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Free Laptop Scam: सावधान! क्या सरकार सच में बांट रही है फ्री लैपटॉप? व्हाट्सएप पर आए इस लिंक को क्लिक किया तो खाली हो जाएगा बैंक खाता

व्हाट्सएप पर वायरल "नेशनल स्टूडेंट लैपटॉप स्कीम 2026" का मैसेज पूरी तरह फर्जी है। केंद्र सरकार मुफ्त लैपटॉप नहीं बांट रही। PIB फैक्ट चेक के अनुसार, यह फिशिंग स्कैम बैंक डिटेल्स चुराने के लिए रचा गया है। लिंक पर क्लिक न करें, OTP शेयर न करें। आधिकारिक साइट्स से ही वेरिफाई करें।

By Pinki Negi

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इन दिनों व्हाट्सएप पर एक मैसेज की बाढ़ आ गई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार “नेशनल स्टूडेंट लैपटॉप स्कीम 2026” के तहत छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बांट रही है। मैसेज में एक आकर्षक लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करके कथित ऑनलाइन फॉर्म भरने को कहा जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि यह पूरी तरह फर्जी है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना चला रही ही नहीं। यह स्कैम लोगों के बैंक खाते खाली करने और निजी जानकारी चुराने के लिए रचा गया है।

वायरल मैसेज की सच्चाई

यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, खासकर छात्रों और निचले-मध्यम वर्ग के परिवारों के बीच। संदेश में लिखा होता है कि 9.60 लाख से ज्यादा छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर, आधार, शिक्षा स्तर और यहां तक कि बैंक डिटेल्स मांगे जाते हैं। फॉर्म दिखने में बिल्कुल सरकारी पोर्टल जैसा लगता है- “फ्री लैपटॉप्स फॉर स्टूडेंट्स” टाइटल के साथ ब्रांड चुनने का विकल्प, उम्र 10 से 50 साल और साधारण सवाल।

लेकिन PIB ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनके अनुसार, न कोई “स्टूडेंट लैपटॉप स्कीम 2026” है, न ही मुफ्त वितरण की प्रक्रिया। यह फिशिंग का चालाक जाल है, जो डिजिटल इंडिया के नाम पर लोगों को फंसाता है।

स्कैम का पूरा नेटवर्क कैसे फैलता है?

स्कैमर्स बड़े पैमाने पर व्हाट्सएप ग्रुप्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यह मैसेज फॉरवर्ड करते हैं। वे सरकारी भाषा का इस्तेमाल करते हैं- “आधिकारिक पोर्टल”, “गवर्नमेंट स्कीम”, “तुरंत रजिस्टर करें वरना सीट भर जाएगी”। लिंक पर क्लिक करने से यूजर एक नकली वेबसाइट पर पहुंचता है, जो HTTPS लोगो और भारतीय तिरंगे से सजी होती है। यहां फॉर्म भरवाया जाता है।

पहले नाम-मोबाइल, फिर OTP वेरिफिकेशन। कुछ केस में “प्रोसेसिंग फीस” के नाम पर 99-499 रुपये चार्ज होते हैं। OTP मिलते ही स्कैमर UPI या बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं। कई बार मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो फोन की पूरी जानकारी चुरा लेता। न्यूजोनएयर और लाइव हिंदुस्तान जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में हजारों लोग शिकार हो चुके हैं।

अधिकारियों की चेतावनियां

PIB फैक्ट चेक ने कई बार चेतावनी जारी की है। जनवरी 2026 में उन्होंने ट्वीट किया कि “गवर्नमेंट ऑफ इंडिया फ्री लैपटॉप नहीं दे रही”। फरवरी में यूट्यूब चैनल ‘ECICOMPUTERSKSIR‘ के वीडियो को फर्जी बताया। अप्रैल तक यह स्कैम फिर से उभरा, जब “स्टूडेंट्स लैपटॉप सपोर्ट 2026” नाम से मैसेज फैले। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी इसे रीट्वीट कर लोगों को आगाह किया। अधिकारी कहते हैं कि स्कैम का मकसद फाइनेंशियल फ्रॉड है – एक क्लिक से जीवनभर का नुकसान।

क्या हैं असली सरकारी योजनाएं?

केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा तो दे रही है, लेकिन मुफ्त लैपटॉप की कोई नेशनल स्कीम नहीं। कुछ राज्य स्तर पर पहल हैं – राजस्थान में मेधावी छात्रों को लैपटॉप वाउचर, बिहार और उत्तर प्रदेश में टैबलेट वितरण। लेकिन ये लोकल हैं, ऑनलाइन फॉर्म से नहीं। पीएम योजना जैसे ई-श्रम या उज्ज्वला में डिवाइस नहीं मिलते। हमेशा pib.gov.in, mygov.in या शिक्षा मंत्रालय की साइट चेक करें। फर्जी साइट्स .gov.in डोमेन का नकली वर्जन इस्तेमाल करती हैं।

सुरक्षा के पुख्ता उपाय

डिजिटल जमाने में सावधानी ही सुरक्षा है। अनजान लिंक पर क्लिक न करें, भले ही “फ्री” का लालच हो। फॉरवर्ड मैसेज को वेरिफाई करें- Google रिवर्स इमेज सर्च या PIB चेक से। OTP, बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें। अगर मैसेज आया, तो PIB फैक्ट चेक को व्हाट्सएप (+91 8799711259) या ईमेल (factcheck@pib.gov.in) पर रिपोर्ट करें। फोन सेटिंग्स में प्राइवेसी चेक करें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें। साइबर सेल से संपर्क करें अगर नुकसान हो।

जागरूकता ही असली हथियार

यह स्कैम 2023 से चल रहा है, लेकिन 2026 में नया रूप लेकर लौटा। गरीब छात्रों का लालच दिखाकर करोड़ों का फ्रॉड। सरकार और मीडिया की अपील है- सोचें, जांचें, शेयर न करें। डिजिटल साक्षरता बढ़ाएं ताकि परिवार सुरक्षित रहें। अगली बार “फ्री लैपटॉप” मैसेज आए, तो याद रखें: आसमान से लैपटॉप नहीं बरसते।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।