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e-Shram Portal: ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की चमकी किस्मत! मिलते हैं ये 5 बड़े लाभ, जानें आवेदन का सही तरीका

ई‑श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने से असंगठित श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है और बुढ़ापे में प्रधानमंत्री श्रम योगी मान‑धन योजना के तहत हर महीने 3 हजार रुपये की पेंशन का लाभ भी मिल सकता है। ई‑श्रम कार्ड से जुड़े मजदूर सरकारी योजनाओं, आपदा राहत और रोजगार अवसर तक सीधी पहुंच बना सकते हैं, जिससे उनकी जीवन‑स्थिति में स्पष्ट सुधार होता है।

By Pinki Negi

e-Shram Portal: ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की चमकी किस्मत! मिलते हैं ये 5 बड़े लाभ, जानें आवेदन का सही तरीका

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया ई‑श्रम (e‑Shram) पोर्टल अब देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय मोड़ बन चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य देश‑भर के असंगठित श्रमिकों (Unorganized Workers) का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है, ताकि वे आपदा, महामारी या अन्य राष्ट्रीय संकट के दौरान भी सीधे सरकारी मदद, बीमा और भविष्य की योजनाओं का लाभ उठा सकें।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 30 करोड़ से अधिक श्रमिक ई‑श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जो असंगठित क्षेत्र के लिए विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क बनाता है।

कौन कर सकता है रजिस्ट्रेशन?

ई‑श्रम पर पंजीकरण देश के उन व्यक्तियों के लिए खुला है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं या स्व‑रोजगार धारक हैं, लेकिन कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। आयु 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए, ताकि श्रमिक की जीवन‑अवस्था योजना के ढांचे में आ सके। व्यवसाय अवश्य होना चाहिए असंगठित क्षेत्र में जैसे छोटे और मझोले किसान, मछुआरे, पशुपालक, निर्माण श्रमिक, बुनकर, नमक श्रमिक, नाई, चमार, धोबी, ऑटो/रिक्शा चालक, घरेलू नौकर, वाहन चालक, दुकान की दैनिक‑मजदूरी आदि।

हालांकि, यदि कोई व्यक्ति आयकर नहीं भरता और न ही EPFO या ESIC जैसी संगठित क्षेत्र की योजनाओं से जुड़ा है, तभी उसे ई‑श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए अपात्र घोषित नहीं किया जाता। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वही वर्ग जो पारंपरिक सामाजिक सुरक्षा जाल से बाहर रहता है, उसे डिजिटल पहचान और सुरक्षा दी जा सके।

ई‑श्रम कार्ड: डिजिटल पहचान और स्थायी यूनिक नंबर

ई‑श्रम पोर्टल पर सफल पंजीकरण के बाद श्रमिक को एक डिजिटल ई‑श्रम कार्ड जारी किया जाता है, जिस पर 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दर्ज रहता है। यह नंबर पूरे भारत में वैध माना जाता है, जिसके कारण यदि श्रमिक किसी अन्य राज्य या शहर में जाता है, तब भी उसका ई‑श्रम कार्ड और उसके साथ जुड़े लाभ बरकरार रहते हैं। कार्ड एक ही बार बनने पर स्थायी माना जाता है; बार‑बार रिन्यू करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर आय, पता या बैंक खाता जैसी जानकारियों को अपडेट किया जा सकता है।

इस कार्ड के जरिए श्रमिक अपनी आधार‑आधारित पहचान को एक ही प्लेटफॉर्म पर बांधकर विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक सीधी पहुंच बना सकता है और राज्य‑केंद्रीय योजनाओं के लाभ को डिजिटल तौर पर ट्रैक कर सकता है।

पंजीकरण के बाद मिलने वाले बड़े लाभ

ई‑श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने वाले श्रमिकों को तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह के लाभ मिलते हैं। सबसे महत्वपूर्ण लाभ में PMSBY (प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना) के तहत दुर्घटना बीमा कवर शामिल है, जिसके तहत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 2 लाख रुपये की राशि मिलती है, जबकि आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलती है, और इसके लिए श्रमिक को अलग से प्रीमियम नहीं देना पड़ता।

किसी भी महामारी या राष्ट्रीय संकट जैसी स्थिति में सरकार ई‑श्रम डेटाबेस का उपयोग कर सीधे श्रमिक के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आर्थिक मदद भेज सकती है, जिससे राहत पहुंचने में भ्रम या देरी कम होती है। इसी डेटाबेस के आधार पर श्रमिकों को शिक्षा, आवास, विवाह और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी लक्षित तरीके से दिया जा सकता है।

रोजगार और कौशल से जुड़ी सुविधाएं

ई‑श्रम पोर्टल को अब असीम (ASEEM) पोर्टल और नेशनल करियर सर्विस (NCS) जैसे रोजगार‑आधारित प्लेटफॉर्मों से जोड़ा जा रहा है, ताकि असंगठित श्रमिकों के कौशल, अनुभव और रुचि के आधार पर उन्हें योग्य नौकरियों का अवसर मिल सके। इस जोड़ के जरिए श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल स्किल और उद्योग‑विशिष्ट ट्रेनिंग की जानकारी तक पहुंच मिलती है, जिससे उनकी आय और रोजगार स्थिरता में वृद्धि हो सके।

पंजीकरण की प्रक्रिया: मुफ्त और आसान

ई‑श्रम पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है और इसे दो तरीकों से किया जा सकता है- ऑनलाइन वेबसाइट (eshram.gov.in) के माध्यम से या अपने नजदीक के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर। इसके लिए श्रमिकों के पास आधार कार्ड, आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर और बैंक खाता होना अनिवार्य है, ताकि लाभ और बीमा राशियां सीधे खाते में पहुंच सकें।

प्रक्रिया काफी सरल है: वेबसाइट पर “Register on e‑Shram” पर क्लिक करने के बाद लिंक्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है; उसे वेरिफाई करने के बाद आधार नंबर डालकर फॉर्म भरा जाता है। इसमें नाम, लिंग, उम्र, पता, व्यवसाय, आय स्तर, शैक्षणिक योग्यता और बैंक खाता विवरण दर्ज करने होते हैं, जिसके बाद फोटो या अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड कर सबमिट करना होता है। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद श्रमिक को 12 अंकों का UAN नंबर और ई‑श्रम कार्ड की डिजिटल कॉपी SMS या ई‑मेल के जरिए भेजी जाती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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