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मिट्टी से निकला 500 साल पुराना सोना! जमीन मालिक और सरकार के बीच जंग; जानें क्या कहता है ‘ट्रेजर ट्रोव’ कानून

छतरपुर के राजगढ़ में सड़क मिट्टी से सोने के सिक्के मिले, लूट मच गई। कर्नाटक के लक्कुंडी में रिट्टी परिवार को 466 ग्राम प्राचीन गहने (₹8 करोड़ मूल्य) मिले, ईमानदारी से सौंपे। ट्रेजर ट्रोव एक्ट के तहत 1/5वां हिस्सा (₹1.6 करोड़) मांग रहे। मंत्री भरोसा दे रहे, जांच जारी।

By Pinki Negi

मिट्टी से निकला 500 साल पुराना सोना! जमीन मालिक और सरकार के बीच जंग; जानें क्या कहता है 'ट्रेजर ट्रोव' कानून

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव में जनवरी 2026 में सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी से 500 साल पुराने सोने के सिक्कों के मिलने की घटना ने देश को झकझोर दिया। उधर, कर्नाटक के लक्कुंडी में घर की नींव खुदाई में रिट्टी परिवार को 466 ग्राम के 22 प्राचीन सोने के आभूषण मिले, जिनकी एंटीक वैल्यू ₹8 करोड़ आंकी गई। दोनों मामलों में ट्रेजर ट्रोव कानून के तहत जमीन मालिक और सरकार के बीच जंग छिड़ गई है, जहां ईमानदारी और हक की लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया।

छतरपुर राजगढ़: लूट का माहौल, जांच जारी

राजगढ़ पैलेस के पास से लाई गई मिट्टी में बारिश के बाद चमकते सिक्के दिखे, जिन्हें ग्रामीण मुगलकालीन खजाना बता रहे थे। वीडियो वायरल होते ही सैकड़ों लोग रातभर खुदाई में जुट गए, लूटपाट की नौबत आ गई। पुलिस ने मौके संभाला, लेकिन सिक्के पाने वाले लापता बताए जा रहे। पुरातत्व विभाग की जांच में सिक्कों की प्रामाणिकता साबित होना बाकी है। गांव के सरपंच रमेश प्रसाद ने कहा, “अरबी में लिखे सिक्के 500 साल पुराने लगते हैं, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है।” ओबेरॉय ग्रुप द्वारा पैलेस को होटल बनाने के कार्य से जुड़ी यह मिट्टी अब विवाद का केंद्र बनी हुई।

लक्कुंडी: ईमानदारी का इनाम मांग रहे रिट्टी परिवार

कर्नाटक के लक्कुंडी में प्रज्वल रिट्टी को घर बनाने के लिए नींव खोदते वक्त विजयनगर या चालुक्य काल के 500-600 साल पुराने गहने मिले। ईमानदारी दिखाते हुए इन्हें सरकार को सौंप दिया। विशेषज्ञ समिति ने इन्हें ₹8 करोड़ का आंका, जो बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा है। अब परिवार एक-पांचवां हिस्सा (₹1.6 करोड़) मांग रहा है।

प्रज्वल की परदादी गिरिजम्मा बोलीं, “पोते ने ड्यूटी निभाई, सरकार भी नियम निभाए।” स्थानीय मंत्री एच.के. पाटिल और सिद्दू पाटिल ने समर्थन का भरोसा दिया, साथ ही परिवार को जमीन भी दिलाई। (नोट: लक्कुंडी विवरण यूजर प्रदान डेटा पर आधारित)

ट्रेजर ट्रोव एक्ट 1878: कानून क्या कहता?

ब्रिटिश काल का इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट कहता है- निजी जमीन पर खजाना मिले तो जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करें। ऐतिहासिक महत्व हो तो सरकार जब्त करेगी, अन्यथा खोजने वाले को 50% या एक-पांचवां हिस्सा (राज्यवार भिन्न) मिल सकता है। बिना अनुमति खुदाई अपराध है, ASI का अधिकार क्षेत्र लागू। छतरपुर में लूट अवैध, लक्कुंडी में ईमानदारी से परिवार का केस मजबूत। विशेषज्ञों का मानना है, एंटीक वैल्यू पर हिस्सा तय होगा, लेकिन कोर्ट ही अंतिम फैसला लेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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