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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सफर शुरू! वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और सुरंग, अब मात्र से ढाई घंटे का हो जाएगा सफर

दिल्ली से देहरादून का घंटों का सफर अब मिनटों में सिमटने वाला है! एशिया के सबसे बड़े वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और कलाकृतियों से सजी सुरंग वाले इस आधुनिक एक्सप्रेसवे की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें। जानें कैसे यह ढाई घंटे का सफर आपकी यात्रा का अंदाज बदल देगा।

By Pinki Negi

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सफर शुरू! वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और सुरंग, अब मात्र से ढाई घंटे का हो जाएगा सफर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे

दिल्ली से देहरादून जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है! 210 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह बनकर तैयार है और जल्द ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। फिलहाल इस पर फिनिशिंग का थोड़ा-बहुत काम चल रहा है। इस शानदार कॉरिडोर के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत का होगा। जिस सफर को पूरा करने में अभी 6 से 7 घंटे लग जाते हैं, उसे लोग अब मात्र 2.5 घंटे में तय कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रा आरामदायक होगी, बल्कि उत्तराखंड की कनेक्टिविटी भी बेहद मजबूत हो जाएगी।

₹12,000 करोड़ की लागत से तैयार दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर

करीब 11,970 करोड़ रुपये के निवेश से बना यह आधुनिक एक्सप्रेसवे दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी को न केवल कम करेगा, बल्कि यात्रा को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगा। इस ‘दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर’ के शुरू होने से न केवल आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के व्यापारिक रिश्तों को भी एक नई मजबूती देगा। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यह पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

बेहद खास होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सफर

दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होने वाला यह 6-लेन एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं से लैस है। गीता कॉलोनी के पास से इसका शानदार एलिवेटेड हिस्सा शुरू होता है, जो यात्रियों को शहर के ट्रैफिक से ऊपर एक आरामदायक अनुभव देगा। NHAI ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में बांटा है। सुरक्षा के लिहाज से लोनी के पास पहला टोल बूथ बनाया गया है, जहाँ से अगले 17 किलोमीटर तक एंबुलेंस और पेट्रोलिंग की सुविधा हमेशा उपलब्ध रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में यात्री 1033 नंबर पर कॉल करके तुरंत मदद पा सकते हैं।

पश्चिमी यूपी के खेतों से होकर देहरादून तक का सफर

यह आधुनिक एक्सप्रेसवे दिल्ली से निकलकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे शहरों को जोड़ते हुए उत्तराखंड में दाखिल होता है। कई हिस्सों में इसका ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और अब इसे जनता के लिए खोलने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस कॉरिडोर की एक बड़ी खासियत यह है कि बागपत के पास इसे ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे’ से जोड़ा गया है, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को भी आसानी होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हरे-भरे खेतों के बीच से गुजरने वाला यह ‘ग्रीनफील्ड’ रास्ता यात्रियों को कुदरती खूबसूरती के साथ रफ्तार का अनोखा अनुभव देगा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मिलेंगी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को न केवल तेज़ बल्कि बेहद सुरक्षित और आधुनिक भी बनाया गया है। NHAI के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए हर 30 किलोमीटर पर विश्राम स्थल होंगे, जहाँ खाने-पीने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध रहेंगे।

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, हादसों को रोकने के लिए तकनीकी इंतज़ाम किए गए हैं और कोहरे के दौरान सुरक्षित ड्राइविंग के लिए विशेष लाइटिंग और सिग्नल लगाए गए हैं। साथ ही, पर्यावरण का ध्यान रखते हुए एक्सप्रेसवे के लूप और किनारों पर जापानी ‘मियावाकी तकनीक’ से घने जंगल विकसित किए गए हैं, जो सफर को सुखद और प्रदूषण मुक्त बनाएंगे।

राजाजी नेशनल पार्क की सुरक्षा का भी खास ख्याल

सहारनपुर से आगे उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करते ही यह एक्सप्रेसवे एक शानदार एलिवेटेड हाईवे में बदल जाता है, जहाँ यात्री पहाड़ों और घने जंगलों के बीच 100 किमी/घंटा की रफ्तार का आनंद ले सकेंगे। इंजीनियर रोहित पवार के अनुसार, शिवालिक रेंज और राजाजी नेशनल पार्क से गुजरने वाले इस हिस्से में वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

जानवरों के रास्ते में कोई बाधा न आए, इसलिए सड़क को ऊपर (एलिवेटेड) बनाया गया है। इसके अलावा, विशेष साउंड बैरियर और प्लास्टिक शीट लगाई गई हैं ताकि वाहनों का शोर और रोशनी जंगल के शांत माहौल को खराब न करे।

अब मात्र 2.5 घंटे में दिल्ली से देहरादून

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आखिरी हिस्सा बेहद खास है, जहाँ ‘वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ की मदद से खास रोशनी की व्यवस्था की गई है ताकि रात में जानवरों को परेशानी न हो। हाथियों के सुरक्षित निकलने के लिए विशेष ऊँचे रास्ते बनाए गए हैं। सफर के अंत में यात्री एक 300 मीटर लंबी सुरंग से गुजरेंगे, जिसे उत्तराखंड की लोक कला और संस्कृति की सुंदर कलाकृतियों से सजाया गया है। इस सुरंग को पार करते ही आप देहरादून शहर पहुँच जाएंगे। इस आधुनिक तकनीक और कला के संगम वाले कॉरिडोर की बदौलत अब पूरी यात्रा मात्र ढाई घंटे में सिमट गई है।

ल्द खुलेगा दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर, सफर होगा तेज और सुरक्षित

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम चरण की मामूली फिनिशिंग का काम चल रहा है। जैसे ही यह काम समाप्त होगा, इस कॉरिडोर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर सुपरफास्ट हो जाएगा, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुखद यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। अब वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली और उत्तराखंड के बीच की दूरी घंटों के बजाय मिनटों में सिमट जाएगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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