
18 साल की उम्र करियर की दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस पड़ाव पर पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ हुनर (Skills) सीखने और आत्मनिर्भर बनने की चुनौती भी होती है। युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए सरकार कई बेहतरीन योजनाएं चला रही है, जो न केवल फ्री ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट प्रदान करती हैं, बल्कि नौकरी पाने और अपना खुद का छोटा-बड़ा बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद भी देती हैं। इन योजनाओं का सही लाभ उठाकर युवा आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकते हैं और अपने सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं।
फ्री ट्रेनिंग के साथ मिलेगा सर्टिफिकेट
अगर आप 18 साल के हो चुके हैं और कोई खास हुनर (Skill) सीखकर अच्छी नौकरी पाना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आपके लिए बेहतरीन मौका है। इस योजना के तहत आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिटेल जैसे सैकड़ों आधुनिक कोर्स कराए जाते हैं। खास बात यह है कि इनमें से अधिकतर कोर्स पूरी तरह फ्री हैं और कुछ में युवाओं को स्टाइपेंड (खर्चा) भी दिया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद आपको सरकार की ओर से एक सर्टिफिकेट मिलता है, जिसकी मदद से बड़ी कंपनियों में नौकरी मिलना बहुत आसान हो जाता है।
शनल अप्रेंटिसशिप स्कीम के साथ शुरू करें अपना करियर
अगर आप सिर्फ किताबी ज्ञान के बजाय असली कार्यक्षेत्र (Practical Experience) में काम सीखना चाहते हैं, तो नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। इस योजना के तहत युवाओं को नामी कंपनियों में सीधे काम सीखने का मौका मिलता है। ट्रेनिंग के दौरान आपको हर महीने स्टाइपेंड (खर्चा) भी दिया जाता है, जिससे आप पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको प्रोफेशनल वर्क कल्चर की समझ हो जाती है और अक्सर वही कंपनियां अच्छे प्रशिक्षुओं को पक्की नौकरी का ऑफर भी दे देती हैं।
युवाओं के बिजनेस और करियर के लिए सरकारी योजनाएं
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना उन युवाओं के लिए वरदान है जो अपना खुद का काम, दुकान या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको बिना किसी गारंटी के लोन मिलता है। सरकार ने इसे तीन श्रेणियों—शिशु, किशोर और तरुण—में बांटा है ताकि आप अपनी जरूरत के हिसाब से फंड ले सकें। इसके साथ ही, सरकार की विभिन्न इंटर्नशिप योजनाएं स्टूडेंट्स को नामी सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में काम करने का मौका देती हैं। इससे न केवल आपका प्रोफेशनल नेटवर्क बनता है और सीवी (CV) मजबूत होती है, बल्कि आपको कम उम्र में ही सही करियर चुनने का अनुभव भी मिल जाता है।
डिग्री के साथ हुनर और कमाई
आज के समय में युवाओं के लिए केवल डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि करियर में सफलता के लिए प्रैक्टिकल स्किल और अनुभव होना भी जरूरी है। सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और नेशनल अप्रेंटिसशिप स्कीम जैसी पहल युवाओं को मुफ्त ट्रेनिंग, सर्टिफिकेट और काम के साथ स्टाइपेंड (कमाई) का मौका देती हैं। वहीं, जो युवा अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए मुद्रा योजना बिना गारंटी लोन देकर बिजनेस का रास्ता आसान बनाती है। ये सभी योजनाएं युवाओं को न केवल ‘जॉब-रेडी’ बनाती हैं, बल्कि उन्हें कम उम्र में ही आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मविश्वास से भरपूर होने में मदद करती हैं।
18 की उम्र में सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे उठाएं?
18 साल की उम्र जीवन का वह पड़ाव है जहाँ आपका एक सही फैसला भविष्य की दिशा बदल सकता है। यह समय नई चीजें सीखने और प्रयोग करने के लिए सबसे अच्छा होता है। अगर युवा अपनी रुचि के अनुसार सही सरकारी योजना—चाहे वह स्किल ट्रेनिंग हो, अप्रेंटिसशिप हो या स्टार्टअप लोन—का चुनाव समय पर कर लेते हैं, तो उनकी मेहनत का फल कई गुना बढ़ जाता है। किसी भी योजना से जुड़ने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी पढ़ना और अपनी काबिलियत को परखना बेहद जरूरी है। आज उठाया गया एक छोटा सा कदम आपको कल एक सफल और आत्मनिर्भर नागरिक बना सकता है।









