
देश का मौसम इस समय जबरदस्त विरोधाभास पेश कर रहा है। जहां दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिमी मैदानों में झुलसाने वाली गर्मी और लू ने लोगों का जीना हराम कर दिया है, वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर, पूर्वी और अन्य राज्यों में ‘वेरी हैवी रेन’ तथा 70 किमी/घंटा की रफ्तार वाले बवंडर का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वर्तमान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे गर्मी की लहर ने स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, लेकिन हफ्ते के अंत तक राहत की किरण नजर आ रही है।
IMD की रिपोर्ट
IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, भारत में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने उत्तर भारत को तपोन्माद की चपेट में डाल रखा है, जबकि बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर में चक्रवाती परिसंचरण मूसलाधार बारिश की तैयारी कर रहा है।
बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र, विदर्भ से कोमोरिन तक फैली ट्रफ लाइन और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में ऊपरी चक्रवात ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अप्रैल में ही गर्मी और तूफान का यह असामान्य संयोजन बढ़ रहा है।
पूर्वोत्तर में सबसे गंभीर खतरा
IMD ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में 25 से 27 अप्रैल तक थंडरस्क्वाल यानी 70 किमी/घंटा तेज हवाओं के साथ बवंडर आ सकते हैं, जबकि 26 से 29 अप्रैल के बीच अत्यधिक भारी बारिश (>20 सेमी) का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 27-29 अप्रैल को मूसलाधार वर्षा होगी, जो भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ाएगी।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28-29 अप्रैल को भारी बारिश की चेतावनी है। इन इलाकों में नदियां उफान पर आ सकती हैं, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने स्कूल बंद करने और राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
पूर्वी भारत में ओलावृष्टि और तूफान का कहर
बिहार और झारखंड में 25-27 अप्रैल तक 70 किमी/घंटा बवंडर तथा झारखंड में 26-27 अप्रैल को ओलावृष्टि की प्रबल आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25-27 अप्रैल को भारी बारिश होगी, जो पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ट्रिगर कर सकती है। इन राज्यों में किसानों को फसलों को नुकसान से बचाने की सलाह दी गई है, क्योंकि ओले और तेज हवाएं धान, गेहूं और सब्जियों को तबाह कर सकते हैं।
उत्तर-पश्चिम में गर्मी बरकरार
दिल्ली-यूपी के मैदानी इलाकों में गर्मी फिलहाल प्रचंड रूप धारण किए हुए है। हालांकि 28-29 अप्रैल को यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक संग हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आएगी। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में 26-28 अप्रैल को धूल भरी हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और हल्की बूंदाबांदी संभव है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 28-29 अप्रैल को बारिश-बर्फबारी का दौर लौटेगा।
दक्षिण-मध्य में भी अलर्ट
छत्तीसगढ़ में 26-27 अप्रैल तथा मध्य प्रदेश में 27 अप्रैल को गरज-चमक के साथ 50 किमी/घंटा हवाएं और बारिश होगी। महाराष्ट्र के मध्य और मराठवाड़ा में आज (24 अप्रैल) ओलावृष्टि का खतरा है। कर्नाटक-केरल में 27 अप्रैल तक हल्की-मध्यम बारिश जारी रहेगी। गुजरात, ओडिशा, तटीय आंध्र में उमस भरी गर्मी रातों को भी सताएगी।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश के दौरान खुले में न निकलें। पूर्वोत्तर-पूर्वी राज्यों के निवासी विशेष सतर्क रहें, जलभराव से बचें और IMD ऐप पर नजर रखें। गर्मी प्रभावित क्षेत्रों में हाइड्रेशन बनाए रखें। यह मौसमी बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत है, जो आने वाले दिनों में और तीव्र हो सकता है।





