
राजस्थान में सड़क विकास के नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। केंद्र सरकार ने अलवर और दौसा जिले के बीच यातायात और औद्योगिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-921 (NH-921) को चार लेन में अपग्रेड करने की वित्तीय मंजूरी दे दी है। लगभग 862.22 करोड़ रुपये की इस परियोजना से क्षेत्र में न केवल सड़क सुरक्षा सुधरेगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और ग्रामीण कनेक्टिविटी को भी नई रफ्तार मिलेगी।
महुवा से कोठी नारायणपुर तक सुगम यात्रा का सपना
नया चार लेन हाईवे महुवा-जयपुर टी-पॉइंट से शुरू होकर मण्डावर, गढ़ी सवाईराम, पिनान, माचाड़ी होते हुए राजगढ़ के कोठी नारायणपुर तक जाएगा। यह मार्ग कई कस्बों और गांवों को सीधे जोड़ते हुए राज्य की आंतरिक यातायात प्रणाली को मजबूत करेगा। इस हाईवे की पक्की शोल्डर वाली सड़कों से भारी वाहनों का संचालन आसान होगा और यात्रा का समय भी काफी कम होगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बढ़ेगा सीधा जुड़ाव
इस नए हाईवे के निर्माण से राजस्थान के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। दौसा-अलवर मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र तक सड़क परिवहन और तेज हो जाएगा। यात्री वाहनों के साथ-साथ व्यापारिक ट्रांसपोर्ट को भी इससे बड़ी सुविधा मिलेगी। यह कनेक्टिविटी उन उद्योगों के लिए भी अहम साबित होगी जो दिल्ली-NCR बाजार पर निर्भर हैं।
फ्लाईओवर और तीन बाईपास से घटेगा ट्रैफिक दबाव
हाईवे के साथ कई संरचनात्मक सुधार भी होंगे। महुवा में राष्ट्रीय राजमार्ग-21 के जंक्शन (जयपुर साइड) पर एक फ्लाईओवर बनाया जाएगा ताकि भारी यातायात वाले इस बिंदु पर जाम की समस्या समाप्त हो सके। इसके अलावा, महुवा (4.8 किमी), मंडावर (3.99 किमी) और गढ़ी सवाईराम (2.45 किमी) में तीन अलग-अलग बाईपास तैयार किए जाएंगे। माचाड़ी मोड़ पर होने वाले 1.45 किमी री-अलाइनमेंट कार्य से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सड़कों की सुरक्षा बढ़ेगी।
व्यापार और उद्योग को मिलेगी नई गति
यह परियोजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार के लिए भी एक बड़ा अवसर बनकर आ रही है। चार लेन सड़क निर्माण से तेज रफ्तार मालवाहक वाहनों और ट्रकों का आवागमन निर्बाध होगा, जिससे जगह-जगह छोटे उद्योगों और किसानों को बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
गढ़ी सवाईराम बाईपास विजय राम मीणा के मकान के पास से आरंभ होकर अंता पाड़ा सरकारी स्कूल के पास समाप्त होगा। इस मार्ग पर लक्ष्मणगढ़ सड़क क्रॉसिंग पर अंडरपास और सर्विस लाइन सड़क भी बनाई जाएगी, जो स्थानीय लोगों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और सुविधा प्रदान करेगी।
रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे
सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में स्थानीय मजदूरों और इंजीनियरिंग कर्मचारियों के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे। साथ ही, इस हाईवे के बन जाने से क्षेत्रीय परिवहन व्यवसाय भी फलने-फूलने लगेगा। छोटे शहरों से जयपुर या दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी तेज और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा।
टेंडर प्रक्रिया तीन महीने में पूरी होगी
अभी इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेज़ी से चल रहा है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सरकार ने अगले तीन महीने के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। निर्माण कार्य नव वर्ष के दूसरे तिमाही में प्रारंभ किया जाएगा।
यह तय है कि जब यह हाईवे बनकर पूरा होगा, तब राजस्थान के इस इलाके का चेहरा बदल जाएगा। विकास, रोजगार और औद्योगिक निवेश की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी। आने वाले वर्षों में यह मार्ग राज्य की आर्थिक रफ्तार को नई दिशा देगा और ग्रामीण से शहरी तक सफर को आसान बनाएगा।









