
अगर आप भी राशन कार्ड धारक हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत सरकार और राज्य सरकारों ने मिलकर अब उन लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो पात्र न होते हुए भी सरकारी राशन का लाभ उठा रहे हैं।
फर्जीवाड़ा करने वालों पर सरकार का कड़ा एक्शन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ‘फर्जी राशन कार्ड हटाओ’ अभियान को तेज़ कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और जरूरतमंदों का हक उन लोगों के पास न जाए जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं।
कौन हैं वे लोग जो फर्जी श्रेणी में आते हैं?
नियमों के अनुसार, यदि आपके पास निम्नलिखित में से कुछ भी है, तो आप ‘अपात्र’ (Ineligible) माने जाते हैं और आपको तुरंत अपना कार्ड सरेंडर कर देना चाहिए:
- परिवार का कोई भी सदस्य आयकर (Income Tax) देता हो।
- घर में चार पहिया वाहन (कार/ट्रैक्टर) हो।
- शहर में 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट या मकान हो।
- परिवार की कुल वार्षिक आय 2 लाख (ग्रामीण) या 3 लाख (शहरी) रुपये से अधिक हो।
- घर में एयर कंडीशनर (AC) या 5 किलोवाट से अधिक का जनरेटर सेट हो।
कैसे होती है वसूली की कार्रवाई?
सरकार अब केवल राशन कार्ड रद्द नहीं कर रही, बल्कि ‘रिकवरी’ (Voulsuli) भी कर रही है। कार्रवाई की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:
- डेटा मैचिंग: आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिए सरकारी सिस्टम अब आपकी संपत्ति और आय का पता लगा लेता है।
- बाजार दर पर वसूली: यदि कोई अपात्र व्यक्ति लंबे समय से राशन ले रहा है, तो सरकार उससे उस राशन की कीमत ‘बाजार दर’ (Market Rate) पर वसूलती है।
- कानूनी नोटिस: जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित विभाग द्वारा नोटिस भेजा जाता है और तय समय में पैसे जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
बचने का तरीका: कार्ड सरेंडर करें
सरकार ने एक मौका दिया है कि जो लोग गलती से या गलत जानकारी देकर कार्ड बनवा चुके हैं, वे खुद तहसील या राशन कार्यालय में जाकर अपना कार्ड सरेंडर कर दें। स्वेच्छा से कार्ड वापस करने वालों पर आमतौर पर जुर्माना नहीं लगाया जाता।









