
देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम लगातार उतार‑चढ़ाव के साथ दौड़ रहा है। अप्रैल के इस महीने में जहां एक तरफ मध्य और दक्षिण भारत समेत कई राज्यों में भयंकर गर्मी से लोग झुलस रहे हैं, वहीं उत्तर हिमालयी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस सप्ताह उत्तरी भारत की ओर दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सिस्टम लगातार एक्टिव हो रहे हैं, जिनके चलते कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओले गिरने की संभावना जताई जा रही है।
दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर
मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, पहला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 16 से 17 अप्रैल के बीच उत्तर‑पश्चिम भारत पर असर डालेगा, जबकि दूसरा सिस्टम 18 से 19 अप्रैल के बीच आने की संभावना है। इन दोनों सिस्टमों के आने से पहले ही पिछले कुछ हफ्तों में कई बार ऐसे ही पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं, जिनके चलते उत्तरी भारत के कई इलाकों में बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली है।
इससे तापमान में गिरावट आई और बढ़ती गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन फसलों और आम जनजीवन पर भी नुकसान के निशान छोड़े।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अलग‑अलग मौसम
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का अगला असर ज्यादातर जम्मू‑कश्मीर के ऊंचे इलाकों, उत्तरी पंजाब और हिमाचल प्रदेश में साफ दिखेगा। यहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम विज्ञानी इसे “मध्यम श्रेणी” के वेस्टर्डिस्टर्बेंस के रूप में देख रहे हैं, जो नमी तो लाएंगे, लेकिन मैदानी इलाकों पर उनका प्रभाव सीमित रहने की आशंका है। इसका अर्थ यह है कि यूपी, दिल्ली‑एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे मैदानी राज्यों में मौसम ज्यादा नहीं बदलेगा, बल्कि धूप और गर्मी का दबदबा और मजबूत होगा।
दिल्ली‑एनसीआर में गर्मी का नया दौर
दिल्ली‑एनसीआर के मामले में यह बदलाव खास तौर पर चिंता का विषय बन रहा है। हाल ही में हुई हल्की बारिश और ठंडक के बाद फिर से तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि 17 अप्रैल तक यह 40 से 42 डिग्री के पास जाने की संभावना है।
अगर यह सीन बनता है, तो यह इस सीजन में पहली बार होगा जब दिल्ली‑एनसीआर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जाएगा, जिससे लोगों को तेज गर्मी, डिहाइड्रेशन और गर्मी‑संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
अगले 48 घंटे और लंबे समय का अनुमान
अगले 48 घंटों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में आसमान ज्यादातर साफ या हल्के बादलों वाला रहने की संभावना है। इस दौरान कोई बड़ी बारिश या आंधी‑तूफान की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन न्यूनतम तापमान धीरे‑धीरे बढ़ने से रातें ज्यादा गर्म और थोड़ी असहज लग सकती हैं। अभी सीधे तौर पर 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की संभावना कम बताई जा रही है, लेकिन जिस गति से गर्मी बढ़ रही है, उससे स्थानीय गर्मी‑लहर जैसी स्थिति बन सकती है।
सावधानी और लंबी अवधि का मौसम
विशेषज्ञों की सलाह है कि दिल्ली‑एनसीआर और गर्मी से प्रभावित अन्य राज्यों में लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें: ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, दोपहर की तेज धूप से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय टोपी या कैप, सनस्क्रीन जैसी सुरक्षा लेकर चलें। बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती और उन लोगों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है जिन्हें पहले से सांस‑संबंधी या हार्ट की बीमारियां हैं, क्योंकि गर्मी के कारण इन बीमारियों में तेजी से बदतर होने का खतरा बढ़ जाता है।
इस आसमानी “साया” के बीच जब पश्चिमी विक्षोभ का ठंडा प्रभाव धीरे‑धीरे कम हो रहा है, तो आने वाले दिनों में तापमान लगातार बढ़ने की संभावना है, जिससे अप्रैल के इन ठंडे‑सुहावने दिन लोगों को याद आ सकते हैं।









