
दक्षिण कोरिया सरकार ने Hyundai की फ्लैगशिप लग्जरी एसयूवी Palisade के करीब 58,000 हाइब्रिड मॉडल तुरंत प्रभाव से रिकॉल करने का आदेश दिया है। ऑटोमैटिक सीट सिस्टम में खामी के कारण यात्रियों, खासकर बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं, जिनके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
ओहायो की घटना के बाद तेज हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की शुरुआत अमेरिका के ओहायो राज्य में हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ी है, जहां 2 साल की बच्ची की मौत Hyundai Palisade की तीसरी रो की ऑटोमैटिक सीट की चपेट में आने से हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, पावर‑फोल्डिंग सिस्टम से लैस यह सीट फोल्ड होते वक्त बच्चे को पहचान नहीं पाई और उस पर गिर गई, जिसके चलते वह फंस गई और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद न सिर्फ अमेरिकी रेगुलेटर्स बल्कि दक्षिण कोरिया के परिवहन मंत्रालय ने भी Palisade के पावर सीट सिस्टम की सेफ्टी पर सवाल उठाए और विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान केवल ओहायो वाला मामला ही नहीं, बल्कि इससे मिलते‑जुलते अन्य केस भी सामने आए। दक्षिण कोरिया में अक्टूबर और दिसंबर 2025 के दौरान दो लोग Palisade के ऑटोमैटिक सीट मैकेनिज्म की वजह से घायल हुए थे। वहीं अमेरिका में भी पावर सीट से जुड़े चार अलग‑अलग चोट के मामले दर्ज किए गए, जिनमें यात्रियों के सीट मूवमेंट के दौरान फंसने या दबने की शिकायतें सामने आईं।
तकनीकी खामी: कहां चूका सेफ्टी सिस्टम?
दक्षिण कोरिया के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, Palisade की दूसरी और तीसरी पंक्ति की सीटों में लगा पावर‑सीट सिस्टम सही तरीके से यह पहचान नहीं कर पा रहा था कि सीट के रास्ते में कोई व्यक्ति या वस्तु मौजूद है या नहीं। यानी ऑक्यूपेंट डिटेक्शन और ऑटो‑स्टॉप से जुड़ी यह वह खामी है, जो सामान्य परिस्थितियों में चोट से बचाव की पहली लाइन मानी जाती है।
सरकार और कंपनी की प्रारंभिक जांच में साफ हुआ कि समस्या हार्डवेयर से ज्यादा सीट कंट्रोलर के सॉफ्टवेयर डिजाइन में कमी से जुड़ी है। गलत डिजाइन के कारण सिस्टम समय रहते रुकने की बजाय अपनी पूरी ट्रैवल रेंज तक चलता रहा, जिससे सीट फोल्ड या स्लाइड होते समय बीच में फंसे व्यक्ति को बचाने की क्षमता प्रभावित हुई। सेफ्टी रेगुलेटर्स ने इसे “उच्च जोखिम” वाली खराबी मानते हुए त्वरित रिकॉल की सिफारिश की।
Hyundai की तात्कालिक राहत
बढ़ते दबाव और ग्लोबल मीडिया की निगाह के बीच Hyundai ने Palisade के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट रोलआउट करना शुरू कर दिया है। कंपनी का कहना है कि फिलहाल यह अपडेट एक अस्थायी समाधान है, जिसके जरिए पावर‑सीट के व्यवहार को ज्यादा सुरक्षित बनाया जाएगा, जबकि आगे और गहरे तकनीकी बदलावों पर भी विचार हो रहा है।
नए सॉफ्टवेयर अपडेट में तीन अहम बदलाव किए जा रहे हैं।
- पहली बात, ऑटोमैटिक फोल्डिंग सीट फीचर को अब एक स्विच से पूरी तरह बंद किया जा सकेगा, जबकि पहले इसे निष्क्रिय करने के लिए पूरी गाड़ी बंद कर दोबारा स्टार्ट करनी पड़ती थी।
- दूसरी बदलाव के तौर पर, पावर‑सीट फीचर केवल तब एक्टिव होगा जब टेलगेट खुला होगा, यानी लोडिंग‑अनलोडिंग की स्थिति में ही इसका ऑटोमैटिक फंक्शन चलेगा।
- तीसरा, सीट मूवमेंट के दौरान सिस्टम की मॉनिटरिंग लॉजिक को अपडेट किया जा रहा है, ताकि संभावित बाधा महसूस होने पर सीट को तुरंत रोकने की क्षमता बेहतर हो सके।
ग्लोबल रिकॉल और बिक्री पर ब्रेक
Hyundai Palisade केवल घरेलू बाजार नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कंपनी की बेस्ट‑सेलिंग थ्री‑रो एसयूवी में गिनी जाती है। यही वजह है कि सेफ्टी विवाद उठते ही कंपनी को कई बड़े मार्केट में आक्रामक कदम उठाने पड़े। दक्षिण कोरिया में करीब 58,000 हाइब्रिड Palisade रिकॉल किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिका और कनाडा में 2026 मॉडल ईयर के लिमिटेड और कैलिग्राफी जैसे हाई‑एंड ट्रिम्स की लगभग 68,500 गाड़ियों को भी वापस मंगाया जा रहा है और इन वेरिएंट्स की बिक्री फिलहाल रोक दी गई है।
अमेरिका में करीब 60,500 और कनाडा में लगभग 8,000 Palisade SUVs इस रिकॉल कैंपेन के दायरे में हैं। कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और कहा है कि जांच पूरी होने तक अंतरिम सेफ्टी मेजर्स लागू रहेंगे। उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर सॉफ्टवेयर के अलावा हार्डवेयर – जैसे सीट मोटर, सेंसर या पूरा रेल मैकेनिज्म – बदलना पड़ा, तो Hyundai को करीब 100 बिलियन वॉन, यानी लगभग 66 मिलियन डॉलर तक का सीधा खर्च उठाना पड़ सकता है।
टेक्नोलॉजी बनाम सुरक्षा
Hyundai Palisade का यह मामला ऑटो इंडस्ट्री के सामने एक बार फिर यह सवाल रखता है कि एडवांस फीचर्स और ऑटोमेशन की दौड़ में बेसिक सेफ्टी को कितनी प्राथमिकता दी जा रही है। पावर‑फोल्डिंग सीट जैसी सुविधाएं परिवारों के लिए सुविधा जरूर बढ़ाती हैं, लेकिन जरासा भी सॉफ्टवेयर या डिज़ाइन गैप इन्हीं फीचर्स को जानलेवा जोखिम में बदल सकता है।
फिलहाल Hyundai सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए नुकसान सीमित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सेफ्टी रेगुलेटर्स साफ संकेत दे रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम – जैसे व्यापक हार्डवेयर मॉडिफिकेशन और लंबे समय तक सेफ्टी ऑडिट – भी अनिवार्य किए जा सकते हैं।









