
ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रिन्यूअल की लंबी प्रक्रिया अब इतिहास बन गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 2026 से Parivahan Sewa Portal पर पूरी तरह डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस सिस्टम लागू कर दिया है। अब आवेदकों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर लगाने की टेंशन से मुक्ति मिलेगी। दस्तावेज अपलोड से फीस भुगतान तक सारा काम घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से हो जाएगा। यह बदलाव ‘डिजिटल इंडिया’ पहल का हिस्सा है, जो लाखों वाहन चालकों को समय और मेहनत बचाएगा।
2026 के नए नियम: मुख्य बदलाव
नए नियमों के तहत आधार-आधारित प्रमाणीकरण (Aadhaar-based authentication) से आवेदन तुरंत शुरू होता है। 40 वर्ष से अधिक आयु के ड्राइवरों के लिए Form 1A (मेडिकल सर्टिफिकेट) अनिवार्य है, जिसे डिजिटल अपलोड करना होगा। लाइसेंस खत्म होने से 1 साल पहले या 1 साल बाद तक रिन्यूअल संभव है।
30 दिनों के ग्रेस पीरियड में कोई जुर्माना नहीं लगेगा। रिन्यूअल पूरा होने पर स्मार्ट कार्ड DL 15-30 दिनों में पते पर पोस्ट से पहुंचेगा। यदि DL 1 साल से ज्यादा एक्सपायर है, तो ड्राइविंग टेस्ट दोबारा देना पड़ सकता है। ये नियम दिल्ली जैसे शहरों में खास राहत देंगे, जहां RTO लाइनों की समस्या आम है।
स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रक्रिया
- पोर्टल पर लॉगिन: sarathi.parivahan.gov.in पर जाएं, राज्य चुनें। ‘Driving Licence Related Services’ में ‘DL Renewal’ सिलेक्ट करें।
- डिटेल्स भरें: DL नंबर, जन्मतिथि दर्ज करें। सिस्टम ऑटोमैटिक डेटा भर देगा।
- दस्तावेज अपलोड: पुराना DL, आधार, फोटो, हस्ताक्षर और मेडिकल सर्टिफिकेट (जरूरी मामलों में) अपलोड करें।
- फीस पेमेंट: ₹200-₹400 की फीस UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड से चुकाएं।
- स्टेटस चेक: एक्नॉलेजमेंट स्लिप डाउनलोड करें। ‘Application Status’ से ट्रैक करें। कई राज्यों में डोरस्टेप वेरिफिकेशन भी उपलब्ध।
फायदे और सावधानियां
यह सिस्टम पांडेमिक के बाद संपर्करहित सेवाओं को बढ़ावा देता है। दिल्ली RTO में e-Astra ऐप से आधार लिंक्ड DL आसानी से रिन्यू होता है। समय पर न रिन्यू करने पर ₹5000 तक जुर्माना लग सकता है। मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए सरकारी डॉक्टर से Form 1A बनवाएं और ऑनलाइन अपलोड करें। उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी यह सुविधा पूरी तरह सक्रिय है।
वाहन मंत्रालय के अनुसार, 2026 में 5 करोड़ से ज्यादा DL रिन्यूअल होने हैं। यह पोर्टल National Portal of India से लिंक्ड है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। अगर DL 5 साल ओवर है, तो RTO विजिट अपरिहार्य। ड्राइवर सतर्क रहें, सड़क सुरक्षा पहले!









