आज के डिजिटल दौर में PAN कार्ड हर करदाता की फाइनेंशियल जिंदगी का आधार बन चुका है। लेकिन अनजाने में की गई छोटी-छोटी भूलें इसे निष्क्रिय कर सकती हैं, जिससे न सिर्फ रोजमर्रा के लेन-देन रुक जाएंगे बल्कि भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। सरकार ने हाल ही में सिस्टम को और स्मार्ट बना दिया है, जो ऐसी गलतियों को तुरंत पकड़ लेता है। लाखों लोग इस जाल में फंस चुके हैं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

पहली गलती, दो PAN कार्ड रखना
सबसे खतरनाक चूक तब होती है जब एक ही नाम पर दो अलग-अलग PAN जारी हो जाते हैं। पुराना कार्ड खो जाने पर नया बनवाते समय पुराने की जांच न करना बड़ी भूल साबित होता है। नया सिस्टम नाम, जन्मतिथि और अन्य डिटेल्स से मैचिंग कर तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। ऐसे में हर गलत इस्तेमाल पर दस हजार रुपये का जुर्माना लग जाता है और बार-बार दोहराने पर खाता स्थायी रूप से बंद हो सकता है। बैंक खाते से लेकर लोन एप्लीकेशन तक सब ठप हो जाता है।
दूसरी भूल, आधार से लिंकिंग भूल जाना
PAN को आधार से जोड़ना अब अनिवार्य हो चुका है। कई लोग इसकी डेडलाइन निकल जाने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजा? PAN निष्क्रिय घोषित हो जाता है, जिससे टैक्स रिफंड रुक जाता है और हर ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त कटौती होती है। सरकारी पोर्टल पर जाकर मोबाइल या नेट बैंकिंग से यह काम चंद मिनटों में हो जाता है, लेकिन लापरवाही महंगी पड़ती है।
तीसरी लापरवाही, निष्क्रिय PAN इस्तेमाल करना
पुराना या इनएक्टिव PAN को बिना स्टेटस चेक किए यूज करना आम समस्या है। शेयर बाजार, प्रॉपर्टी डील या बड़े खरीदारी में यह फंस जाता है। सरकारी वेबसाइट पर जाकर PAN की स्थिति जांचें। अगर यह बंद दिखे तो जरूरी कागजात अपलोड कर इसे दोबारा सक्रिय करवाएं, वरना लेन-देन पूरी तरह रुक जाएंगे।
चौथी चूक, फॉर्म में गलत डिटेल भरना
PAN से जुड़े फॉर्म भरते समय नाम, पता या जन्मतिथि में मामूली गलती भी भारी पड़ सकती है। सिस्टम में मिसमैच पकड़े जाने पर पूरी प्रक्रिया रुक जाती है। हमेशा दस्तावेजों से मैच करके भरें और दोबारा चेक करें।
पांचवीं गलती, अतिरिक्त PAN सरेंडर न करना
अगर आपके पास दो कार्ड हैं तो अतिरिक्त वाले को तुरंत सरेंडर करवाएं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करें, जिसमें सक्रिय PAN की कॉपी और स्पष्टीकरण पत्र देना पड़ता है। अनदेखी करने से दोनों ही खाते प्रभावित हो सकते हैं।
छठी भूल, मिसयूज पर नजर न रखना
कभी-कभी धोखेबाज लोग आपके PAN का गलत इस्तेमाल कर लेते हैं। क्रेडिट स्कोर चेक न करने से फाइनेंशियल धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। नियमित रूप से रिपोर्ट देखें और संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
समस्या से कैसे बचें?
इन जोखिमों से दूर रहने के लिए साल में एक बार PAN स्टेटस चेक करें। नाम सर्च टूल से डुप्लिकेट की पुष्टि करें और जरूरी कदम उठाएं। मोबाइल ऐप या वेबसाइट से आधार लिंकिंग पूरी रखें। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। अगर PAN निष्क्रिय हो गया तो तुरंत रिकवरी प्रक्रिया शुरू करें।
PAN आपकी आर्थिक पहचान है, इसे मजबूत रखें। इन साधारण सावधानियों से न सिर्फ जुर्माने से बचें बल्कि सुगम बैंकिंग और निवेश का लाभ उठाएं। अभी हरकत में आएं, कल पछताने का मौका नहीं मिलेगा।









