
दोस्तों, सर्दियों में घूमने का मन हो तो उत्तराखंड के ये दो जेम्स – औली और चोपता – छोड़ना मत। इन्हें ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ बोलते हैं ना, वो भी बिल्कुल सही। जनवरी आते ही ये जगहें सफेद बर्फ की मोटी चादर ओढ़ लेती हैं, और लगता है जैसे कोई बॉलीवुड फिल्म का सीन चल रहा हो। मैं खुद गया था, वो नजारा आज भी आंखों में तैरता है। चलो, बताता हूं जनवरी 2026 की ताजा अपडेट्स के साथ इनकी मौजूदा हालत।
बर्फ की मोटी चादर
जनवरी में औली और चोपता पर 3 से 5 फीट तक बर्फ जम जाती है। सोचो, देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़ बर्फ से लदे झुके हुए, पहाड़ चांदी जैसे चमकते। औली में तो स्कीइंग की वजह से ये और भी खूबसूरत लगता है। चोपता में रुद्रप्रयाग की वादियां बर्फ से लिपटकर किसी यूरोपियन पॉस्टकार्ड जैसी। नंदा देवी और कामेट पीक का दीदार होता है यहां से, जो दिल को छू लेता है। मैंने तो फोटो खींचे जो इंस्टा पर वायरल हो गए! लेकिन याद रखो, ये बर्फ इतनी गहरी होती है कि सावधानी बरतनी पड़ती है।
रास्ते बंद, लेकिन एडवेंचर शुरू
भारी बर्फबारी से जोशीमठ-औली रोड और चोपता-दुगलविट्टा का रास्ता बंद हो जाता है। वाहनों की एंट्री रुक जाती है, फिसलन ज्यादा होने पर सिर्फ 4×4 जीप्स या चेन वाले टायर्स वालों को इजाजत। बाकी लोगों को पैदल ट्रेकिंग करनी पड़ती है। ये थोड़ा चैलेंजिंग लगता है, लेकिन यही तो मजा है ना? मैंने चोपता पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर पैदल चढ़ाई की, थकान भूल गई जब बर्फीले मैदान दिखे। स्लिपर्स पहनना मत भूलना, और ग्रुप में जाना सेफ रहता है। लोकल गाइड ले लो, वो रास्ते अच्छे से जानते हैं।
क्या-क्या घूमें, क्या करें यहां?
औली में स्कीइंग का तो लुत्फ ही अलग है। GMVN की वेबसाइट चेक करो, बर्फ की कंडीशन बताते हैं। चोपता में ट्रेकिंग और कैंपिंग का सीन है – तुंगनाथ मंदिर की तरफ पैदल जाओ, रास्ते में बर्फ के एंजल्स देखोगे। नंदा देवी का पैनोरमिक व्यू लेते ही कैमरा ऑन हो जाता है। अगर फैमिली के साथ हो तो स्नोमैन बनाओ, स्लेजिंग ट्राई करो। लेकिन सूरज ढलते ही ठंड कटुरा मारती है, थर्मल्स और जैकेट लेयर्स जरूरी। चाय की टपरी पर गर्मागर्म मग पकड़कर सूर्यास्त देखना, वो तो अविस्मरणीय है।
सेफ और स्मूथ ट्रिप के लिए
यात्रा प्लान कर रहे हो तो पहले उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UTDB) की साइट देख लो – रोड स्टेटस और वेदर अपडेट्स मिलेंगे। GMVN वाली साइट औली स्कीइंग के लिए बेस्ट। जोशीमठ या रुद्रप्रयाग से लोकल टैक्सी बुक करो। परमिशन चेक करो, क्योंकि बर्फबारी से कभी अचानक बदलाव होता है। मेडिकल किट, पावर बैंक और सनस्क्रीन (हां, बर्फ पर UV रेज स्ट्रॉन्ग होते हैं) साथ रखो। बजट? 2 दिन की ट्रिप में 10-15 हजार प्रति व्यक्ति, स्टे और फूड मिलाकर।
ये अनुभव क्यों मिस न करें?
औली-चोपता सिर्फ फोटो के लिए नहीं, आत्मा को तरोताजा करने के लिए हैं। वो शांति, वो ठंडी हवा, वो बर्फीली चमक – शहर की भागदौड़ भूल जाओगे। जनवरी 2026 में अभी पीक टाइम है, लेकिन भीड़ कम ही रहती है बंद रास्तों की वजह से। अगर एडवेंचर लवर हो या रोमांटिक गेटअवे प्लान कर रहे हो, तो बस पैक अप! मैं तो कहता हूं, साल में एक बार जरूर आओ। प्रकृति का ये गिफ्ट मिस मत करना।









