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सावधान! किसी का ‘गारंटर’ बनना बिगाड़ सकता है आपका सिबिल स्कोर; जानें बड़ा जोखिम

दोस्त-रिश्तेदार की मदद के चक्कर में लोन का गारंटर बनना भावनात्मक फैसला हो सकता है, लेकिन यह आपकी वित्तीय जिंदगी बर्बाद कर सकता है। उधारकर्ता की EMI चूक से आपका CIBIL स्कोर गिर जाता है, नया लोन मुश्किल। विशेषज्ञ चेताते हैं- भरोसेमंद व्यक्ति ही चुनें, वरना कानूनी-वित्तीय पचड़े में फंसें। सोचकर कदम उठाएं!

By Pinki Negi

सावधान! किसी का 'गारंटर' बनना बिगाड़ सकता है आपका सिबिल स्कोर; जानें बड़ा जोखिम

भावनाओं में बहकर किसी दोस्त या रिश्तेदार के लोन का गारंटर बनना आजकल आम बात हो गई है। लेकिन यह ‘छोटी मदद’ आपकी वित्तीय जिंदगी को पटरी से उतार सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि गारंटर बनते ही लोन आपकी CIBIL क्रेडिट रिपोर्ट से जुड़ जाता है, और उधारकर्ता की एक चूक से आपका स्कोर धड़ाम गिर सकता है। अगर आप खुद होम लोन या कार लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह जोखिम भविष्य की योजनाओं पर पानी फेर सकता है।

गारंटर की भूमिका और सिबिल से जुड़ाव

लोन गारंटर बैंक को आश्वासन देता है कि यदि मुख्य उधारकर्ता EMI चुकाने में नाकाम रहा, तो वह पूरी राशि लौटाएगा। भारत में CIBIL जैसी एजेंसियां इस लोन को गारंटर की क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज कर लेती हैं, भले ही आप EMI न भरें। Bajaj Finserv के अनुसार, अच्छा क्रेडिट स्कोर वाला व्यक्ति ही गारंटर बन पाता है, लेकिन उधारकर्ता के समय पर भुगतान से आपका स्कोर स्थिर रहता है। वहीं, देरी या डिफॉल्ट होने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो वर्षों तक बने रह सकता है।

सिबिल स्कोर पर गहरा नुकसान

उधारकर्ता अगर EMI मिस करता है, तो यह गारंटर के स्कोर पर सीधा असर डालता है। क्रेडिट उपयोग अनुपात बढ़ जाता है, क्योंकि लोन आपकी कुल देनदारी में जुड़ जाता है। उदाहरण के लिए, 750+ स्कोर वाला व्यक्ति डिफॉल्ट के बाद 600 तक गिर सकता है, जिससे नए लोन की ब्याज दरें 2-3% ज्यादा लग सकती हैं या आवेदन रिजेक्ट हो जाता है। SKFin की रिपोर्ट कहती है कि बड़ी राशि का गारंटर लोन आपको ‘उच्च कर्ज वाला’ दिखा सकता है।

प्रमुख जोखिम जो समझना जरूरी

गारंटर बनने के खतरे बहुआयामी हैं:

  • वित्तीय बोझ: डिफॉल्ट पर आपको मूलधन, ब्याज और पेनल्टी चुकानी पड़ सकती है।
  • क्रेडिट हिस्ट्री खराब: मिस्ड पेमेंट आने वाले 7 साल तक रिपोर्ट में रहते हैं।
  • कानूनी पचड़ा: बैंक रिकवरी एजेंट या कोर्ट के जरिए वसूली कर सकता है।
  • रिश्ते बिगड़ें: परिवारिक झगड़े आम हैं, जब भुगतान का दबाव बढ़ता है।

News18 की हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि कई लोग अनजाने में फंस जाते हैं, क्योंकि वे उधारकर्ता की आय स्थिरता नहीं जांचते।

विशेषज्ञों की सलाह: जोखिम से बचें

फाइनेंशियल एडवाइजर सुझाते हैं कि गारंटर बनने से पहले लिखित एग्रीमेंट करें और उधारकर्ता की सिबिल रिपोर्ट देखें। यदि पहले से गारंटर हैं, तो मासिक सिबिल चेक करें (cibil.com पर फ्री उपलब्ध)। डिफॉल्ट होने पर बैंक से लोन रिलीज या सेटलमेंट की मांग करें। Moneycontrol के मुताबिक, भावनाओं से ऊपर उठकर अपनी आर्थिक स्थिति प्राथमिकता दें।​

सोच-समझकर कदम उठाएं

गारंटर बनना नेकी का काम लगता है, लेकिन वित्तीय रूप से यह बम है। विशेषज्ञ जोर देते हैं- सिर्फ भरोसेमंद व्यक्ति के लिए ही ऐसा करें। लाखों भारतीय इस गलती से जूझ रहे हैं। अपनी CIBIL स्कोर की रक्षा करें, क्योंकि यह आपकी वित्तीय आजादी की कुंजी है। गारंटर बनने से पहले 10 बार सोचें!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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