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ऑनलाइन शॉपिंग में हुआ फ्रॉड? अब मोबाइल से ही दर्ज कराएं कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत; जानें ‘e-Daakhil’ की पूरी प्रक्रिया

ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड की स्थिति में अब आपको न्याय के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। भारत सरकार के 'e-Daakhil' पोर्टल के माध्यम से आप घर बैठे, बिना वकील के और ₹5 लाख तक के दावे के लिए बिना किसी फीस के शिकायत दर्ज कर सकते हैं। बस edaakhil.nic.in पर जाकर पंजीकरण करें, आवश्यक दस्तावेज (बिल, रसीद, सबूत) अपलोड करें और 48 घंटे में ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

By Pinki Negi

ऑनलाइन शॉपिंग में हुआ फ्रॉड? अब मोबाइल से ही दर्ज कराएं कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत; जानें 'e-Daakhil' की पूरी प्रक्रिया

ऑनलाइन शॉपिंग के जमाने में धोखाधड़ी और खराब सेवा से जूझते हुए कई लोग परेशान हैं। लेकिन अब चिंता की कोई जरूरत नहीं। भारत सरकार के ‘e-Daakhil’ पोर्टल के माध्यम से आप घर बैठे, बिना वकील के और बस अपने मोबाइल या लैपटॉप से ही अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह सुविखा न केवल समय बचाती है बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाती है।

e-Daakhil: आपका डिजिटल कंज्यूमर फोरम

e-Daakhil एक राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप प्लेटफॉर्म है जो उपभोक्ता विवादों के निपटान के लिए बनाया गया है। इसकी मदद से अब आपको न तो कोर्ट के चक्कर लगाने हैं और न ही किसी वकील के पास जाना पड़ता है। यह पोर्टल 2020 से सक्रिय है और अब यह पूरे भारत में उपलब्ध है।

शिकायत दर्ज करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. पंजीकरण (Registration):
    • सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल edaakhil.nic.in पर जाएं।
    • ‘Complainant/Advocate’ सेक्शन में ‘Registration’ पर क्लिक करें।
    • अपना नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और पता दर्ज करें। OTP के माध्यम से सत्यापन करें।
    • अपनी पहचान पत्र (आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस) की PDF कॉपी अपलोड करें।
  2. शिकायत दर्ज करना (Filing Complaint):
    • लॉगिन करने के बाद ‘Filing’ टैब में ‘File a New Case’ चुनें।
    • सही उपभोक्ता आयोग (जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर) का चयन करें।
    • विपक्षी पक्ष (ब्रांड या कंपनी) का नाम और पता दर्ज करें।
    • शिकायत का विस्तृत विवरण (हिंदी या अंग्रेजी में) लिखें।
  3. दस्तावेज अपलोड करना:
    • जरूरी दस्तावेज जैसे बिल, रसीद, ई-मेल स्क्रीनशॉट और रिफंड अनुरोध के सबूत अपलोड करें।
    • सभी दस्तावेज PDF फॉर्मेट में और 2MB से कम साइज के हों।
    • एक इंडेक्स, तिथि सूची और नोटराइज्ड एफिडेविट भी अपलोड करें।
  4. शुल्क और भुगतान:
    • ₹5 लाख तक के दावों के लिए कोई कोर्ट फीस नहीं देनी पड़ती।
    • ₹5 लाख से अधिक के दावों के लिए निर्धारित फीस ऑनलाइन (UPI/Net Banking) से भुगतान करें।
  5. सबमिशन और ट्रैकिंग:
    • सबमिट करने के बाद आपको एक Complaint ID मिलेगी।
    • इस ID के माध्यम से आप अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
    • 48 घंटे के भीतर निवारण प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

महत्वपूर्ण सलाह और सहायता

  • सहायता: शिकायत से पहले 1915 पर कॉल करके या 8800001915 पर व्हाट्सएप करके सलाह ले सकते हैं।
  • साइबर फ्रॉड: यदि मामला बैंक धोखाधड़ी का है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
  • UM App: आप UMANG ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इस प्रणाली के तहत अब न्याय पाना पहले कहीं से भी आसान हो गया है। तो देर क्यों, यदि आप ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान फंस गए हैं, तो तुरंत e-Daakhil पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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