
भारत में सोना न सिर्फ निवेश का सुरक्षित साधन है, बल्कि शादियों, त्योहारों और परंपराओं का अभिन्न अंग भी। हाल के महीनों में सोने की कीमतों में 15-20 प्रतिशत की तेजी आई है, जिससे कई परिवारों के पास अब लाखों-करोड़ों का सोना जमा हो गया है। लेकिन सवाल उठता है- घर में कितना सोना रखना कानूनी है? क्या इनकम टैक्स विभाग सीधे जब्त कर सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, कोई नया नियम 2026 में लागू नहीं हुआ, लेकिन 1994 का पुराना सर्कुलर ही गाइडलाइन है।
कोई तय सीमा नहीं, लेकिन स्रोत जरूरी
भारत में गोल्ड कंट्रोल एक्ट 1968 को 1990 में खत्म कर दिया गया। अब कानूनन कोई अधिकतम सीमा नहीं है- आप जितना चाहें रख सकते हैं। शर्त सिर्फ एक है: सोने का स्रोत वैध साबित हो। आयकर छापे में अगर बिल, बैंक स्टेटमेंट या विरासत के प्रमाण हों, तो कोई दिक्कत नहीं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) की 11 मई 1994 की सर्कुलर नंबर 19 के मुताबिक, सामान्य आभूषणों पर ये स्वीकार्य सीमाएं हैं, जिन्हें तुरंत जब्त नहीं किया जाता।
| व्यक्ति का प्रकार | स्वीकार्य सोना (ग्राम में) |
|---|---|
| शादीशुदा महिला | 500 |
| अविवाहित महिला | 250 |
| पुरुष (शादीशुदा/अविवाहित) | 100 |
एक चार सदस्यों वाले परिवार (पति-पत्नी, दो बच्चे) में कुल 1100 ग्राम तक बिना बिल के रखा जा सकता है। ये मात्रा जांच में ‘सामान्य’ मानी जाती है।
सीमा पार हुई तो क्या होगा?
अधिक सोना मिलने पर अधिकारी जब्ती नहीं करते, बल्कि स्रोत पूछते हैं। अगर बिल न हो तो इसे अघोषित आय मानकर 60-90% टैक्स के साथ पेनल्टी लग सकती है। उदाहरणस्वरूप, दिल्ली के एक व्यापारी के घर 2 किलो सोना बिना दस्तावेज मिला, तो 1.5 करोड़ का टैक्स नोटिस जारी हुआ। Enforcement Directorate (ED) भी ब्लैक मनी के शक में जांच सकता है। बिना बिल वाला 1 करोड़ का सोना भी दस्तावेज से बच सकता है।
विरासत, गिफ्ट या खरीदारी के नियम
- विरासत: वसीयत, पुराने ITR या वेल्थ टैक्स रिटर्न दिखाएं। कोई टैक्स नहीं लगता।
- गिफ्ट: गिफ्ट डीड और दाता का PAN जरूरी। रिश्तेदारों से अनलिमिटेड, गैर-रिश्तेदार से 50,000 रुपये तक टैक्स-फ्री।
- खरीद: 2 लाख से ऊपर कैश खरीद अवैध। GST बिल (3%) रखें। पुरानी ज्वेलरी रिमेक पर लेबर बिल संभालें।
बिक्री पर 3 साल होल्ड करने पर 20% LTCG टैक्स, अन्यथा STCG।
बैंक लॉकर या डिजिटल गोल्ड क्यों बेहतर?
घरेलू चोरी के 30% केस सोने से जुड़े। बैंक लॉकर सुरक्षित, वार्षिक किराया 2000-5000 रुपये। डिजिटल गोल्ड (Paytm, Groww) पर कोई फिजिकल रिस्क नहीं। विशेषज्ञ सलाह: सभी बिल डिजिटल कॉपी में रखें। असली खतरा अघोषित आय से है, न कि परंपरागत गहनों से। कुल मिलाकर, सोना रखने की कोई कड़ी लिमिट नहीं, लेकिन दस्तावेज तय करते हैं भाग्य। जागरूक रहें, टेंशन फ्री रहें!









