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EPFO पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर: दिल्ली में महारैली की तैयारी, क्या वाकई बढ़ेगी आपकी पेंशन?

81 लाख पेंशनभोगियों की आवाज़: 9 मार्च से 11 मार्च तक जंतर-मंतर पर 3-दिवस की आंदोलन। 1000 रुपये की न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये तक बढ़ाने की मांग। 30-35 वर्षी सेवा के बाद भी 1,171 रुपये मासिक पेंशन। 200-250 पेंशनभोगियों की असामयिक मृत्यु। 9-11 मार्च को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन।

By Pinki Negi

EPFO पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर: दिल्ली में महारैली की तैयारी, क्या वाकई बढ़ेगी आपकी पेंशन?

सेवानिवृत्तियों और बुजुर्ग नागरिकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई नई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पेंशनभोगियों की आवाज अब एक बड़े आंदोलन के रूप में उभर रही है। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत पेंशनभोगी वर्तमान में 1,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर 81 लाख से अधिक पेंशनभोगी 9 मार्च से 11 मार्च तक तीन दिवसीय आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर एकत्रित होंगे।

पेंशन में वृद्धि की मांग क्यों उठ रही है?

ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अनुसार, भारत में लगभग 81 लाख पेंशनभोगी हैं जो केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र, सहकारी संस्थाओं, निजी क्षेत्र, मिलें और मीडिया संस्थानों में कार्यरत थे। इनमें से अधिकांश लोग 30 से 35 वर्षों तक नियमित रूप से ईपीएफओ में योगदान करते रहे हैं, फिर भी उन्हें औसतन केवल 1,171 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है।

इसके विपरीत, विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बिना किसी योगदान के भी पेंशन बांटी जा रही है, जो न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि नैतिकता के भी विरुद्ध है। इसीलिए पेंशनभोगियों का कहना है कि 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन से आज के महँगाई के युग में जीवनयापन संभव नहीं है।

आंदोलन का उद्देश्य और मांगें

आंदोलन का मुख्य उद्देश्य न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये प्रति माह तक बढ़ाना है। समिति ने कहा है कि वे 9, 10 और 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित होंगे और अपने आवाज को सुनाएंगे। समिति ने प्रधानमंत्री, सभी केंद्रीय मंत्रियों और सभी दलों के सांसदों से अपील की है कि वे बुजुर्ग पेंशनभोगियों की पुकार को नजरअंदाज न करें। समिति ने आरोप लगाया है कि इतनी कम पेंशन और मुफ्त चिकित्सा देखभाल की कमी के कारण देश भर में हर दिन 200-250 पेंशनभोगियों की असामयिक मृत्यु हो रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया और भविष्य की राह

वर्तमान में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह चर्चा है कि सरकार न्यूनतम पेंशन को ₹5,000 तक बढ़ाने पर विचार कर रही है, लेकिन यह केवल एक प्रस्ताव है और इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

आने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान यह मुद्जा फिर से चर्चा में आ सकता है। पेंशनभोगियों का मानना है कि यदि सरकार इस मांग को स्वीकृत करती है, तो ही पेंशन में वृद्धि संभव है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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