
चारधाम यात्रा की तैयारी में जुटे लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू कर दी है। लंबे इंतजार के बाद यह सेवा 15 अप्रैल शाम 6 बजे से IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हो गई। पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के टिकट बुक हो रहे हैं, जिससे भक्तों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। चारधाम यात्रा पोर्टल पर अब तक 16.68 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जिसमें केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा 5.73 लाख आवेदन दर्ज हैं।
आसान बुकिंग प्रक्रिया
IRCTC के heliyatra.irctc.co.in पोर्टल पर यह बुकिंग आसान लेकिन सतर्कता भरी प्रक्रिया है। यात्रियों को पहले चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन नंबर और ग्रुप आईडी तैयार रखनी चाहिए, जो registration.pmgokhamev.in से प्राप्त होता है। साइट पर लॉगिन करने के बाद ‘बुक टिकट’ विकल्प चुनें, अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें, यात्री का नाम, आधार या वैध पहचान पत्र की डिटेल भरें। उसके बाद उपलब्ध स्लॉट देखें, हेलीपैड (गुप्तकाशी, फाटा या सिरसी) चुनें और पेमेंट पूरा करें।
केवल आधिकारिक साइट इस्तेमाल करें, क्योंकि फर्जी वेबसाइट्स पर ठगी की शिकायतें बढ़ रही हैं। इस बार 8 हेलीकॉप्टर कंपनियों को अनुमति दी गई है, जिसमें पवन हंस प्रमुख है। हेल्पलाइन नंबर 1800110139 या 080-44647998 पर संपर्क कर सहायता लें, या heliyatra@irctc.co.in पर मेल करें।
किराया और समय की पूरी जानकारी
हेलीकॉप्टर सेवा के किराए अलग-अलग हेलीपैड्स पर आधारित हैं, जो राउंड ट्रिप के हिसाब से तय किए गए। गुप्तकाशी से केदारनाथ की उड़ान महज 10 मिनट में पूरी होती है, लेकिन इसका किराया सबसे ज्यादा 12,762 रुपये प्रति व्यक्ति है। फाटा हेलीपैड से 7 मिनट की छोटी दूरी के लिए 10,164 रुपये चुकाने पड़ेंगे। वहीं, सिरसी से सबसे तेज 6 मिनट की यात्रा मात्र 6,390 रुपये में संभव है। ये दरें टैक्स समेत हैं और मौसम व कंपनी पर निर्भर।
पहले चर्चा में कुछ स्रोतों ने गुप्तकाशी के लिए 7740 रुपये का जिक्र किया था, लेकिन आधिकारिक अपडेट में उच्च दरें पुष्ट हैं। उड़ानें सुबह जल्दी शुरू होती हैं, केदारनाथ में दर्शन के बाद दोपहर तक वापसी सुनिश्चित। उदाहरणस्वरूप, फाटा से सुबह 11:40 बजे तक स्लॉट उपलब्ध।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष लाभ
यह सेवा बुजुर्गों, महिलाओं और स्वास्थ्य समस्याओं वाले श्रद्धालुओं के लिए वरदान है, क्योंकि पैदल ट्रेकिंग कठिन है। चारधाम यात्रा का मौसम मई-जून में चरम पर रहता है, इसलिए जल्द बुकिंग जरूरी। सरकार ने रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रखा है ताकि भीड़ प्रबंधन हो सके। पिछले सालों की तरह इस बार भी मौसम बाधा डाल सकता है, इसलिए वैकल्पिक तारीख चुनें। पोर्टल पर रीयल-टाइम उपलब्धता दिखती है, लेकिन पॉपुलर डेट्स जल्द भर जाती हैं।
उत्साह और सावधानियां
श्रद्धालुओं का जोश लाजमी है। सोशल मीडिया पर भक्त अपनी तैयारियां शेयर कर रहे हैं। एक यात्री ने कहा, “रजिस्ट्रेशन के बाद हेली बुकिंग आसान हो गई, अब बिना थकान के दर्शन होंगे।” उत्तराखंड सरकार और IRCTC ने तकनीक से यात्रा को सुगम बनाया है। हालांकि, किराए पर कुछ असंतोष है, लेकिन सुविधा को देखते हुए इसे स्वीकार्य माना जा रहा। यात्रा से पहले मौसम ऐप चेक करें और हल्के सामान के साथ रहें। इस पवित्र यात्रा के लिए शुभकामनाएं!









