
देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। करीब 210-212 किलोमीटर लंबे इस सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे पर आम जनता का आवागमन शुरू हो जाएगा, जो दिल्ली के अक्षरधाम से गाजियाबाद, बागपत, शामली, सहारनपुर, हरिद्वार होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। पहले जहां यह सफर 6 घंटे से ज्यादा लेता था, अब महज ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा। लेकिन उत्साह के साथ लोगों के मन में टोल टैक्स को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं- पूरे रूट पर कितने प्लाजा पड़ेंगे, कितना पैसा लगेगा और फास्टैग से कितना कटेगा? हम लाए हैं पूरी डिटेल।
एक्सप्रेसवे का डिजाइन और लाभ
यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के 135 किलोमीटर हिस्से से गुजरते हुए आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। कुल 12 इंटरचेंज के साथ डिजाइन किया गया यह कॉरिडोर बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे जिलों को जोड़ेगा। खास बात यह है कि दिल्ली के अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक के पहले 18 किलोमीटर टोल-मुक्त रहेंगे, जिससे शुरुआती यात्रियों को राहत मिलेगी। उद्घाटन के बाद टोल संग्रह पूरी तरह फास्टैग आधारित होगा, यानी कोई रुकावट नहीं, सीधे वॉलेट से कटौती।
टोल प्लाजा और फीस की डिटेल
एक्सप्रेसवे पर कुल 5 टोल प्लाजा प्रस्तावित हैं, जिनमें मुख्य रूप से काठा (बागपत), रसूलपुर और सैयद माजरा (सहारनपुर) शामिल हैं। अगर आप कार से सफर कर रहे हैं, तो दिल्ली से देहरादून या वापस एक तरफ का पूरा टोल 675 रुपये होगा। लेकिन स्मार्ट यात्रियों के लिए अच्छी खबर- अगर 24 घंटे के अंदर राउंड ट्रिप करें, तो दोनों तरफ कुल 1010 रुपये लगेंगे, यानी दूसरी तरफ महज 335 रुपये अतिरिक्त। उदाहरण के लिए, दिल्ली से काठा तक 235 रुपये, रसूलपुर तक 420 रुपये, सैयद माजरा तक 530 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
रिटर्न पर डिस्काउंट के चलते कुल खर्च 30-35 फीसदी कम हो जाता है। फास्टैग यूजर्स को तो और फायदा, क्योंकि NHAI का वार्षिक पास (लगभग 3000-3075 रुपये में 200 ट्रिप्स) इस रूट पर लागू होगा। नियमित यात्रियों जैसे मेरठ या देहरादून वालों के लिए यह पास सालाना हजारों रुपये बचा सकता है।
पीएम मोदी का उद्घाटन और सलाह
पीएम मोदी का यह उद्घाटन इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का प्रतीक बनेगा। पहले के पुराने रूट पर टोल लगभग बराबर या ज्यादा था, लेकिन समय की बचत अभूतपूर्व है। हालांकि, भारी वाहनों के लिए फीस अलग होगी, जो श्रेणी पर निर्भर करेगी। यात्रा से पहले NHAI ऐप या वेबसाइट पर अपडेट चेक करें, क्योंकि टोल दरें बदल सकती हैं। फास्टैग रिचार्ज रखें और वार्षिक पास का विकल्प तलाशें। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ व्यापारियों, पर्यटकों बल्कि छात्रों और परिवारों के लिए वरदान साबित होगा। आज से नई यात्रा शुरू, लेकिन टोल की तैयारी भूलें नहीं!









