
देशभर के लगभग 9.3 करोड़ से अधिक छोटे व सीमांत किसानों की नज़रें इस वक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM‑Kisan) योजना की 23वीं किस्त पर टिकी हैं। इस साल 13 मार्च 2026 को 22वीं किस्त के तहत 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹2,000‑2,000 रुपये सफलतापूर्वक क्रेडिट हो चुके हैं, जिससे पिछली किस्त के लिए लगभग ₹18,640 करोड़ की राशि जारी हो गई थी।
इस तिमाही चक्र के बाद अब लाभार्थियों की नज़र अगली किस्त- 23वीं किस्त पर है, जिसकी संभावित तारीख विशेषकर जुलाई 2026 के दौरान बताई जा रही है, हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख जारी नहीं हुई है।
23वीं किस्त कब आएगी?
PM‑Kisan योजना के तहत साल भर में हर किसान को कुल ₹6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, यानी हर चार महीने पर लगभग ₹2,000। 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी हुई थी, जिसके बाद लॉजिकल रूप से अगली किस्त का चक्र जुलाई 2026 के आसपास आता है।
मीडिया की रिपोर्ट्स और वित्तीय विभाग के अधिकारियों के बयानों के आधार पर अभी यही अनुमान बना हुआ है कि 23वीं किस्त जुलाई 2026 के दौरान जारी की जा सकती है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक ऐसी किसी निश्चित तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए अंतिम दिनांक तभी कन्फर्म मानी जाएगी जब pmkisan.gov.in या केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर एक्सप्लिसिट नोटिफिकेशन आएगा।
कौन‑कौन किसान पात्र है?
PM‑Kisan योजना केवल उन्हीं किसानों के लिए है जो भारत के निवासी हों, छोटे या सीमांत किसान हों और उनके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज हो। इसके अलावा आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक, ई‑KYC पूरा होना और बैंक खाते की वैधता जैसी तकनीकी शर्तें भी पूरी करनी पड़ती हैं। जिन किसानों ने अभी तक ई‑KYC नहीं कराया या जिनके लैंड रिकॉर्ड/बैंक डिटेल्स अपडेट नहीं हैं, उनकी किस्त आने में देर हो सकती है या पेमेंट रुक सकता है।
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर ‘Know Your Status’ और ‘Beneficiary List’ सेक्शन के ज़रिए लाभार्थी किसान अपना स्टेटस, पिछली किस्तों की डिटेल और अगली किस्त के प्रोसेस में होने की जानकारी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर डालना होता है, जिसके बाद पोर्टल पर दिखता है कि आप पीएम‑किसान के वैध लाभार्थी हैं या नहीं और आपके खाते में कौन‑सी किस्त क्रेडिट हुई है या पेंडिंग है।
किन किसानों को नहीं मिलेगी अगली किस्त?
योजना के नियमों के अनुसार सरकार निम्नलिखित श्रेणियों के लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से इस लाभ से बाहर रखती है, यानी चाहे वे खेती करते हों या न करें, उन्हें PM‑Kisan की किस्त नहीं मिलती:
- संवैधानिक पदधारी: वर्तमान या पूर्व में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, उपराज्यपाल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त जैसे उच्च संवैधानिक पदों पर रह चुके व्यक्ति योजना के पात्र नहीं हैं।
- सरकारी कर्मचारी: केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों या सरकारी संस्थानों में कार्यरत या सेवानिवृत्त कर्मचारी। हालांकि नोट करने की बात यह है कि MTS, क्लास‑IV या ग्रुप‑D जैसे निचले पद पर काम करने वाले व्यक्ति योजना के पात्र बन सकते हैं, बशर्ते वे वास्तविक छोटे/सीमांत किसान हों और अन्य शर्तें पूरी करें।
- उच्च पेंशनभोगी: ऐसे रिटायर्ड कर्मचारी जिन्हें प्रतिमाह 10,000 रुपये से अधिक पेंशन मिल रही है, को इस योजना से बाहर रखा जाता है।
- आयकर दाता: पिछले आयकर वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले व्यक्ति, चाहे वे किसान हों या न हों, इस योजना के लाभार्थी नहीं बन सकते।
- पेशेवर वर्ग: डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, चार्टर्ड एकाउंटेंट जैसे पेशेवर लोग जिनकी मुख्य आय स्रोत उनकी पेशेवर सेवाएं हैं, उन्हें योजना से बाहर रखा गया है। यहां अगर कोई डॉक्टर या वकील अपनी आधिकारिक आय अलग रखता है और केवल खेती से आय करता है, तब भी आयकर भुगतान या पेंशन स्टेटस के आधार पर उसकी पात्रता चुनौती में आ सकती है।
इन शर्तों की वजह से कई शहरी किसानों, सरकारी पेंशनभोगियों और उच्च आय वाले पेशेवरों के परिवारों से जुड़े कृषक अक्सर योजना से वंचित रह जाते हैं, भले ही उनके नाम पर खेती जारी हो, क्योंकि योजना का उद्देश्य प्राथमिकता से आर्थिक रूप से कमजोर छोटे व सीमांत किसानों को नकद सहायता देना है।
अगली किस्त के लिए किसानों क्या करें?
23वीं किस्त के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर पात्र किसान के लिए यह ज़रूरी है कि उन्होंने अपना आधार कार्ड पूरी तरह बैंक खाते से लिंक कर रखा हो और ई‑KYC प्रक्रिया अभी तक पूरी कर ली हो। अगर ई‑KYC अभी तक पेंडिंग है तो भुगतान रुकने या रिजेक्ट होने का खतरा बना रहता है, इसलिए लाभार्थी को नजदीकी CSC या ई‑मित्र केंद्र पर जाकर आधार‑आधारित वेरिफिकेशन जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। इसके अलावा बैंक खाते का नया या गलत नंबर होने पर भी पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता, इसलिए अगर किसी भी बदलाव (जैसे नया खाता, मोबाइल नंबर) की स्थिति हो तो उसे पोर्टल पर जल्दी अपडेट कराना ज़रूरी है।
किसानों को यह भी ध्यान रखना होगा कि अगली किस्त की जानकारी के लिए वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें- जैसे pmkisan.gov.in, केंद्र सरकार की प्रेस रिलीज या राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट।









