
देशभर में अप्रैल के आखिरी दिनों में ही भीषण गर्मी ने कमर तोड़ दी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज और मेरठ जैसे शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जबकि राजस्थान के चूरू और ओडिशा के झारसुगुड़ा में रिकॉर्ड 44.6 डिग्री दर्ज हो चुका। IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में हीटवेव अलर्ट जारी है, जहां घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोग पहाड़ों और ठंडे इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।
विश्व मौसम संगठन की ताजा लिस्ट में भारत के कई शहर दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में शुमार हैं, जो जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को उजागर करता है।
हिल स्टेशन सबसे कारगर
इस तपिश से राहत पाने के लिए हिल स्टेशन सबसे कारगर उपाय हैं। ऊंचाई वाले ये इलाके न सिर्फ ठंडी हवाओं का सुकून देते हैं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से मन को तरोताजा भी करते हैं। खासतौर पर कम बजट वाले यात्रियों के लिए मनाली, शिमला, नैनीताल जैसी जगहें आदर्श हैं। यहां तापमान 15-25 डिग्री के बीच रहता है, जो मैदानी इलाकों की चिलचिलाती गर्मी से आधा भी नहीं।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल-मई में इन जगहों पर भीड़ कम होती है, जिससे सस्ते में ट्रिप प्लान करना आसान हो जाता है। दिल्ली से बस या ट्रेन से पहुंचना सस्ता पड़ता है, जहां कुल खर्च 2 लोगों के लिए 10-15 हजार रुपये तक सीमित रह सकता है।
पहाड़ों की गोद में मनाली का जादू
हिमाचल प्रदेश का मनाली गर्मी से जूझते लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। यहां रोहतांग पास और सोलांग वैली में मई तक बर्फ देखने को मिलती है, जबकि तापमान 10-25 डिग्री रहता है। ठंडी हवा और हरे-भरे जंगल आने वालों को स्वर्ग जैसा अहसास देते हैं। दिल्ली से HRTC वॉल्वो बस मात्र 1200 रुपये में 12 घंटे में पहुंचा जा सकता है।
स्थानीय होमस्टे 1200 रुपये राताना मिल जाते हैं, जहां पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसे एडवेंचर 1500-2000 रुपये में उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर 3 दिन की ट्रिप प्रति व्यक्ति 7-10 हजार में हो जाती है। परिवारों के लिए ओल्ड मनाली का शांत इलाका बेस्ट है, जहां सेब के बागानों में टहलना लुत्फ देता है। पर्यटक अधिकारी बताते हैं कि इस सीजन में मनाली में 30% ज्यादा विजिटर आ रहे हैं।
शिमला: ब्रिटिश हेरिटेज का ठंडा संगम
शिमला, हिमाचल की रानी, गर्मियों में 15-25 डिग्री का सुहावना मौसम रखती है। मॉल रोड की चहल-पहल, जाखू मंदिर का शानदार नजारा और टॉय ट्रेन का सफर इसे अविस्मरणीय बनाते हैं। कुफरी में हॉर्स राइडिंग और स्कीइंग का मजा ले सकते हैं। दिल्ली से बस 800 रुपये या ट्रेन 500 रुपये में पहुंचें, स्टे 1500 रुपये राताना। 3 दिन का खर्च 6-9 हजार प्रति व्यक्ति। खास बात ये है कि यहां लोकल बाजार सस्ते हैं, जहां ऊनी कपड़े और हस्तशिल्प 500 रुपये से शुरू हो जाते हैं। कपल्स और फैमिलीज के लिए रिज पर सैर सबसे रोमांचक है।
दक्षिण की ठंडक: मुन्नार और ऊटी
दक्षिण भारत में केरल का मुन्नार चाय बागानों की हरियाली और 20-28 डिग्री तापमान से नेचर लवर्स को बुलाता है। एराविकुलम नेशनल पार्क में नीलगिरी तहर देखें, जहां ठंडी हवा सांसों में बस जाती है। दिल्ली से फ्लाइट 5-7 हजार में, लोकल बस से मुन्नार। बजट 10-12 हजार (3 दिन)। ऊटी, तमिलनाडु की ‘हिल क्वीन’, बॉटनिकल गार्डन, ऊटी झील और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है। फैमिली ट्रिप के लिए बोटिंग और चॉकलेट म्यूजियम हिट हैं। कुल खर्च 8-12 हजार।
नैनीताल और माउंट आबू: नजदीकी राहत
दिल्ली वालों के लिए उत्तराखंड का नैनीताल परफेक्ट है। 15-25 डिग्री तापमान, झील में बोटिंग और मॉल रोड की शॉपिंग। बस से 700 रुपये, स्टे 1000 राताना। ऋषिकेश का शांत योगा वाइब और मसूरी की ठंडी वादियां भी नजदीक हैं। राजस्थान में माउंट आबू 20-30 डिग्री रखता है, नक्की झील और दिलवाड़ा जैन मंदिर प्रमुख हैं। जयपुर से बस 500 रुपये। ये जगहें कम बजट (4-7 हजार) में 2-3 दिन का सुकून देती हैं।
बेंगलुरु का शहरी कूलनेस
बेंगलुरु साल भर 20-28 डिग्री रखता है। कब्बन पार्क, बैंगलोर पैलेस और लोकल फूड ट्राई करें। फ्लाइट 4-6 हजार, होमस्टे 1000 राताना। 2 दिन का खर्च 10-15 हजार। लोकल ट्रांसपोर्ट चुनें, एडवांस बुकिंग करें, सनस्क्रीन-जैकेट साथ रखें। अप्रैल अंत में 25 हजार में 7 ऑफबीट जगहें कवर हो सकती हैं। ये डेस्टिनेशन्स न सिर्फ गर्मी से राहत देंगी, बल्कि यादगार बनेंगी। जल्द प्लान बनाएं, क्योंकि बुकिंग्स बढ़ रही हैं।





