
दिल्ली से देहरादून की दूरी को समेटने वाले 213 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कार्य अपने आखिरी चरण में पहुँच चुका है। लगभग 11,970 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे फरवरी के पहले सप्ताह में आम जनता के लिए पूरी तरह खुल सकता है।
इस हाईवे के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा समय का होगा—अब दिल्ली से देहरादून पहुँचने में 6-7 घंटे के बजाय सिर्फ 2 से ढाई घंटे का समय लगेगा। फिलहाल, बागपत और सहारनपुर के कुछ हिस्सों में फिनिशिंग का काम चल रहा है, जबकि अक्षरधाम से खेकड़ा और वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर जैसे कुछ हिस्सों को ट्रायल के लिए पहले ही खोला जा चुका है। आधिकारिक उद्घाटन के बाद यात्री बिना किसी रुकावट के इस शानदार रोड पर सफर कर सकेंगे।
बागपत के रास्ते दिल्ली-देहरादून का सफर हुआ आसान
दिल्ली में अक्षरधाम (गीता कॉलोनी) से शुरू होकर खेकड़ा तक का 29 किमी लंबा एलिवेटेड हिस्सा यात्रियों के लिए एक महीने पहले ही शुरू हो चुका है। इस एक्सप्रेसवे का लगभग 43 किलोमीटर का हिस्सा बागपत के 31 गांवों से होकर गुजरता है।
मवीकलां गांव के पास एक विशाल जंक्शन बनाया गया है, जहाँ ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-सहारनपुर और दिल्ली-देहरादून हाईवे आपस में मिलते हैं। बागपत जिले में प्रवेश करते ही काठा गांव में पहला टोल प्लाजा बनाया गया है, जिसका मुख्य ढांचा बनकर तैयार है। यहाँ फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही इस पूरे रूट पर वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी।
आखिरी दौर में दिल्ली-देहरादून हाईवे का काम
एक्सप्रेसवे के निर्माण में आ रही सबसे बड़ी बाधा, हिलवाड़ी गांव के ट्रांसमिशन टावर को हटाकर अब वहां सड़क का काम पूरा कर लिया गया है। हाईवे पर कंट्रोल रूम और प्रसाधन केंद्र (Restrooms) जैसी जरूरी सुविधाएं बनकर तैयार हैं और अब बस मशीनों का इंतजार है।
टटीरी इंटरचेंज के पास सड़कों के किनारों पर डामरीकरण (Blacktopping) का काम तेजी से चल रहा है। अब केवल फिनिशिंग का काम जैसे कि सड़कों पर सफेद-पीली पट्टियां बनाना और सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर लगाने का काम बाकी है। इन छोटे कामों के पूरा होते ही यह शानदार हाईवे पूरी तरह से वाहनों के फर्राटा भरने के लिए तैयार हो जाएगा।
दिल्ली-देहरादून हाईवे का 98% काम पूरा
एनएचएआई (NHAI) के अनुसार, बागपत में एक्सप्रेसवे का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है। सहारनपुर जिले में इस हाईवे की लंबाई 78 किलोमीटर है, जहाँ बड़गांव कट को छोड़कर बाकी सभी हिस्से तैयार हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बड़गांव कट की मंजूरी बाद में मिलने के कारण वहां थोड़ा काम बाकी है, लेकिन पूरे प्रोजेक्ट का 98 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। राहत की बात यह है कि सहारनपुर के लाखनौर से गणेशपुर तक के 41 किलोमीटर लंबे हिस्से को एक महीने पहले ही यातायात के लिए खोल दिया गया है, जहाँ वाहन पहले से ही फर्राटा भर रहे हैं। फरवरी तक पूरे रूट के खुलने की प्रबल संभावना है।
अब सुरक्षित होगा दिल्ली-देहरादून का सफर
देहरादून क्षेत्र में बरसाती नदियों के तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मानसून की बाढ़ से बचाव के लिए एलिवेटेड रोड के 24 महत्वपूर्ण पिलर्स को डेढ़ से दो फीट मोटी कंक्रीट की विशेष जैकेट पहनाई गई है, ताकि पानी की तेज धारा से हाईवे को कोई नुकसान न हो।
इसके अलावा, डाटकाली मंदिर के पास सुरक्षा दीवार, मोबाइल टावर लगाने और सुरंग (Tunnel) की फिनिशिंग का काम भी पूरी तरह संपन्न हो चुका है। प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, सहारनपुर जिले में 98 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों की जांच कर ली गई है। अब यह हाईवे हर मौसम में सुरक्षित यात्रा के लिए तैयार है।
NHAI अध्यक्ष ने किया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निरीक्षण
दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे अब जल्द ही जनता के लिए समर्पित किया जा सकता है। इसी सिलसिले में सोमवार को एनएचएआई (NHAI) के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने अपनी टीम के साथ पूरे हाईवे का औचक निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की बारीकियों को परखा। उन्होंने टोल प्लाजा पर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और निर्देश दिए कि हाईवे पर बचे हुए छोटे-मोटे कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। अध्यक्ष के इस दौरे के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि हाईवे के उद्घाटन की तारीखों का ऐलान बहुत जल्द हो सकता है।









