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Cash Limit at Home: घर पर कितना ‘कैश’ रखना है कानूनी? इनकम टैक्स के इन कड़े नियमों को जान लें वरना खानी पड़ सकती है जेल की हवा

डिजिटल युग में भी लाखों लोग घरों में कैश रखते हैं, मगर इनकम टैक्स की छापों से दहशत। कोई तय लिमिट नहीं- चाहे करोड़ों रखें, स्रोत साबित हो तो सुरक्षित। वरना 84% टैक्स, भारी पेनल्टी या 7 साल जेल! धारा 269ST से 2 लाख+ कैश लेन-देन। सावधानी बरतें, डिजिटल जाएं।

By Pinki Negi

income tax rules for keeping cash at home limit penalty

जमाना भले ही डिजिटलाइजेशन की ओर तेजी से बढ़ रहा हो। शॉपिंग से लेकर पेमेंट तक सब कुछ ऑनलाइन हो गया है, UPI और डिजिटल वॉलेट ने नकदी की जरूरत को काफी कम कर दिया है, लेकिन आज भी लाखों लोग घरों में कैश रखते हैं। सुरक्षा की चाह में तिजोरियां भर ली जाती हैं, छोटे-मोटे लेन-देन के लिए नोटों का ढेर लगाया जाता है। मगर इनकम टैक्स विभाग की छापामारियों की खबरें अक्सर सुर्खियां बनती रहती हैं।

बैंगलोर में एक व्यापारी के घर से 5 करोड़ कैश बरामद हुआ, मुंबई में एक डॉक्टर की तिजोरी से 2 करोड़ निकले- ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है: घर पर कानूनी तौर पर कितना कैश रख सकते हैं? आइए, इनकम टैक्स के इन कठोर नियमों की गहराई में उतरते हैं, वरना एक गलत कदम जेल की हवा खाने को मजबूर कर सकता है।

कैश रखने की कोई तय लिमिट नहीं

क्या कैश रखने की भी कोई लिमिट है? सबसे पहला जरूरी सवाल यही है। इनकम टैक्स विभाग ने घर में कैश रखने पर कोई तय सीमा नहीं लगाई है। चाहे 10 लाख हों या 10 करोड़, कानूनन रखना गैरकानूनी नहीं। शर्त महज इतनी है कि रकम वैध आय का हिस्सा साबित हो सके। अगर आप सैलरी, बिजनेस प्रॉफिट, इन्वेस्टमेंट रिटर्न या विरासत से कमाई साबित कर दें- ITR, बैंक स्टेटमेंट, अकाउंट बुक या लीगल डॉक्यूमेंट्स से- तो कोई दिक्कत नहीं।

समस्या तब खड़ी होती है, जब जांच के दौरान स्रोत स्पष्ट न हो। इसे ‘अघोषित आय’ या अनएक्सप्लेन्ड इनकम मान लिया जाता है। नोटबंदी के बाद से विभाग सख्त हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में 5,000 से ज्यादा छापों में 15,000 करोड़ से अधिक का ब्लैक मनी पकड़ा गया।

स्रोत न साबित होने पर भारी कीमत

दिक्कतें स्रोत साबित न करने पर ही शुरू होती हैं। मान लीजिए, छापे में 50 लाख कैश मिला। अगर आप ITR में केवल 20 लाख की कमाई दिखा चुके हैं, तो बाकी 30 लाख पर तुरंत कार्रवाई। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 69 के तहत इसे अनएक्सप्लेन्ड इन्वेस्टमेंट माना जाता है। टैक्स की गणना पहले 30% बेस रेट से होती है, फिर सरचार्ज (15-37% तक हाई इनकम पर) और 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस जोड़ दिया जाता है। कुल मिलाकर 84% तक टैक्स लग सकता है।

उदाहरण लें- 10 लाख के कैश पर 8.4 लाख टैक्स, प्लस बराबर पेनल्टी। नोटबंदी दौर में यह 137% तक पहुंच चुका था। इतना ही नहीं, जानबूझकर छिपाने पर धारा 271(1)(c) के तहत 100-300% पेनल्टी। गंभीर मामलों में धारा 276C लागू हो जाती है- 3 महीने से 7 साल तक की जेल और जुर्माना। 2025 में ही सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में 5 साल की सजा बरकरार रखी, जहां व्यापारी ने 3 करोड़ का स्रोत नहीं बता पाया।

लेन-देन पर सख्ती भरे नियम

लेन-देन के नियम और भी सख्त हैं। धारा 269ST कहती है- 2 लाख रुपये से ज्यादा कैश एक ही ट्रांजेक्शन, एक ही दिन की किस्तों या कुल मिलाकर किसी व्यक्ति/फर्म से लेना या देना पूरी तरह प्रतिबंधित। उल्लंघन पर 100% जुर्माना, यानी 2 लाख पर 2 लाख। चाहे प्रॉपर्टी डील हो या सामान खरीद- सब डिजिटल या चेक से। बैंक ट्रांजेक्शन पर भी नजर। 50,000 से ज्यादा कैश जमा या निकासी पर PAN जरूरी। सालाना 20 लाख से अधिक कैश डिपॉजिट पर Aadhaar-PAN लिंकिंग अनिवार्य।

धारा 194N के तहत 1 करोड़ से ज्यादा वार्षिक निकासी पर 2% TDS, 2 करोड़ से ऊपर 5%। प्रॉपर्टी जैसे बड़े डील में 30 लाख से ज्यादा कैश पेमेंट पर तुरंत रडार। CBDT के 2026 गाइडलाइंस में AIS (एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट) को और सशक्त किया गया है- बैंक, प्रॉपर्टी रजिस्ट्री, शेयर ट्रेडिंग सब आपकी कमाई से मेल खाएगा।

छापों का बढ़ता सिलसिला क्यों?

क्यों बढ़ रही हैं छापेमारियां? डिजिटल इंडिया के दौर में कैश ट्रांजेक्शन ट्रेसेबल नहीं होते। विभाग AIR (ए्नुअल इन्फॉर्मेशन रिटर्न) से हाई वैल्यू डील ट्रैक करता है। अगर आपका ITR 10 लाख का है, लेकिन प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में 50 लाख का डील- फ्लैग हो जाएगा। 2025-26 बजट में ब्लैक मनी पर विशेष फोकस रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू कैश 10-15 लाख से ऊपर रखना रिस्की है, खासकर बिना डॉक्यूमेंट्स के। वकील राजेश अग्रवाल कहते हैं, “स्रोत साबित न हो तो 90% मामलों में नोटिस आता है।”

बचाव की आसान सलाहें

सलाह सीधी है- कैश न्यूनतम रखें। बैंक FD, म्यूचुअल फंड या गोल्ड में निवेश करें। हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रखें- इनवॉइस, रसीदें। डिजिटल पेमेंट से न सिर्फ सुरक्षित, बल्कि टैक्स छूट भी मिलती है। अगर छापा पड़ गया तो घबराएं नहीं- CA से सलाह लें, 90 दिनों में रिस्पॉन्स दें। याद रखें, कानून कैश रखने की इजाजत देता है, लेकिन पारदर्शिता की मांग करता है। आज के दौर में कैश जमा करना पुरानी आदत है, लेकिन गलत हाथों में पड़ जाए तो बर्बादी का रास्ता। सावधानी ही सुरक्षा है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।