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Loan against PPF: पैसों की है जरूरत? आपका पीपीएफ अकाउंट दिलाएगा सस्ता लोन, जानें क्या हैं नियम और कैसे मिलेगा पैसा

रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पीपीएफ भारत का सबसे सुरक्षित निवेश है। इसकी ईईई कैटेगरी पूरी तरह टैक्स-फ्री लाभ देती है, 7.1% चक्रवृद्धि ब्याज लाखों का कोष बनाता है। लेकिन यह इमरजेंसी में मात्र 1% ब्याज पर सस्ता लोन भी दिलाता है।

By Pinki Negi

Loan against PPF: पैसों की है जरूरत? आपका पीपीएफ अकाउंट दिलाएगा सस्ता लोन, जानें क्या हैं नियम और कैसे मिलेगा पैसा

रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) को भारत का सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। इसकी ईईई (एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट) कैटेगरी इसे पूरी तरह टैक्स-फ्री बनाती है, जहां न जमा राशि पर टैक्स लगता है, न ब्याज पर और न मैच्योरिटी पर। वर्तमान में 7.1% की दर से चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है, जो लंबे समय में लाखों रुपये का कोष बना देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ भविष्य की बचत ही नहीं, बल्कि तात्कालिक आर्थिक संकट में सस्ते लोन का जरिया भी है?

इमरजेंसी में महंगे लोन से बेहतर विकल्प

आजकल इमरजेंसी में लोग महंगे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड की ओर रुख करते हैं, जहां ब्याज 12-18% तक पहुंच जाता है। वहीं पीपीएफ खाता मात्र 1% ब्याज पर लोन दिला सकता है। यह सुविधा उन खाताधारकों के लिए है जिन्हें अभी प्री-मैच्योर विड्रॉल की अनुमति नहीं मिली है। पीपीएफ अधिनियम के तहत खाता खुलने के तीसरे से छठे वित्तीय वर्ष के बीच यह विकल्प उपलब्ध होता है। सातवें साल से निकासी शुरू हो जाती है, इसलिए लोन की जरूरत ही नहीं पड़ती। उदाहरणस्वरूप, अगर आपका खाता 2023 में खुला, तो 2026-2029 तक लोन ले सकते हैं।

लोन सीमा और ब्याज का गणित

लोन की राशि सीमित है। नियम साफ कहते हैं कि आवेदन वाले वर्ष से ठीक दो साल पहले के बैलेंस का अधिकतम 25% ही मिलेगा। मान लीजिए, अप्रैल 2024 में बैलेंस ₹4 लाख था, तो 2026 में ₹1 लाख तक लोन संभव है। यह लोन शॉर्ट-टर्म है, जिसे 36 महीनों में चुकाना अनिवार्य है।

ब्याज का गणित दिलचस्प है- 36 महीने में 1% सरल ब्याज लगता है, जो पीपीएफ की दर (7.1%) से महज 1% ज्यादा है। देरी होने पर यह 6% तक बढ़ जाता है। महत्वपूर्ण बात: लोन अवधि में उस राशि पर पीपीएफ ब्याज नहीं जुड़ता, इसलिए जल्द चुकाना फायदेमंद है।

आवेदन प्रक्रिया: सरल और तेज

आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल है। नजदीकी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक शाखा से फॉर्म-डी प्राप्त करें। इसमें पीपीएफ अकाउंट नंबर, लोन राशि, चुकौती अवधि और एक घोषणा भरें। पासबुक की फोटोकॉपी संलग्न कर जमा करें। जांच के बाद 7-15 दिनों में राशि सीधे बचत खाते में आ जाती है। कोई गारंटर या कोलैटरल अलग से नहीं चाहिए, क्योंकि आपका जमा बैलेंस ही सिक्योरिटी है।

क्या चुनें पीपीएफ लोन? फायदे और सलाह

क्या यह विकल्प चुनना चाहिए? बिल्कुल, अगर जरूरत कम समय की हो। पर्सनल लोन से तुलना करें तो पीपीएफ लोन सस्ता और जोखिम-रहित है। मान लीजिए ₹50,000 का लोन 1% पर तीन साल में चुकाया, तो ब्याज मात्र ₹1,500 बनेगा, जबकि पर्सनल लोन पर ₹18,000 तक जा सकता है। हालांकि, लंबे समय के लिए उपयुक्त नहीं, क्योंकि ब्याज बढ़ सकता है और पीपीएफ का कंपाउंडिंग फायदा रुक जाता है। वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इमरजेंसी फंड अलग रखें, लेकिन पीपीएफ लोन अंतिम विकल्प के रूप में शानदार है।

रिटायरमेंट लक्ष्य के लिए अपराजेय पीपीएफ

रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए पीपीएफ अपराजेय है। सालाना ₹1.5 लाख निवेश से 15 साल में ₹40 लाख से अधिक का कोष बन सकता है। लोन सुविधा इसे और लचीला बनाती है। अगर आपका पीपीएफ खाता सक्रिय है, तो इस छिपे फायदे का सदुपयोग करें। केंद्र सरकार की यह स्कीम मध्यम वर्ग के लिए वरदान है। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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