
अगर आपके बैंक खाते में गलती से किसी और के पैसे आ जाएं, तो उसे अपना समझकर खर्च करने की भूल कभी न करें। कानून के अनुसार, बिना मेहनत या बिना किसी आधार के आया यह पैसा आपका नहीं है। अचानक बढ़ा हुआ बैलेंस देखकर खुश होने के बजाय, आपकी जिम्मेदारी है कि आप तुरंत बैंक को इसकी सूचना दें।
यदि आप इस पैसे को जानबूझकर छिपाते हैं, खर्च कर देते हैं या बैंक को लौटाने से मना करते हैं, तो इसे आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) माना जाता है। ऐसे मामलों में बैंक न केवल रिकवरी के कड़े कदम उठाता है, बल्कि आप पर पुलिस केस भी हो सकता है जिसमें जेल जाने तक का प्रावधान है।
खाते में आया अनजान पैसा खर्च करना है अपराध
बैंक खाते में आए किसी और के पैसे को अपना मान लेना कानूनी रूप से बहुत बड़ी गलती है। अगर आप जानते हैं कि वह पैसा आपका नहीं है, फिर भी आप उसे खर्च करते हैं, तो यह ‘आपराधिक विश्वासघात’ माना जाता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत, किसी और की संपत्ति या पैसे का गलत इस्तेमाल करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। कानून साफ़ कहता है कि किसी भी अनजान रकम के बारे में तुरंत बैंक को बताना आपकी जिम्मेदारी है, वरना यह एक गंभीर पुलिस केस बन सकता है।
बैंक की चेतावनी को न करें नजरअंदाज
जब भी बैंक से कोई गलत ट्रांजैक्शन होता है, तो बैंक सबसे पहले संबंधित खाताधारक को इसकी आधिकारिक सूचना देता है और पैसा वापस करने का मौका देता है। यदि खाताधारक बैंक का सहयोग करते हुए राशि लौटा देता है, तो मामला शांति से सुलझ जाता है।
लेकिन, यदि व्यक्ति पैसा वापस करने से मना कर दे या उसे पहले ही खर्च कर चुका हो, तो बैंक तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराता है। इसके बाद मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत एक गंभीर आपराधिक केस बन जाता है, जिससे आपकी मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।
कैसे पाई-पाई वसूलता है बैंक
कोर्ट में दोष साबित होने पर आरोपी को न केवल सजा भुगतनी पड़ती है, बल्कि बैंक रिकवरी की सख्त कार्रवाई भी शुरू कर देता है। बैंक सिविल कोर्ट के माध्यम से आरोपी की संपत्ति, सैलरी (वेतन) या अन्य बैंक बैलेंस को कुर्क कर अपना पैसा वसूल सकता है। इसका मतलब है कि खाते में आए अनजान पैसे को खर्च करना आपको कंगाल भी बना सकता है और जेल भी पहुंचा सकता है। संक्षेप में, गलत तरीके से आए पैसे को रखना कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि यह आपके करियर और संपत्ति दोनों के लिए बड़ा खतरा है।









