
अब ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से पूरे एक साल तक मान्य रहेगा और यह वित्तीय वर्ष (Financial Year) के खत्म होने पर बेकार नहीं होगा। राज्य आयोग ने साफ किया है कि इस प्रमाण पत्र की वैधता का आधार वित्तीय वर्ष की समाप्ति नहीं है, बल्कि इसे जारी होने वाले दिन से गिना जाएगा। मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में हुई बैठक के बाद आयोग ने सभी जिलों को यह नियम स्पष्ट रूप से लागू करने और लोगों तक यह सूचना पहुँचाने के निर्देश दिए हैं ताकि सामान्य वर्ग के लोगों को आवेदन में कोई परेशानी न हो।
ईडब्ल्यूएस (EWS) परिवारों के विकास और सुविधाओं के लिए नए सुझाव
उच्च जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए राज्य आयोग ने मुजफ्फरपुर में समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे एक महीने के भीतर अंचल स्तर पर स्वीकार और अस्वीकार किए गए आवेदनों की सूची जमा करें।
चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता को बढ़ाकर तीन साल करने और निजी स्कूलों (RTE) में इस वर्ग को आरक्षण देने का सुझाव दिया। आयोग अब अन्य वर्गों की योजनाओं का डेटा जुटा रहा है, ताकि उसी तर्ज पर उच्च जाति के गरीब परिवारों के लिए भी नई कल्याणकारी योजनाएं बनाई और लागू की जा सकें।
EWS आवेदनों की कम संख्या पर राज्य आयोग ने जताई चिंता
राज्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कई जिलों में सवर्ण समाज के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और कई जगहों पर केवल 4-5 फीसदी लोग ही इसका फायदा उठा पा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी ईडब्ल्यूएस (EWS) आवेदन को बिना ठोस कारण के रद्द नहीं किया जाएगा; अगर आवेदन खारिज होता है, तो अधिकारी को इसका लिखित कारण बताना होगा। आयोग वर्तमान में पूरे राज्य का दौरा कर सुझाव ले रहा है ताकि सवर्ण समाज की गरीबी दूर करने के लिए सरकार को ठोस सिफारिशें भेजी जा सकें।
सवर्ण गरीबों को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सख्त निर्देश
उच्च जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने चिंता जताई है कि कई जिलों में पात्र लोगों को ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर आदेश दिया है कि अब किसी भी आवेदन को बिना वैध कारण के रद्द नहीं किया जाएगा और खारिज करने की स्थिति में उसका स्पष्ट लिखित कारण बताना होगा। आयोग पूरे राज्य से सुझाव इकट्ठा कर रहा है ताकि सरकार को नई सिफारिशें भेजकर इस वर्ग के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बेहतर योजनाएं बनाई जा सकें।
ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के सुधार के लिए बुद्धिजीवियों के मुख्य सुझाव
उच्च जाति के विकास के लिए आयोजित बैठक में बुद्धिजीवियों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इसमें प्रमुख रूप से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता को एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने और केवी (KV) व नवोदय जैसे स्कूलों में इस वर्ग के बच्चों को भी आरक्षण देने की मांग की गई है।
साथ ही, सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में उम्र सीमा को बढ़ाकर महिलाओं के लिए 45 वर्ष और पुरुषों के लिए 40 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, यह सुझाव भी दिया गया कि कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ इस वर्ग के लोगों को भी मिलना चाहिए ताकि उनका आर्थिक सशक्तिकरण हो सके।









