
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को अब कुशीनगर तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिससे इसकी कुल लंबाई 750 किमी हो जाएगी। कुशीनगर में इसे सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे हरियाणा से लेकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक एक सीधा फोरलेन रास्ता तैयार हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 22 जिलों से गुजरने वाला यह महामार्ग अगले महीने तक अपना फाइनल डिजाइन प्राप्त कर लेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल पूर्वांचल का सीधा संपर्क पश्चिमी यूपी और हरियाणा से होगा, बल्कि व्यापार और यात्रा में भी बड़ा सुधार आएगा।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का नया रूट
पहले गोरखपुर से शामली तक बनने वाले इस एक्सप्रेसवे को अब पानीपत के बाद कुशीनगर तक विस्तार दिया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह कुशीनगर की सीमा पर सीधे सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। हालांकि, गोरखपुर के पास जगह की कमी के कारण अब इसे जगदीशपुर-कोनी के बजाय खुरहुरिया-बलुआ गांव के पास जोड़ने की योजना है। इस नए लिंक के लिए एलाइनमेंट (रास्ते का सर्वे) का काम शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले समय में हरियाणा, यूपी और बिहार के बीच कनेक्टिविटी बेहद शानदार हो जाएगी।
गोरखपुर और कुशीनगर के 67 गांवों से गुजरेगा नया मार्ग, 2026 में शुरू होगा काम
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर के 46 गांवों और कुशीनगर के लगभग 21 गांवों से होकर गुजरेगा। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और 2026 तक निर्माण कार्य धरातल पर दिखने लगेगा। यह एक ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ होगा, जिसका अर्थ है कि इसे नए रूट पर बनाया जाएगा और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए पेड़ों की कटाई कम से कम की जाएगी। एलाइनमेंट फाइनल होने के बाद प्रभावित होने वाले गांवों की संख्या में थोड़ा बदलाव भी हो सकता है।
कुशीनगर तक बढ़ेगा पानीपत-गोरखपुर मार्ग, फरवरी तक फाइनल होगा रूट
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खबर है कि अब इस सड़क को कुशीनगर जिले तक विस्तार दिया जाएगा। कुशीनगर में लगभग तीन से चार किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाई जाएगी, जो इसे अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ेगी। फिलहाल, एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट (रास्ते के निर्धारण) का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसे फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह शानदार फोरलेन सड़क 60 से 70 मीटर चौड़ी होगी, जिससे वाहनों की आवाजाही और भी सुरक्षित और तेज हो जाएगी।
यूपी के इन जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
- यह एक्सप्रेसवे, कुशीनगर से गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुज़फ्फरनगर, शामली, पानीपत तक बनेगा
एक्सप्रेसवे की लंबाई बढ़कर हुई 750 किमी
कुशीनगर-पानीपत एक्सप्रेसवे अब एक विशाल आकार लेने जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 750 किलोमीटर होगी। ताजा रूट मैप के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर में 34 किमी, संतकबीरनगर में 22.50 किमी और कुशीनगर में 3 किमी की दूरी तय करेगा। यात्रा को सुगम बनाने के लिए इसे नयनसर टोल प्लाजा के पास गोरखपुर-सोनौली हाईवे से जोड़ा जाएगा, जहाँ यह हाईवे को पार करेगा। इस विस्तार से पूर्वांचल के इन तीन प्रमुख जिलों के बीच न केवल दूरी कम होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
कुशीनगर में इन गांवों से जाएगी सड़क
- रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द, महुअवा, अहिरौली









