
प्राइवेट जॉब में काम करते हुए सबसे बड़ा डर यही रहता है, अगर नौकरी छोड़ दी या बीच में ब्रेक ले लिया, तो PF का पैसा तो ठीक, लेकिन उसके ऊपर ब्याज रुक जाएगा। लेकिन अच्छी खबर ये है कि Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने इस डर को पूरी तरह दूर कर दिया है। नौकरी जाने के बाद भी आपका PF खाता बंद नहीं होता, बल्कि उसमें जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है। बस कुछ आसान शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। चलिए, इसकी पूरी डिटेल समझते हैं, ताकि आप बेफिक्र होकर करियर के फैसले ले सकें।
नौकरी छोड़ने पर PF खाता क्या होता है?
सबसे पहले ये क्लियर कर लें – आपकी नौकरी छूटते ही PF खाता तुरंत बंद या इनएक्टिव नहीं हो जाता। EPFO के नियमों के मुताबिक, जब तक आपका पैसा खाते में पड़ा है और आपकी उम्र 58 साल से कम है, तब तक हर साल ब्याज जुड़ता रहता है। चाहे आप बेरोजगार हों, नई जॉब ढूंढ रहे हों या बिजनेस शुरू कर चुके हों – फर्क नहीं पड़ता। ये ब्याज करीब 8-8.5% के हिसाब से मिलता है, जो बैंक FD से भी बेहतर है। मैंने खुद देखा है, एक दोस्त ने 2 साल का ब्रेक लिया फैमिली के लिए, फिर भी उनका PF बैलेंस बढ़ता रहा। बस ये ध्यान रखें कि खाते को एक्टिव रखने के लिए समय-समय पर चेक करते रहें।
58 साल की उम्र के बाद ब्याज क्यों रुक जाता है?
अब सवाल ये आता है कि 58 साल पूरे होने पर ब्याज क्यों बंद हो जाता है? सरकारी नियम यही कहते हैं कि ये रिटायरमेंट की उम्र मानी जाती है। EPFO मानता है कि इस उम्र तक पहुंचते-पहुंचते आप अपना PF पैसा निकाल लेंगे – या तो रिटायरमेंट के लिए इस्तेमाल करेंगे या पेंशन में कन्वर्ट। इसलिए, 58 के बाद खाते में पैसा रखने पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलेगा। लेकिन इससे पहले के सालों में आपका पैसा सुरक्षित बढ़ता रहेगा। ये नियम उन लोगों के लिए सोने में सुहागा है जो जॉब स्विच करते रहते हैं या लाइफ में ब्रेक लेते हैं। PF अब लॉन्ग-टर्म सेविंग का मजबूत जरिया बन गया है।
नौकरी छोड़ने पर PF निकासी के नए नियम
EPFO ने हाल ही में निकासी के नियमों में बदलाव भी किए हैं, जो जॉब लॉस वाले हालात में काफी राहत देते हैं। अगर आप नौकरी खो देते हैं या रिजाइन कर देते हैं, तो तुरंत 75% PF रकम निकाल सकते हैं। बाकी 25% के लिए 12 महीने तक बेरोजगार रहना पड़ेगा। पहले ये पूरा पैसा 2 महीने बाद मिल जाता था, लेकिन अब ये बदलाव इसलिए किया गया है ताकि लोग जल्दबाजी में सब निकाल न लें और रिटायरमेंट सेविंग्स बरकरार रहें।
साथ ही, Employees’ Pension Scheme (EPS) की निकासी अब 36 महीने (3 साल) की हो गई है। मतलब, PF पर तो 58 तक ब्याज मिलेगा, लेकिन पेंशन का इंतजार थोड़ा लंबा। ये नियम आपको सोचने पर मजबूर करते हैं – निकालें या बढ़ने दें?
PF खाता कब हो जाता है इनएक्टिव?
एक बात और जो बहुत लोग मिस कर देते हैं – अगर नौकरी छोड़ने के बाद 36 महीने तक खाते में कोई नया कंट्रीब्यूशन (योगदान) न हो, तो वो इनएक्टिव हो जाता है। इनएक्टिव खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, और ट्रैकिंग भी मुश्किल। इसलिए, नई जॉब जॉइन करने पर पुराना PF तुरंत ट्रांसफर करवा लें। UAN नंबर से ये काम आसानी से हो जाता है। मैं सलाह दूंगा, हर 6 महीने में EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके बैलेंस चेक करें। इससे न कोई पैसा डूबेगा, न ब्याज रुकेगा।
PF को कैसे रखें सेफ और बढ़ता हुआ?
तो कुल मिलाकर, नौकरी छोड़ना अब PF के लिए खतरा नहीं। 58 साल तक ब्याज मिलता रहेगा, 75% तुरंत निकाल सकते हैं, और ट्रांसफर से खाता एक्टिव रखें। अगर आप प्राइवेट सेक्टर में हैं, तो ये जानना आपके लिए गेम-चेंजर है। बिजनेस शुरू करने वाले, मैट्रिमोनी ब्रेक लेने वाली महिलाएं या जॉब हॉपर – सबके लिए PF अब रियल सिक्योरिटी नेट है। आधिकारिक जानकारी के लिए EPFO की वेबसाइट epfindia.gov.in या UMANG ऐप यूज करें। अपना UAN एक्टिवेट रखें, पासवर्ड अपडेट करें, और फ्यूचर प्लानिंग करें। इससे आपका पैसा न सिर्फ सेफ रहेगा, बल्कि बढ़ भीेगा!









