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क्रेडिट कार्ड यूजर्स ध्यान दें! 1 अप्रैल से बदल रहे हैं इनकम टैक्स के ये 5 नियम, एक गलती और घर आएगा नोटिस

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से खेल बदलने वाला है! ₹1 लाख का कैश पेमेंट हो या ₹10 लाख की डिजिटल ट्रांजैक्शन—अब आपकी हर बड़ी हरकत पर आयकर विभाग की सीधी नजर है। जानिए वे 5 नए नियम जो आपकी जेब और टैक्स फाइलिंग पर सीधा असर डालेंगे।

By Pinki Negi

क्रेडिट कार्ड यूजर्स ध्यान दें! 1 अप्रैल से बदल रहे हैं इनकम टैक्स के ये 5 नियम, एक गलती और घर आएगा नोटिस
क्रेडिट कार्ड यूजर्स ध्यान दें

भारत सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू करने जा रही है, जो पुराने 1962 के कानूनों की जगह लेगा। नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, अब क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की निगरानी और भी सख्त होगी। यदि आप एक साल में कार्ड से ₹10 लाख से अधिक का भुगतान (कैश के अलावा किसी भी मोड से) करते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी सीधे टैक्स विभाग को देगा।

वहीं, ₹1 लाख से अधिक का कैश भुगतान भी रडार पर रहेगा। इसके अलावा, पैन कार्ड (PAN) के नियमों को भी आसान और सख्त दोनों बनाया गया है—जहाँ एक तरफ होटल बिल और प्रॉपर्टी निवेश के लिए पैन की सीमा बढ़ाकर राहत दी गई है, वहीं बिना पैन के अब क्रेडिट कार्ड मिलना नामुमकिन होगा।

क्रेडिट कार्ड यूजर्स सावधान

आयकर विभाग ने ‘हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन’ को लेकर निगरानी और सख्त कर दी है। नए नियमों के अनुसार, यदि आप एक वित्त वर्ष (Financial Year) के दौरान अपने एक या एक से अधिक क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान करने के लिए 1 लाख रुपये या उससे अधिक नकद (Cash) का इस्तेमाल करते हैं, तो बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था इसकी जानकारी सीधे आयकर विभाग को देगी।

यह जानकारी विभाग के ‘Statement of Financial Transactions’ (SFT) में दर्ज होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपका खर्च आपकी घोषित आय (ITR) से मेल खाता है या नहीं। यदि आपके खर्च और कमाई में बड़ा अंतर मिलता है, तो विभाग आपसे स्पष्टीकरण या नोटिस के जरिए जवाब मांग सकता है।

₹10 लाख से ऊपर के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान अब होंगे ऑटो-रिपोर्ट

अगर आप सोचते हैं कि चेक या ऑनलाइन बैंकिंग (Non-cash) से भुगतान करने पर आप जांच के दायरे से बाहर हैं, तो अपनी जानकारी अपडेट कर लें। आयकर नियम 2026 के अनुसार, यदि आप एक वित्त वर्ष में अपने क्रेडिट कार्ड बिलों का कुल भुगतान ₹10 लाख या उससे अधिक ऑनलाइन ट्रांसफर, चेक या ड्राफ्ट के जरिए करते हैं, तो बैंक इसकी रिपोर्ट सीधे आयकर विभाग को देगा।

अब बड़े लेनदेन की जानकारी ‘ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम’ के जरिए सीधे आपके AIS (Annual Information Statement) में दर्ज हो जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि आपका खर्च आपके इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में दिखाई गई कमाई से मेल खाना चाहिए।

पैन कार्ड के लिए नया नियम

पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने या उसमें सुधार करवाने के नियमों में एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब आप अपने क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को पते के सबूत (Address Proof) के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

हालांकि, इसमें एक जरूरी शर्त यह है कि आपका स्टेटमेंट 3 महीने से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए। अगर स्टेटमेंट इससे ज्यादा पुराना हुआ, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपका स्टेटमेंट हालिया है या नहीं, ताकि आपका फॉर्म रिजेक्ट न हो।

अब क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग से सीधे करें भुगतान

डिजिटल इंडिया को मजबूती देने के लिए सरकार ने टैक्स भुगतान के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आप अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग का उपयोग करके आसानी से टैक्स भर सकते हैं। इन्हें अब आधिकारिक तौर पर ‘वैलिड इलेक्ट्रॉनिक मीडियम’ के रूप में मान्यता दे दी गई है। यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो कैश या चेक के झंझट से बचकर पूरी तरह ऑनलाइन बैंकिंग पर निर्भर हैं। इससे न केवल टैक्स भरने की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि रिकॉर्ड रखना भी काफी आसान हो जाएगा।

ऑफिशियल क्रेडिट कार्ड और टैक्स के नए नियम

अगर आपकी कंपनी ने आपको काम के लिए क्रेडिट कार्ड दिया है, तो अब उसके खर्चों पर टैक्स के नियम बिल्कुल साफ कर दिए गए हैं। यदि आप कंपनी के कार्ड से अपना निजी खर्च करते हैं और कंपनी उसका भुगतान करती है, तो उसे आपकी कमाई का हिस्सा मानकर उस पर टैक्स (Taxable Benefit) वसूला जा सकता है। इसके अलावा, अब क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए पैन कार्ड (PAN) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पैन कार्ड के अब कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान नया क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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