
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) जैसे बड़े संस्थागत निवेशक को आमतौर पर बड़े‑बड़े ब्लूचिप शेयरों से जोड़ा जाता है, लेकिन हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि LIC का पोर्टफोलियो इतना सिर्फ ब्लूचिप‑सेंट्रिक नहीं है। LIC के पास 20 रुपये से भी कम कीमत वाले कुछ पेनी स्टॉक्स में भी हिस्सेदारी है, जो छोटे निवेशकों के लिए विशेष रूप से दिलचस्प है। LIC की मौजूदगी आमतौर पर भरोसे की निशानी मानी जाती है, लेकिन इन लो‑प्राइस स्टॉक्स में रिस्क भी कम नहीं है। आइए उन तीन कंपनियों के बारे में जानते हैं, जिनमें LIC ने दांव लगाया है और देखते हैं कि इनका शेयर‑मार्केट हाल क्या है।
Easy Trip Planners Ltd
Easy Trip Planners Ltd, जिसका ऑनलाइन प्लेटफॉर्म EaseMyTrip.com है, देश की कुछ प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों में से एक मानी जाती है। कंपनी का खास आकर्षण उसका “नो कन्वीनियंस फीस” मॉडल है, जो ग्राहकों को अतिरिक्त चार्ज के बिना फ्लाइट, होटल और बस बुकिंग की सुविधा देता है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 1,517 मिलियन रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की उसी अवधि की तुलना में मामूली बढ़ोतरी दिखाता है।
रुझान रेवेन्यू के मामले में स्थिर है, लेकिन नेट प्रॉफिट ने नकारात्मक संकेत दिए हैं। उसी तिमाही में नेट प्रॉफिट 31 मिलियन रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 340 मिलियन रुपये के करीब था। Equitymaster की रिपोर्ट के अनुसार LIC की Easy Trip Planners में लगभग 2.3% की हिस्सेदारी है, जो इस स्मॉल‑कैप शेयर में संस्थागत भरोसे की निशानी मानी जा सकती है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.69% टूटकर 8.62 रुपये पर बंद हुआ, यानी इसकी कीमत अभी भी ₹10 के आसपास ही दिखाई दे रही है।
यह शेयर उन निवेशकों के लिए दिलचस्प हो सकता है जो ट्रैवल‑टेक और ऑनलाइन बुकिंग सेक्टर में लॉन्ग‑टर्म ग्रोथ‑पॉटेंशियल देखते हैं, लेकिन कमज़ोर मार्जिन, उच्च प्रतिस्पर्धा और लो‑लिक्विडिटी इसमें रिस्क को भी साफ दिखाते हैं।
Orient Green Power Company Ltd
Orient Green Power Company Ltd रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़ी कंपनी है, जो मुख्य रूप से विंड एनर्जी के माध्यम से बिजली उत्पादन करती है। कंपनी पहले से मौजूद विंड‑आधारित प्रोजेक्ट्स के साथ‑साथ सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स में भी विस्तार करने की योजना बना रही है, जो लंबे समय में ग्रोथ ड्राइवर बन सकता है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 360 मिलियन रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 345 मिलियन रुपये की तुलना में हल्की बढ़त दिखाता है।
इसके अलावा, कंपनी के पास फिलहाल 389 मेगावॉट की क्षमता है, जिसमें 382 मेगावॉट विंड और 7 मेगावॉट सोलर शामिल हैं। आने वाले समय में लगभग 28 मेगावॉट की अतिरिक्त क्षमता अप्रैल- मई 2026 तक चालू होने की उम्मीद है, जिससे रेवेन्यू बेस और भी मजबूत हो सकता है। इसमें LIC की हिस्सेदारी लगभग 1.31% है, जो छोटी लेकिन महत्वपूर्ण है।
शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.10% बढ़कर 9.87 रुपये पर बंद हुआ, यानी दाम अभी भी ₹10 से नीचे बना हुआ है। यह स्टॉक उन निवेशकों के लिए रिस्की लेकिन थीमेटिक रूप से आकर्षक हो सकता है, जो ग्रीन एनर्जी और सरकारी नीतियों के साथ जुड़े लंबे समय के बेट्स को अपने पोर्टफोलियो में रखना चाहते हैं।
Bajaj Hindusthan Sugar Ltd
Bajaj Hindusthan Sugar Ltd देश की प्रमुख शुगर और एथेनॉल निर्माता कंपनियों में से एक है। कंपनी उत्तर प्रदेश में 14 शुगर प्लांट चलाती है, जहां से चीनी, एथेनॉल, कोजान‑आधारित पॉवर आदि उत्पादन होता है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 13,804 मिलियन रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 14,758 मिलियन रुपये की तुलना में थोड़ा कम है।
हालांकि, नेट प्रॉफिट के आंकड़े बेहतर दिखते हैं: कंपनी ने 147 मिलियन रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में घाटा था। यह बदलाव दिखाता है कि बिज़नेस‑मॉडल में कुछ सुधार हुआ है या कॉस्ट‑स्ट्रक्चर नियंत्रित हुआ है। इसमें LIC की हिस्सेदारी 3.21% है, जो इस लो‑लिक्विड शेयर में संस्थागत पैदल जमाव की ताकत दिखाती है।
शुक्रवार को कंपनी का शेयर 3.99% बढ़कर 16.16 रुपये पर बंद हुआ, यानी इसकी कीमत अब ₹20 से नीचे, लेकिन ₹10-₹15 के बीच “सस्ता” रेंज में दिखाई दे रही है। शुगर और एथेनॉल जैसे कमोडिटी‑आधारित सेक्टर में कीमत और पॉलिसी दोनों पर निर्भरता ज़्यादा होती है, इसलिए यह स्टॉक जोखिम‑भरा है, लेकिन LIC की हिस्सेदारी इसे वैल्यू‑प्ले के रूप में भी देखने का आकर्षण देती है।
LIC‑backed पेनी स्टॉक्स
LIC जैसे संस्थागत निवेशक की मौजूदगी अक्सर भरोसे का संकेत मानी जाती है, लेकिन इन शेयरों को ब्लाइंडली कॉपी करने के बजाय उनकी फाइनेंशियल हेल्थ, सेक्टर डायनैमिक्स और लिक्विडिटी को ध्यान में रखना ज़रूरी है। ये तीनों स्टॉक- ट्रैवल‑टेक, रिन्यूएबल एनर्जी और शुगर-एथेनॉल – अलग‑अलग थीम्स को दर्शाते हैं, जहां लंबे समय में ग्रोथ की संभावना है, लेकिन अल्पकालिक उथल‑पुथल और कमज़ोर लिक्विडिटी का रिस्क भी साफ‑साफ दिखता है।









