
प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले करोड़ों कर्मचारी जब जॉब बदलते हैं या कॉर्पोरेट दुनिया छोड़कर बिजनेस शुरू करते हैं, तो वे ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) का जमा पैसा तो तुरंत निकाल लेते हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश को पता ही नहीं चलता कि उनके ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) खाते में जमा रकम वहीं फंसकर रह जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह राशि ऑटोमैटिक रूप से बैंक में नहीं आती और न ही इस पर ब्याज मिलता है। लाखों कर्मचारी अनजाने में अपना हक छोड़ देते हैं। ईपीएफओ के लेटेस्ट नियमों के तहत फॉर्म 10C भरकर इसे आसानी से निकाला जा सकता है।
ईपीएफ और ईपीएस में क्या अंतर?
हर महीने नियोक्ता और कर्मचारी मिलकर ईपीएफ में योगदान देते हैं। कर्मचारी का 12% वेतन ईपीएफ में जाता है, जबकि नियोक्ता के 12% का 8.33% ईपीएस में चला जाता है। ईपीएफ पर ब्याज मिलता है और इसे निकालना आसान है, लेकिन ईपीएस पेंशन के लिए सुरक्षित रहता है। 10 साल से कम सेवा पर फॉर्म 10C से विड्रॉल बेनिफिट मिलता है। 10 साल या अधिक पर स्कीम सर्टिफिकेट चुन सकते हैं, जो 58 साल की उम्र में फॉर्म 10D से पेंशन दिलाएगा। 2026 के नए नियमों में 6 महीने से कम सर्विस वाले भी 1 महीने का योगदान होने पर राशि निकाल सकते हैं।
ईपीएफ निकासी के बाद ईपीएस खाता बंद नहीं होता। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़े रिकॉर्ड हमेशा ईपीएफओ सर्वर पर सुरक्षित रहते हैं। नई नौकरी मिलने पर इसे ट्रांसफर भी कर सकते हैं। अधिकांश कर्मचारी 5-6 साल की सर्विस के बाद पीएफ निकालते समय ईपीएस को भूल जाते हैं, जिससे उनका पैसा बेकार पड़ा रहता है।
ईपीएस स्थिति कैसे चेक करें?
UAN पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर लॉगिन करें। ‘View’ सेक्शन में ‘Service History’ पर क्लिक करें। यहां कुल सर्विस पीरियड, ईपीएस योगदान और बैलेंस दिखेगा। आधार लिंक और KYC पूरा होने पर ही सटीक डेटा मिलेगा। डिजिटलॉकर से भी पासबुक चेक कर सकते हैं।
ईपीएस राशि निकालने का ऑनलाइन तरीका
- ईपीएफओ पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- ‘Online Services’ में ‘Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)’ चुनें।
- ‘Only Pension Withdrawal (Form 10C)’ सिलेक्ट करें।
- KYC वेरीफाई करें, आधार पर OTP डालें और सबमिट करें।
क्लेम अप्रूव होने पर 3-10 दिनों में बैंक खाते में राशि आ जाती है। SMS अलर्ट मिलेगा। आधार न लिंक होने पर ऑफलाइन कंपोजिट क्लेम फॉर्म भरें और नियोक्ता या ईपीएफओ ऑफिस में जमा करें। 2026 अपडेट्स में ₹1 लाख तक UPI से इंस्टेंट विड्रॉल संभव है।
10 साल से कम सर्विस वालों के लिए खास
यदि कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो फॉर्म 10C से पूरा ईपीएस योगदान निकाल सकते हैं। उदाहरण: 5 साल की सर्विस में ₹50,000 जमा हैं, तो वह पूरा मिलेगा। 10 साल या अधिक पर पेंशन का हक बरकरार रहता है। 50-58 साल में रिडक्शन के साथ अर्ली पेंशन भी ले सकते हैं। टैक्स: 5 साल से पहले निकासी पर TDS लग सकता है (10% PAN के साथ)।
महत्वपूर्ण टिप्स और सावधानियां
- हमेशा UAN ऐक्टिवेट रखें और आधार लिंक करें।
- क्लेम ट्रैक ‘Track Claim Status’ से करें।
- ईपीएस पर ब्याज न मिलने से जल्दी निकालें यदि पेंशन न चाहिए।
- 2026 के नए नियमों से प्रोसेसिंग 3 दिन में हो रही है।
ईपीएफओ के 7 करोड़ सदस्यों के लिए यह सुविधा वरदान है। जागरूकता से लाखों रुपये बच सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह: सर्विस हिस्ट्री चेक कर तुरंत एक्शन लें।









