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चारधाम यात्रा 2026: अब मेडिकल टेस्ट के बिना नहीं मिलेंगे दर्शन! जाने से पहले जान लें नया ‘Health Protocol’

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने हेतु मेडिकल जांच अनिवार्य कर दी है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के दर्शन संभव नहीं। 19 अप्रैल से कपाट खुलेंगे। 57 स्क्रीनिंग केंद्रों पर हृदय-फेफड़े परीक्षण होगा। ऊंचाई बीमारियों से बचाव के लिए यह कदम जरूरी। यात्रा से पूर्व चेकअप कराएं, स्वस्थ रहें।

By Pinki Negi

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हिमालय की गोद में बसे चार धाम- यमनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ- के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु हर साल उत्साहित होते हैं। लेकिन इस बार उत्तराखंड सरकार ने यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल जांच अनिवार्य कर दी गई है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के कोई भी श्रद्धालु चार धाम के कपाट के दर्शन नहीं कर सकेगा।

यह नया हेल्थ प्रोटोकॉल ऊंचाई से जुड़ी घातक बीमारियों जैसे एक्यूट माउंटेन सिकनेस (एएमएस), हृदयाघात और श्वसन संबंधी समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से लागू किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था यात्रियों की जान बचाने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए है।

चारधाम कपाट खुलने की तिथियां घोषित

चारधाम यात्रा 2026 का आगमन तिथियां घोषित हो चुकी हैं। सबसे पहले 19 अप्रैल को यमनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। उसके अगले दिन 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के द्वार भक्तों के लिए स्वागत करेंगे, जबकि 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बद्रीनाथ धाम श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा। ये तिथियां धार्मिक पंचांग के अनुसार तय की गई हैं, जो यात्रा की शुरुआत को पावन बनाती हैं। लेकिन इस दिव्य यात्रा के कठिन रास्तों- चढ़ाई, दुर्गम पहाड़ियां, अप्रत्याशित मौसम- को देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

नया हेल्थ प्रोटोकॉल: मेडिकल जांच अनिवार्य

नए प्रोटोकॉल के तहत हर श्रद्धालु को यात्रा आरंभ करने से पहले पूर्ण मेडिकल चेकअप कराना होगा। इसमें हृदय रोग, फेफड़ों की जांच, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और अन्य गंभीर बीमारियों का परीक्षण शामिल है। देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिले में कुल 57 स्क्रीनिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन कियोस्कों पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल अधिकारी और 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे।

यात्रा पंजीकरण के दौरान ही अपनी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज करनी होगी, और मौके पर फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य है। पंजीकरण ‘टूरिस्ट केयर उत्तराखंड’ ऐप या वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर किया जा सकता है। हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए heliservices.uk.gov.in पोर्टल का उपयोग करें। सबसे उपयुक्त समय मई-जून की गर्मी या सितंबर-अक्टूबर का है, जब मौसम अनुकूल रहता है।

सख्त नियम क्यों जरूरी: ऊंचाई की चुनौतियां

यह प्रोटोकॉल क्यों इतना सख्त? चारधाम मार्ग 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां ऑक्सीजन की मात्रा सामान्य से 30-40 प्रतिशत कम होती है। पिछले वर्षों में दर्जनों श्रद्धालु एएमएस, हाइपोक्सिया या हृदयाघात का शिकार हुए। खराब मौसम में रेस्क्यू ऑपरेशन जटिल हो जाते हैं। सरकार का ‘हेल्थ ब्लूप्रिंट’ इसी कमी को दूर करता है।

यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बढ़ाए गए हैं, जहां 24×7 एम्बुलेंस, ऑक्सीजन सिलेंडर और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा, अंतरराज्यीय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें दिल्ली, यूपी, बिहार जैसे राज्यों से आने वाले यात्रियों को घर से ही गाइडलाइंस दी जा रही हैं।

स्वास्थ्य सलाह: यात्रा से पहले तैयारी

स्वास्थ्य सलाह विशेषज्ञों की है- यात्रा से 2-3 सप्ताह पहले चेकअप कराएं। प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर पानी पिएं, हल्का भोजन लें और भारी सामान न उठाएं। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऊंचाई पर धीरे-धीरे चढ़ें, ताकि शरीर अनुकूलित हो सके। आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर और जीपीएस ट्रैकिंग का उपयोग करें। यह प्रोटोकॉल न केवल जान बचाएगा, बल्कि यात्रा को यादगार बनाएगा।

सरकारी पहल: आस्था और स्वास्थ्य का संगम

उत्तराखंड सरकार की यह पहल सराहनीय है, जो धार्मिक आस्था और आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान का बेहतरीन संगम है। लाखों श्रद्धालु यदि इन नियमों का पालन करेंगे, तो 2026 की चारधाम यात्रा इतिहास रचेगी। तैयार रहें, स्वस्थ रहें, दर्शन करें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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