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Income Tax Tips: आपकी कमाई पर जीरो टैक्स है? फिर भी इन 5 कारणों से भरें ‘NIL’ रिटर्न, वरना बाद में भुगतना पड़ सकता है भारी नुकसान

नया वित्तीय वर्ष 2025-26 में सैलरीड और नॉन-सैलरीड लोग ITR फाइलिंग की तैयारी कर रहे हैं। कम आय पर टैक्स शून्य होने पर भी NIL ITR भरना भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है। लोन रिजेक्ट या वीजा इनकार से बचाव के लिए यह जरूरी है।

By Pinki Negi

Income Tax Tips: आपकी कमाई पर जीरो टैक्स है? फिर भी इन 5 कारणों से भरें 'NIL' रिटर्न, वरना बाद में भुगतना पड़ सकता है भारी नुकसान

नया वित्तीय वर्ष 2025-26 शुरू हो चुका है। सैलरीड और नॉन-सैलरीड क्लास के लोग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तैयारी में जुटे हैं। अगर आपकी सालाना आय नई टैक्स व्यवस्था के तहत 4 लाख या पुरानी में 2.5 लाख रुपये से कम है, तो टैक्स लायबिलिटी शून्य हो सकती है। डिडक्शन, रिबेट या कम इनकम के कारण ऐसा होता है। लेकिन सवाल वही पुराना है- जीरो टैक्स पर ITR भरना क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह महज कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की वित्तीय सुरक्षा का कवच है। बिना ITR के लोन रिजेक्ट, वीजा इनकार या सरकारी लाभों से वंचित रहने का खतरा मंडराता है।

नए फाइनेंशियल ईयर में AIS-TIS की नजर

नए फाइनेंशियल ईयर में आयकर विभाग की AIS और TIS सिस्टम हर ट्रांजेक्शन पर नजर रख रही हैं। जीरो टैक्स होने पर भी NIL ITR फाइल न करने से नोटिस आ सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपका सेविंग अकाउंट ब्याज, फ्रीलांसिंग या FD पर TDS कटा है, तो रिफंड केवल ITR से ही क्लेम हो पाएगा। बिना फाइलिंग के ये पैसे डूब जाएंगे। फ्रीलांसरों या छोटे व्यापारियों के लिए यह खासतौर पर फायदेमंद है, क्योंकि TDS रिफंड से कैश फ्लो मजबूत होता है।

लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए मजबूत आधार

बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए ITR आय प्रमाण का सबसे मजबूत दस्तावेज है। होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन अप्रूवल में बैंक पिछले 2-3 साल के ITR चेक करते हैं। जीरो टैक्स ITR भी आपकी इनकम स्थिरता साबित करता है, खासकर अनियमित कमाई वालों के लिए। क्रेडिट स्कोर अच्छा होने पर लोन प्रोसेस तेज होता है।

वीजा आवेदन में सहायक दस्तावेज

वीजा आवेदन में भी अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन जैसे देश 3-5 साल के ITR मांगते हैं। यह फाइनेंशियल क्रेडिबिलिटी दिखाता है, चाहे स्टूडेंट वीजा हो या टूरिस्ट। बिना ITR के रिजेक्शन निश्चित।

कैपिटल लॉस कैरी फॉरवर्ड का फायदा

शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में नुकसान हुआ तो NIL ITR से कैपिटल लॉस कैरी फॉरवर्ड करें। अगले 8 साल तक इसे सेट-ऑफ कर टैक्स बचाएं। बिना फाइलिंग के यह सुविधा खो देंगे। साथ ही, सरकारी सब्सिडी, टेंडर या EWS कोटा के लिए ITR अनिवार्य है। कंप्लायंस रिकॉर्ड साफ रखने से स्क्रूटनी या नोटिस से बचाव होता है।

विशेषज्ञों की सलाह: ITR एक स्मार्ट मूव

सीए आशीष मिश्रा जैसे विशेषज्ञ कहते हैं, “डिजिटल टैक्स युग में NIL ITR फाइनेंशियल हिस्ट्री बनाता है।” न भरने पर अप्रत्यक्ष नुकसान- लोन रिजेक्ट, रिफंड लॉस या कानूनी पचड़े। FY 2025-26 के लिए डेडलाइन 31 जुलाई 2026 है। आयकर पोर्टल पर ITR-1 चुनकर ई-वेरिफाई करें। यह छोटा कदम लंबे समय में लाखों का फायदा देगा। कमाई कम हो तो भी ITR भरें, भविष्य सुरक्षित रखें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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