
ग्रामीण भारत के खेतों में हर साल सैकड़ों किसान जहरीले सांपों के काटने से अपनी जान गंवा देते हैं। रात के अंधेरे में सिंचाई या फसल की रखवाली के लिए खेतों में उतरने वाले किसानों के लिए यह खतरा मौत का पैगाम बन जाता है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने एक जादुई समाधान पेश किया है- ‘किसान मित्र छड़ी’। यह साधारण दिखने वाली छड़ी वास्तव में हाई-टेक सुरक्षा कवच है, जो 100 मीटर दूर से ही सांपों का पता लगा लेती है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ में इसे प्रदर्शित कर किसानों को बड़ी राहत दी है।
सांप काटने का बढ़ता खतरा
देश में सांप काटने की घटनाएं कोई नई बात नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में प्रतिवर्ष 30 से 40 लाख सांप काटने के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें से करीब 58 हजार लोग काल के गाल में समा जाते हैं। इनमें से अधिकांश पीड़ित ग्रामीण क्षेत्रों के किसान ही होते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में, जहां खेतों में मॉनसून के दौरान सांपों की आमद बढ़ जाती है, यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
रात के समय टॉर्च की रोशनी में काम करते हुए नाग, कोबरा या रसेल वाइपर जैसे जहरीले सांपों का सामना होना आम है। कई बार देरी से इलाज मिलने के कारण हालत बिगड़ जाती है। लेकिन ‘किसान मित्र छड़ी’ इस खतरे को पहले ही भांप लेती है।
छड़ी कैसे काम करती है?
यह छड़ी कैसे काम करती है? इसका उपयोग बेहद सरल है। किसान खेत पहुंचकर छड़ी को जमीन पर टिकाते हैं और बटन दबा देते हैं। अंदर लगे सेंसर तुरंत सक्रिय हो जाते हैं और 100 मीटर के दायरे में सांप या अन्य विषैले जीवों की गतिविधि का पता लगाते हैं। खतरा महसूस होते ही छड़ी तेज कंपन करने लगती है, जो किसान को तुरंत सतर्क कर देती है।
इसमें हाई-पावर टॉर्च भी है, जो घने अंधेरे में रास्ता साफ दिखाती है। साथ ही पैनिक बटन दबाने पर जोरदार अलार्म बजता है, जिससे आसपास के लोग भी मदद के लिए पहुंच सकते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह तकनीक सस्ती, हल्की और मौसम प्रतिरोधी है, जो छोटे किसानों के लिए भी सुलभ होगी।
मंत्री का डेमो और किसानों की प्रतिक्रिया
मंत्री चौहान ने महोत्सव में इसे हाथ में थामे डेमो दिया। उन्होंने कहा, “रात के साये में खेतों में मेहनत करने वाले हमारे किसान भाइयों को अब सांपों से डरना नहीं पड़ेगा। यह ‘किसान मित्र’ उनकी जान का रक्षक बनेगा।” वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया है, जहां लाखों किसान इसे देखकर उत्साहित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपकरण न केवल सांप काटने की घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ भी घटाएगा। उत्तर प्रदेश के मेरठ जैसे जिलों में, जहां गन्ना और धान के खेतों में सांपों की समस्या बनी रहती है, इसे जल्द वितरित करने की मांग उठ रही है।
आत्मनिर्भर भारत की नई पहल
सरकार की यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और कदम है। जल्द ही इसे कृषि योजनाओं के तहत मुफ्त या सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाएगा। किसान भाइयों, अब खेतों में डर के बजाय आत्मविश्वास के साथ उतरें। ‘किसान मित्र छड़ी’ आपकी ढाल है!









