45 दिन) याद रखें; जल्दबाजी में रिजर्वेशन न करें।
- डिलीवरी के दिन OTP तैयार रखें, न दें तो सिलेंडर नहीं मिलेगा।
- 12 सब्सिडी सिलेंडर खत्म होने पर अतिरिक्त जानकारी तुरंत एजेंसी को दें।
अगर आप भी पहले जैसी आसान बुकिंग की आदत में थे, तो अब आपको नए कोटा सिस्टम के अनुसार योजना बनानी होगी। इस खबर को अपने परिवार और समाज में शेयर करें ताकि सभी को नए नियमों की सही जानकारी मिल सके।









