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Bank Salary Hike: सरकारी बैंक कर्मचारियों की लॉटरी! 2027 वेतन संशोधन की तैयारी शुरू, जानें कितनी बढ़ सकती है आपकी अगली सैलरी

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते (13th Bipartite Settlement) के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वित्त मंत्रालय ने बैंकों को इस प्रक्रिया को 12 महीनों के भीतर पूरा करने को कहा है, ताकि 1 नवंबर 2027 से प्रभावी होने वाला वेतन संशोधन बिना किसी देरी के समय पर लागू हो सके।

By Pinki Negi

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आज के दौर में जब महंगाई दर लगातार अपने पैर पसार रही है, नौकरीपेशा वर्ग के लिए उनकी सैलरी का समय पर बढ़ना न केवल आर्थिक सुरक्षा का विषय है, बल्कि उनके मनोबल को ऊंचा रखने के लिए भी बेहद आवश्यक है। विशेष रूप से बैंकिंग क्षेत्र, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, वहां काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन (Wage Revision) एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसी संवेदनशीलता को समझते हुए भारत सरकार ने एक सकारात्मक पहल की है।

सरकार ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks – PSBs) को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की अगली प्रक्रिया, जिसे ’13वां बाइ-पार्टाइट सेटलमेंट’ (13th Bipartite Settlement) कहा जाता है, उसे लेकर किसी भी प्रकार की देरी न करें।

समयबद्ध निष्पादन का लक्ष्य

सरकार की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है- वह चाहती है कि बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों को नया वेतन उनकी देय तिथि पर ही मिल जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की अनिश्चितता या वित्तीय विलंब का सामना न करना पड़े। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने हाल ही में बैंक प्रमुखों को एक औपचारिक निर्देश जारी किया है। इस निर्देश में कहा गया है कि वेतन वृद्धि से जुड़ी बातचीत की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए और इसे अधिकतम 12 महीनों के भीतर अंतिम रूप दिया जाए। यह कवायद इसलिए की जा रही है ताकि 1 नवंबर 2027 से लागू होने वाला आगामी वेज रिवीजन समयबद्ध तरीके से प्रभावी हो सके।

द्विपक्षीय समझौते की प्रक्रिया

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और प्रमुख वित्तीय संस्थानों में वेतन संशोधन की एक स्थापित परंपरा है, जिसके तहत हर पांच साल में कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन को महंगाई और बाजार के बदलते रुझानों के अनुरूप रिवाइज किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) मुख्य भूमिका निभाता है। IBA कर्मचारियों की विभिन्न यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ गहन बातचीत (Negotiation) करता है, जिसके बाद आपसी सहमति से एक वेज एग्रीमेंट तैयार होता है।

पिछली चुनौतियों से सबक

इस बार सरकार द्वारा समय सीमा तय करने का निर्णय पिछले अनुभवों से लिए गए सबक का परिणाम है। अक्सर यह देखा गया है कि सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद भी नियमों में बदलाव (Regulatory Amendments) को लागू करने में लंबा वक्त लग जाता है, जिससे कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ में देरी होती है।

सरकार इस बार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नेगोशिएशन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही जरूरी बदलाव भी कर लिए जाएं, ताकि 1 नवंबर 2027 की तय तारीख से ही कर्मचारियों को उनका हक मिल सके। यह बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता लाने के साथ-साथ कर्मचारियों के बीच असंतोष को कम करने का एक प्रभावी तरीका भी है।

बैंकों का बढ़ता हुआ वित्तीय मुनाफा

पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों के प्रदर्शन में आया सुधार इस वेतन संशोधन की मांग को और भी तार्किक बनाता है। अगर हम हालिया आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि सरकारी बैंक न केवल घाटे से उभरे हैं, बल्कि उन्होंने रिकॉर्ड मुनाफा भी दर्ज किया है। वित्तीय वर्ष 2023 में सरकारी बैंकों का कुल मुनाफा 1.05 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024 में बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये और 2025 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह निरंतर सुधार बैंकों की बेहतर एसेट क्वालिटी, बढ़ते कर्ज वितरण और मजबूत कैपिटल बफर का प्रमाण है।

बैलेंस शीट में आई मजबूती

बैलेंस शीट के मोर्चे पर भी सरकारी बैंक बेहद मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, बैंकों का सकल एनपीए (Gross NPA) घटकर 2.30 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है, जबकि नेट एनपीए लगभग 3 प्रतिशत के आसपास रहा है। इसके अलावा, प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो का 94.63 प्रतिशत तक पहुंचना यह दर्शाता है कि बैंक अब किसी भी संभावित जोखिम को संभालने के लिए पहले से कहीं अधिक सक्षम हैं।

वित्तीय वर्ष 2026 की पहली छमाही में 15.96 प्रतिशत का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो इस बात की पुष्टि करता है कि बैंकों की वित्तीय नींव अब बहुत ठोस हो चुकी है, जो कर्मचारियों की बेहतर वेतन वृद्धि का आधार बन सकती है।

वेतन वृद्धि का लाभ किसे मिलेगा?

13वें वेज सेटलमेंट का सीधा लाभ देश भर के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रिया का प्रभाव पुराने निजी बैंकों और कुछ चुनिंदा विदेशी बैंकों के उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जो इसी प्रकार के वेतन समझौतों और बैंकिंग मानकों के दायरे में आते हैं।

कुल मिलाकर, यह कदम न केवल बैंकिंग सेवा को अधिक आकर्षक बनाएगा, बल्कि देश के वित्तीय संस्थानों में कार्यक्षमता और जवाबदेही को भी नई गति प्रदान करेगा। कर्मचारियों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि अब उनके पास उम्मीद है कि उनकी मेहनत का फल उन्हें समय पर और पूरे सम्मान के साथ मिलेगा।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।