
उत्तर भारत में पिछले कई दिनों से चल रही झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह के 8 बजे ही तापमान 40 डिग्री को पार कर जाता है, जिससे सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान समेत कई राज्यों में ‘तंदूर की भट्टी’ जैसे हालात हैं, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 अप्रैल 2026 के लिए राहत भरी खबर दी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 11 राज्यों में तूफानी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। इससे गर्मी की लहर टूटने की उम्मीद है।
शनिवार का मिला-जुला मौसम
IMD के अनुसार, 25 अप्रैल को देश में मौसम का मिजाज दोहरा दिखेगा। जहां राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भीषण गर्मी व लू का प्रकोप जारी रहेगा, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर में बादल छाएंगे। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा, लेकिन आंशिक बादलों और हल्की बूंदाबांदी से थोड़ी राहत मिल सकती है। उत्तर प्रदेश व बिहार में गरज-चमक संग 50-70 किमी/घंटा की हवाओं के साथ बारिश शुरू हो जाएगी।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में बदरा गरजेंगे। यहां हल्की से मध्यम बारिश होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। पूर्वी राज्यों झारखंड, पश्चिम बंगाल व ओडिशा में भी आंधी-बारिश के आसार हैं। पूर्वोत्तर में असम-मेघालय जैसे क्षेत्रों में भारी वर्षा (100+ मिमी) व थंडरस्क्वॉल संभव हैं। IMD ने 26 अप्रैल से दिल्ली-यूपी में तापमान 4-6 डिग्री गिरने का अनुमान जताया है।
अलर्ट वाले 11 राज्य
IMD ने बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्य (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी किया। 25-29 अप्रैल तक ये इलाके तूफानी मौसम का सामना करेंगे। पूर्वोत्तर में 70 किमी/घंटा हवाएं व ओलावृष्टि, जबकि उत्तर भारत में हल्की-मध्यम बारिश होगी। गर्मी प्रभावित क्षेत्रों में राहत तो मिलेगी, लेकिन बाढ़ व भूस्खलन का खतरा भी है।
गर्मी का अभी प्रकोप
25 अप्रैल को हीटवेव राजस्थान (45°C+), पश्चिमी यूपी व मध्य भारत में बरकरार रहेगी। IMD ने दोपहर 11 से 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी। दिल्ली में येलो अलर्ट है, जहां लू चलने से गर्मी और विकट हो सकती है। पंजाब-हरियाणा में भी तापमान चरम पर है, लेकिन 26 अप्रैल से बारिश राहत लाएगी।
विशेषज्ञ सलाह व प्रभाव
मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने को कहा। किसानों को फसलें ढकने, यात्रियों को हवाई अड्डे/रेलवे स्टेशन पर देरी की तैयारी करने को कहा गया। बिजली गिरने व दुर्घटनाओं से बचाव जरूरी। पश्चिमी विक्षोभ व साइक्लोनिक सर्कुलेशन से यह बदलाव आया है। मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हैं, जो गर्मी लहर को कमजोर करेंगी। अपडेट के लिए mausam.imd.gov.in चेक करें।
यह मौसम परिवर्तन 50 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा। गर्मी से परेशान जनता को बारिश की आस बंधी है, लेकिन अचानक बदलाव से सावधानी बरतनी होगी। IMD लगातार निगरानी रखे हुए है।





