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Tax Rule Change: इनकम टैक्स में छोटी गलती पर अब नहीं होगी जेल! सरकार ने बदले दंड के नियम, टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत।

बजट 2026 में इनकम टैक्स नियमों में क्रांतिकारी बदलाव! छोटी गलतियों या आय छिपाने पर जेल की सजा खत्म, सिर्फ जुर्माना भरें। 1 अप्रैल 2026 से लागू। ईमानदार टैक्सपेयर्स को अपार राहत, विदेशी संपत्ति डिस्क्लोजर स्कीम भी। वित्त मंत्री का संदेश: कर दें, डरें नहीं!

By Pinki Negi

Tax Rule Change: इनकम टैक्स में छोटी गलती पर अब नहीं होगी जेल! सरकार ने बदले दंड के नियम, टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत।

देश में करोड़ों टैक्सपेयर्स हर साल इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने, नोटिसों का सामना करने और जटिल नियमों की चिंता से जूझते हैं। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट 2026 ने एक बड़ा सरप्राइज दिया है। छोटी-मोटी गलतियों या तकनीकी खामियों पर अब जेल की सजा का खौफ नहीं रहेगा। सरकार ने इनकम टैक्स कानूनों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया है, जिससे ईमानदार करदाताओं को भारी राहत मिली है।

नए नियमों का प्रभाव

यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू होगा। पहले, जानबूझकर आय छिपाने या गलत जानकारी देने पर 6 महीने से 7 साल तक की जेल, साथ ही बकाया टैक्स पर पेनल्टी और ब्याज का बोझ पड़ता था। गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज हो जाता था, जो करदाता के जीवन को आपराधिक रंग दे देता था।

लेकिन अब ऐसे मामलों को आपराधिक दायरे से बाहर किया जा रहा है। यानी, जेल की बजाय सिर्फ बकाया टैक्स, ब्याज और तय पेनल्टी भरकर केस निपटाया जा सकेगा। पेनल्टी की राशि छिपाई गई आय और केस की प्रकृति पर निर्भर करेगी।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का मकसद साफ है – टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल बनाना। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा, “छोटे अपराधों पर आर्थिक दंड ही काफी होगा।” इससे ईमानदार लोग बिना डर के आय घोषित करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम टैक्स कलेक्शन बढ़ाएगा, क्योंकि सजा का भय कम होने से अनुपालन बढ़ेगा।

विदेशी संपत्ति पर राहत

एक और बड़ी राहत विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों को मिली है। अगले 6 महीनों में डिस्क्लोजर स्कीम के तहत अघोषित संपत्ति की जानकारी साझा करने पर सख्त कार्रवाई से बचा जा सकेगा। पुराने मामलों को सुलझाने का यह सुनहरा मौका है। इसके अलावा, गंभीर उल्लंघनों में अधिकतम सजा 7 साल से घटाकर 2 साल कर दी गई है, जिसे अदालतें जुर्माने में बदल सकती हैं।

अतिरिक्त सुधार

अन्य सुधारों में अपीलीय प्रक्रिया में जुर्माने पर ब्याज माफी और अग्रिम भुगतान सीमा 20% से घटाकर 10% (केवल मूल कर पर) शामिल हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश कुमार कहते हैं, “यह बदलाव मध्यम वर्ग के लिए वरदान है। अब तकनीकी गलतियां जेल का कारण नहीं बनेंगी।”

टैक्सपेयर्स के लिए सलाह

टैक्सपेयर्स को सलाह: नए नियमों का फायदा उठाने के लिए रिटर्न सही समय पर फाइल करें। बजट 2026 ने न केवल डर कम किया, बल्कि विश्वास जगाया है। सरकार का संदेश साफ – कर दें, लेकिन डरें नहीं!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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